अंतर्राष्ट्रीय आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन
संदर्भ:
हाल ही में सेशेल्स आधिकारिक रूप से ‘आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन’ (Coalition for Disaster Resilient Infrastructure – CDRI) में शामिल हुआ।
आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन (CDRI) क्या हैं?
- परिचय: यह राष्ट्रीय सरकारों, संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों, बहुपक्षीय विकास बैंकों, निजी क्षेत्रों और शैक्षणिक संस्थानों की एक बहु-हितधारक वैश्विक साझेदारी है।
- इसे भारत के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर शुरू किया गया था।
- स्थापना (Establishment): इसकी स्थापना आधिकारिक तौर पर सितंबर 2019 में न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन (UN Climate Action Summit) के दौरान की गई थी।
- मुख्यालय और सचिवालय (Secretariat): सीडीआरआई का स्थायी वैश्विक सचिवालय (Secretariat) नई दिल्ली, भारत में स्थित है।
- प्राथमिक उद्देश्य (Core Objective): इसका मुख्य उद्देश्य जलवायु और आपदा जोखिमों के प्रति नए और मौजूदा बुनियादी ढांचा प्रणालियों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है।
- वैश्विक सदस्यता (Global Membership): जून 2026 तक इस गठबंधन में दुनिया भर के 40 से अधिक देश और कई अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हो चुके हैं।
- गैर-बाध्यकारी प्रकृति (Non-binding Nature): यह गठबंधन अधिकारों और दायित्वों पर आधारित नहीं है; इसके निर्णय और मानक सदस्य देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं।
- सेंडाई फ्रेमवर्क का समर्थन (Sendai Framework): यह पहल आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय ‘सेंडाई फ्रेमवर्क’ (Sendai Framework) के लक्ष्यों को पूरा करने में सहयोग करती है।
- जलवायु अनुकूलन (Climate Adaptation): वैश्विक तापमान वृद्धि के कारण आने वाले चक्रवात, बाढ़ और हीटवेव जैसी चरम मौसम घटनाओं से बुनियादी ढांचे को बचाना इसका मुख्य फोकस है।
- ज्ञान साझाकरण मंच (Knowledge Platform): यह सदस्य देशों को आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का मंच प्रदान करता है।
- वित्तपोषण तंत्र (Financing Mechanism): यह बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में आपदा जोखिमों को कम करने के लिए सार्वजनिक और निजी दोनों निवेशों को बढ़ावा देता है।
- क्षमता निर्माण योजना (Capacity Building): सदस्य देशों में आपदा प्रतिरोधी क्षमता विकसित करने के लिए विशेषज्ञों और इंजीनियरों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करना।
- महत्वपूर्ण क्षेत्र फोकस (Sectoral Focus): इसके तहत बिजली ग्रिड, दूरसंचार नेटवर्क, परिवहन मार्ग (सड़क, रेलवे) और शहरी आवास प्रणालियों को सुरक्षित बनाने पर ध्यान दिया जाता है।
- अकादमिक विनिमय कार्यक्रम (IRAX Initiative): इसके तहत ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस एकेडमिक एक्सचेंज’ की शुरुआत की गई है, जो इस क्षेत्र में शोध और नई प्रतिभाओं को बढ़ावा देता है।
भारत और CDRI:
- भारतीय नेतृत्व और कूटनीति (India’s Global Leadership): ‘अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन’ (ISA) के बाद सीडीआरआई भारत के नेतृत्व में शुरू की गई दूसरी सबसे बड़ी वैश्विक जलवायु पहल है।
- वित्तीय और प्रशासनिक सहायता (Financial Backing): भारत सरकार ने इस गठबंधन के शुरुआती संचालन और नई दिल्ली स्थित सचिवालय के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹480 करोड़ का विशेष बजटीय फंड आवंटित किया था।
- मेजबान देश का दर्जा (Host Country Agreement): भारत ने सीडीआरआई को एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में मान्यता दी है, जिससे इसे संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं के समान कूटनीतिक विशेषाधिकार प्राप्त हैं।
- वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICDRI Conference): भारत हर साल नई दिल्ली में ‘आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन’ (ICDRI) की मेजबानी करता है, जिसका छठा संस्करण हाल ही में आयोजित हुआ।
- भारतीय तकनीकी संस्थानों का योगदान (Technical Collaboration): भारत के आईआईटी (IITs) और एनडीएमए (NDRF/NDMA India) जैसी राष्ट्रीय एजेंसियां सदस्य देशों को तकनीकी समाधान और आपदा तैयारियों की रणनीतियां प्रदान कर रही हैं।
- पड़ोसी देशों और वैश्विक दक्षिण को सहयोग (Global South Support): भारत इस मंच का उपयोग अपने पड़ोसी देशों (जैसे नेपाल, श्रीलंका) और सेशेल्स जैसे रणनीतिक सहयोगियों को आपदा मुक्त भविष्य देने के लिए कर रहा है।
FAQs:
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CDRI क्या है?
सीडीआरआई (CDRI) जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव से वैश्विक बुनियादी ढांचे को सुरक्षित करने वाली एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक साझेदारी है।
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CDRI की स्थापना कब हुई?
इसकी स्थापना सितंबर 2019 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन (UN Climate Action Summit) के दौरान भारत द्वारा की गई थी
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CDRI का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य आपदाओं के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करना और प्रतिरोधी बुनियादी ढांचा प्रणालियों का विकास करना है।
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CDRI में भारत की क्या भूमिका है?
भारत इस गठबंधन का संस्थापक और वैश्विक प्रणेता है। इसका मुख्य मुख्यालय और सचिवालय भी नई दिल्ली में स्थित है।
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आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचा क्यों आवश्यक है?
यह चरम जलवायु घटनाओं के दौरान बिजली, संचार, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं को ठप होने से बचाने और आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है।
