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नई कीट प्रजाति कॉन्टैरीनिया आईसीार्डिफ्लोरेस की खोज (Discovery of new insect species Contarinia icardiflorus) | UPSC

Discovery of new insect species Contarinia icardiflorus

Discovery of new insect species Contarinia icardiflorus

संदर्भ:

हाल ही में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों ने चमेली (Jasmine) की खेती को नुकसान पहुँचाने वाले एक नए कीट की खोज की है, जिसे Contarinia icardiflores नाम दिया गया है।

कॉन्टैरीनिया आईसीार्डिफ्लोरेस के बारे में:

  • संस्थान: इस कीट की खोज भाकृअनुप-पुष्प कृषि अनुसंधान निदेशालय (ICAR-DFR), पुणे के वैज्ञानिकों द्वारा की गई है।
  • नाम का अर्थ: इस प्रजाति का नाम ‘icardiflores’ इसके खोजकर्ता संस्थान ICAR-DFR के सम्मान में रखा गया है (ICAR-DFR + Flores)।
  • वैज्ञानिक वर्गीकरण: यह Cecidomyiidae परिवार से संबंधित है, जिन्हें ‘गॉल मिज’ (Gall Midges) या ‘ब्लॉसम मिज’ (Blossom Midge) कहा जाता है।

विशेषताएं:

  • आकार: यह एक अत्यंत सूक्ष्म कीट है, जिसकी लंबाई मात्र 1.5 से 2 मिमी होती है, जिससे इसे नग्न आंखों से पहचानना कठिन होता है।
  • जीवन चक्र: इसका जीवन चक्र बहुत छोटा (16 से 21 दिन) होता है, जिससे इसकी संख्या बहुत तेजी से बढ़ती है।
  • आनुवंशिक विशिष्टता: हालांकि यह दिखने में Contarinia maculipennis (चमेली का एक अन्य कीट) जैसा है, लेकिन DNA बारकोडिंग और Mitochondrial COI gene sequencing से पुष्टि हुई है कि यह एक नई और आनुवंशिक रूप से भिन्न प्रजाति है।
  • भौगोलिक विस्तार: यह महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे प्रमुख चमेली उत्पादक राज्यों में देखा गया है।

आर्थिक प्रभाव:

  • लक्षित फसल: यह मुख्य रूप से Jasminum sambac (अरबियन जैस्मिन) की कलियों को प्रभावित करता है।  कीट का लार्वा फूल की कली के अंदर विकसित होता है और उसके आंतरिक ऊतकों को खाता है। इससे कलियाँ फूलने से पहले ही रंगहीन होकर सड़ जाती हैं।
  • आर्थिक हानि: भारत विश्व में चमेली का एक प्रमुख निर्यातक है। इस कीट के कारण फूलों की गुणवत्ता और पैदावार में भारी गिरावट आती है, जिससे इत्र और माला उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

महत्व:

  • एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM): इसकी खोज से वैज्ञानिकों को अधिक लक्षित और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) नियंत्रण रणनीतियाँ विकसित करने में मदद मिलेगी।
  • एकीकृत वर्गीकरण (Integrative Taxonomy): यह खोज रूपात्मक (Morphological) और आणविक (Molecular) उपकरणों के संयुक्त उपयोग के महत्व को दर्शाती है।
  • भारत में चमेली (Jasmine) एक प्रमुख वाणिज्यिक पुष्प फसल है, जिसका सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व अत्यधिक है। 
  • तमिलनाडु भारत में चमेली का सबसे बड़ा उत्पादक है (कुल उत्पादन का लगभग 75%), इसके बाद कर्नाटक और आंध्र प्रदेश का स्थान है। मदुरै अपनी विशिष्ट ‘मदुरै मल्ली’ के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
  • भारत में चमेली की 80 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें से तीन मुख्य हैं: Jasminum sambac (अरबियन जैस्मिन), J. auriculatum, और J. grandiflorum (स्पेनिश जैस्मिन)।
  • चमेली का उपयोग मुख्य रूप से माला बनाने, धार्मिक अनुष्ठानों, इत्र उद्योग और औषधीय प्रयोजनों के लिए किया जाता है। 
  • भारत से इसका निर्यात संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों में बड़े पैमाने पर होता है।

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