India-US joint military exercise Vajra Prahar 2026
संदर्भ:
हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच विशेष सैन्य सहयोग आधारित संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘वज्र प्रहार 2026’ का 16वां संस्करण हिमाचल प्रदेश के बकलोह में शुरू हुआ। यह 21-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक चलेगा।
- स्थान: हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित विशेष बल प्रशिक्षण विद्यालय (SFTS) में आयोजित किया जा रहा है।
- सहभागी दल: भारतीय सेना की ओर से स्पेशल फोर्सेज (PARA SF) के 45 जवान और अमेरिकी सेना की ओर से प्रसिद्ध ग्रीन बेरेट्स (Green Berets) के 12 जवान हिस्सा ले रहे हैं।
- संस्करण: यह इस द्विपक्षीय श्रृंखला का 16वां संस्करण है। पिछला (15वां) संस्करण नवंबर 2024 में अमेरिका के इडाहो में आयोजित हुआ था।
‘वज्र प्रहार’ (Vajra Prahar) के बारे में:
- परिचय: ‘वज्र प्रहार’ (Vajra Prahar) भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के विशेष बलों (Special Forces) के बीच आयोजित होने वाला एक प्रमुख वार्षिक सैन्य अभ्यास है। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माना जाता है।
- शुरुआत: इस अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी।
- उद्देश्य: इसका प्राथमिक लक्ष्य आतंकवाद विरोधी अभियानों में साझा सैन्य रणनीति विकसित करना और दोनों देशों के ‘स्पेशल फोर्सेज’ के बीच अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को बढ़ावा देना है।
- प्रारूप: यह अभ्यास बारी-बारी से भारत और अमेरिका में आयोजित किया जाता है। भारत में यह अक्सर हिमाचल प्रदेश के बकलोह या राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में होता है।
अभ्यास के प्रमुख उद्देश्य:
- इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability): दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभियानों के दौरान तालमेल और कार्यक्षमता को बढ़ाना।
- पर्वतीय युद्ध कौशल: हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में विशेष बल अभियानों, जैसे कि गुप्त घुसपैठ, हवाई संचालन और उच्च ऊंचाई वाले युद्ध के अनुभवों का आदान-प्रदान करना।
- आतंकवाद विरोधी रणनीति: आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में दोनों देशों की सर्वोत्तम प्रथाओं और तकनीकों को साझा करना।
- रणनीतिक साझेदारी: भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाना।
प्रशिक्षण का फोकस क्षेत्र:
- रणनीतिक तालमेल: यह अभ्यास दोनों देशों के बीच ‘Major Defense Partnership’ को मजबूती प्रदान करता है। यह केवल सैन्य ड्रिल नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के प्रति एक साझा राजनीतिक संदेश भी है।
- विशेष बल प्रशिक्षण: इसमें भारतीय सेना के पैरा एसएफ (Para SF) और अमेरिकी सेना के ‘ग्रीन बेरेट्स’ (Green Berets) हिस्सा लेते हैं। प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र कठिन भौगोलिक परिस्थितियों (पहाड़, जंगल या मरुस्थल) में गुप्त घुसपैठ और सटीक हमलों पर होता है।
- तकनीकी साझाकरण: अभ्यास के दौरान उन्नत हथियार प्रणालियों, संचार उपकरणों और आधुनिक निगरानी तंत्र (जैसे ड्रोन और थर्मल इमेजिंग) के उपयोग का अनुभव साझा किया जाता है।
भारत और अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यासों की सूची:
- युद्ध अभ्यास (Yudh Abhyas): यह दोनों सेनाओं के बीच होने वाला सबसे बड़ा वार्षिक थल सेना अभ्यास है। इसकी शुरुआत 2004 में हुई थी। हाल ही में इसका 21वां संस्करण सितंबर 2025 में अलास्का, अमेरिका में आयोजित किया गया था।
- मालाबार (Malabar): यह एक महत्वपूर्ण नौसैनिक अभ्यास है। हालांकि यह 1992 में भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रूप से शुरू हुआ था, लेकिन अब इसमें जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं (क्वाड देश)।
- कोप इंडिया (Cope India): यह दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच आयोजित होने वाला अभ्यास है। इसमें लड़ाकू विमानों के संचालन और हवाई युद्ध कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है।
- टाइगर ट्राइंफ (Tiger Triumph): यह भारत और अमेरिका के बीच पहला त्रि-सेवा (Tri-service) अभ्यास है, जिसमें थल, जल और वायु तीनों सेनाएं हिस्सा लेती हैं। इसका मुख्य फोकस मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियानों पर होता है।
- संगम (Sangam): यह मुख्य रूप से भारतीय नौसेना के मार्कोस (MARCOS) और अमेरिकी नेवी सील्स (Navy SEALs) के बीच एक संयुक्त विशेष बल अभ्यास है।
- रिमपैक (RIMPAC): यह अमेरिका द्वारा आयोजित दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास है, जिसमें भारतीय नौसेना नियमित रूप से भाग लेती है।

