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DGCA के गैर-निर्धारित विमान संचालक संबंधी सुरक्षा नियम (DGCA non-scheduled aircraft operator safety regulations) | UPSC Preparation

DGCA non-scheduled aircraft operator safety regulations

DGCA non-scheduled aircraft operator safety regulations

संदर्भ:

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हाल ही में चार्टर विमानों और एयर एम्बुलेंस जैसी गैर-निर्धारित उड़ान सेवाओं (NSOP) के लिए सुरक्षा नियमों को अत्यधिक सख्त कर दिया है। डीजीसीए ने इससे संबंधित विस्तृत सुरक्षा नियम जारी किए हैं।

DGCA के नए कड़े दिशा-निर्देश:

  • जवाबदेही का स्थानांतरण: DGCA ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा चूक के लिए केवल पायलटों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अब संबंधित कंपनी के ‘जवाबदेह प्रबंधक’ (Accountable Managers) और वरिष्ठ नेतृत्व को प्रणालीगत विफलताओं के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।
  • सार्वजनिक प्रकटीकरण (Mandatory Disclosures): सभी NSOP संचालकों को अब अपनी वेबसाइट पर विमान की आयु (Age), रखरखाव का इतिहास (Maintenance History) और पायलटों के अनुभव का विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।
  • सुरक्षा रैंकिंग तंत्र: DGCA जल्द ही सभी गैर-निर्धारित संचालकों के लिए एक ‘सेफ्टी रैंकिंग’ प्रणाली शुरू करेगा। यह रैंकिंग डेटा और ऑडिट पर आधारित होगी और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी, जिससे यात्री बेहतर निर्णय ले सकें।
  • सख्त दंड प्रावधान: नियमों का उल्लंघन करने वाले पायलटों का लाइसेंस अब 5 वर्ष तक के लिए निलंबित किया जा सकता है। साथ ही, मानकों पर खरा न उतरने वाले संचालकों के परमिट भी रद्द किए जा सकते हैं।
  • कमांडिंग ऑफिसर की सर्वोच्चता: उड़ान भरने, उसे मोड़ने या रद्द करने का अंतिम निर्णय पूरी तरह से पायलट-इन-कमांड का होगा। किसी भी प्रकार के व्यावसायिक दबाव या वीआईपी मूवमेंट (VIP Movement) को सुरक्षा से ऊपर नहीं रखा जाएगा।
  • गहन ऑडिट और निगरानी: पुराने विमानों और स्वामित्व बदलने वाले विमानों की विशेष निगरानी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और तकनीकी लॉग का रैंडम ऑडिट तेज किया जाएगा ताकि डेटा के साथ छेड़छाड़ को पकड़ा जा सके।

इसकी आवश्यकता क्यों?

  • हालिया दुर्घटनाएं: पिछले कुछ महीनों में झारखंड में एयर एम्बुलेंस दुर्घटना और महाराष्ट्र में चार्टर विमान क्रैश जैसी छोटे विमानों और हेलीकॉप्टरों की दुर्घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिसने सुरक्षा ऑडिट की कमियों को उजागर किया है। 
  • SOP का उल्लंघन: डेटा विश्लेषण से पता चला है कि अधिकांश दुर्घटनाएं मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के पालन न करने और खराब उड़ान योजना के कारण होती हैं।
  • मौसम संबंधी निर्णय: DGCA के अनुसार, कई दुर्घटनाएं खराब मौसम के बजाय पायलटों के ‘गलत निर्णय’ (Poor Judgment) के कारण होती हैं। अब संचालकों के लिए रीयल-टाइम मौसम अपडेट सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य होगा।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA):

  • परिचय: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) भारत में नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में प्रमुख नियामक संस्था है, जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत कार्य करती है।
  • वैधानिक दर्जा: ‘विमान (संशोधन) अधिनियम, 2020’ के तहत इसे एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) का दर्जा दिया गया है।
  • मुख्य कार्य: यह हवाई परिवहन सेवाओं के नियमन, विमानों के पंजीकरण, पायलटों को लाइसेंस जारी करने और उड़ान सुरक्षा मानकों (Flight Safety Standards) को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: यह अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों के साथ भारतीय नियमों का समन्वय सुनिश्चित करता है।
  • मुख्यालय: इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

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