Mobile lab launched to ensure quality of National Highways
संदर्भ:
हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में ‘विश्व स्तरीय गुणवत्ता’ सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल क्वालिटी कंट्रोल वैन (MQCVs) या मोबाइल लैब की शुरुआत की।
मोबाइल लैब क्या हैं?
मोबाइल लैब, जिसे मोबाइल क्वालिटी कंट्रोल वैन (MQCV) भी कहा जाता है, एक चलता-फिरता प्रयोगशाला केंद्र है जिसे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गुणवत्ता को तुरंत और सटीक रूप से जांचने के लिए शुरू किया है।
इसकी मुख्य विशेषताएं:
- ऑन-द-गो टेस्टिंग: यह वैन निर्माण स्थल पर पहुँचकर सीधे सड़क और कंक्रीट की गुणवत्ता का परीक्षण करती है, जिससे लैब रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ता।
- एडवांस उपकरण: इसमें नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग (NDT) उपकरण लगे होते हैं जो बिना सड़क को तोड़े उसकी मजबूती मापते हैं:
- अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी मीटर: कंक्रीट के अंदर छिपी दरारों और कमियों का पता लगाने के लिए।
- रिबाउंड हैमर: सतह की कठोरता और कंक्रीट की ताकत मापने के लिए।
- एस्फाल्ट डेंसिटी गेज: डामर के घनत्व की तत्काल जांच के लिए।
- रिफ्लेक्टोमीटर: सड़क के संकेतों और मार्किंग की रात में दृश्यता जांचने के लिए।
- डिजिटल मॉनिटरिंग: इन वैनों को GPS से ट्रैक किया जाता है और इनकी रिपोर्ट नेशनल हाईवे क्वालिटी मॉनिटरिंग पोर्टल पर रियल-टाइम में अपलोड की जाती है।
- संस्थागत सहयोग: हाल ही में National Test House (NTH) और NHAI के बीच एक समझौता (MoU) हुआ है, जिसके तहत स्वतंत्र थर्ड-पार्टी टेस्टिंग को और मजबूती मिलेगी।
- पायलट चरण: इसे वर्तमान में चार राज्यों—राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और ओडिशा—में सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
- विस्तार योजना: सरकार जून 2026 तक इसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और तमिलनाडु सहित 11 अन्य राज्यों में विस्तारित करने की योजना बना रही है।
महत्व:
- तत्काल सुधारात्मक कदम: ये वैन निर्माण स्थल पर ही ऑन-साइट रिपोर्ट देती हैं, जिससे खराब निर्माण को तुरंत रोका जा सकता है। इससे प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद होने वाली तोड़-फोड़ और अतिरिक्त खर्च की बचत होती है।
- भ्रष्टाचार पर अंकुश: डेटा को सीधे केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड करने और जीपीएस ट्रैकिंग के कारण निरीक्षण प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होता है, जिससे ठेकेदारों की जवाबदेही तय होती है।
- सड़क सुरक्षा में वृद्धि: ये वैन सतह की पकड़ और संकेतों की चमक (Reflectivity) की सटीक जांच करती हैं, जो सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है।
- आर्थिक दक्षता: टिकाऊ सड़कों के निर्माण से भविष्य में मरम्मत का बोझ कम होता है। यह National Master Plan के तहत भारत की लॉजिस्टिक्स लागत को कम कर वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाता है।

