उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026
संदर्भ:
हाल ही में यूपी कैबिनेट ने ‘उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026’ (UP Data Center Policy 2026) को आधिकारिक मंजूरी दी। यह नीति पुरानी 2021 की नीति (जो 27 जनवरी 2026 को समाप्त हो गई थी) का स्थान लेगी।
उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026 के मुख्य बिंदु:
- अनावरण: वैश्विक स्तर पर चौथी औद्योगिक क्रांति को गति देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026’ का अनावरण किया.
- यह नीति राज्य की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था (One-Trillion-Dollar Economy) बनने के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत कदम है.
- उद्देश्य: नीति का प्राथमिक लक्ष्य राज्य को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, पर्यावरण-अनुकूल (Green) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुकूल (AI-Ready) डिजिटल हब के रूप में स्थापित करना है.
- राज्य में ₹2 लाख करोड़ से अधिक का डेटा सेंटर निवेश (Data Center Investment) लाना.
- उत्तर प्रदेश में 2 गीगावाट (2 GW) से अधिक की नई डेटा सेंटर क्षमता का विकास करना.
- पिछड़े क्षेत्रों, विशेष रूप से बुंदेलखंड और पूर्वांचल में आईटी निवेश (IT Investment) को प्रोत्साहित करना.
- कार्यान्वयन रणनीति: नीति को धरातल पर उतारने के लिए आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग (Uttar Pradesh IT Department) नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है:
- विशेषताएं:
- एकल खिड़की प्रणाली: निवेशकों की सहूलियत के लिए ‘इन्वेस्ट यूपी’ के माध्यम से सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और समयबद्ध मंजूरियां सुनिश्चित की जाएंगी.
- डेटा सेंटर इकोनॉमिक ज़ोन: राज्य स्तर पर विशिष्ट आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी, जहाँ समर्पित फाइबर कनेक्टिविटी और बिजली की दोहरी ग्रिड लाइनें प्रदान की जाएंगी.
- डेटा गवर्नेंस: राज्य डेटा सेंटर प्राधिकरण (State Data Center Authority) के माध्यम से विभिन्न विभागों के डेटा को सुरक्षित एकीकृत किया जाएगा.
- तकनीकी ढांचा: उत्तर प्रदेश की इस नई प्रौद्योगिकी नीति (Technology Policy) का तकनीकी ढांचा:
- जीपीयू आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर: नीति में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU-based Infrastructure) पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो एआई इंफ्रास्ट्रक्चर (AI Infrastructure) और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बुनियादी जरूरत है.
- श्रेणीगत रेटिंग (Tier-3 & Tier-4): टियर-3 और टियर-4 रेटिंग वाले डेटा केंद्रों को उनकी उच्च उपलब्धता और विश्वसनीयता के आधार पर मानक ढांचा प्रदान किया जाएगा.
- घरेलू डेटा भंडारण: सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डेटा सुरक्षा (Data Security) और घरेलू डेटा स्टोरेज (Domestic Data Storage) के कड़े तकनीकी मानक तय किए गए हैं.
- प्रोत्साहन: वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने आकर्षक राजकोषीय पैकेज पेश किए हैं:
- सब्सिडी संरचना: बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) और लोन पर ब्याज सब्सिडी की सुविधा.
- रियायतें: भूमि आवंटन पर विशेष छूट, स्टांप शुल्क (Stamp Duty) में 100% तक की छूट और बिजली शुल्क (Electricity Duty) में दीर्घकालिक रियायतें.
- एआई कंप्यूट बूस्टर: एआई मॉडलिंग और डीप-टेक स्टार्टअप्स के साथ तालमेल बिठाने वाले डेटा केंद्रों के लिए ‘AI Compute Booster Incentives’ का विशेष प्रावधान.
महत्व:
- रोजगार सृजन: नीति के माध्यम से निर्माण चरण के दौरान करीब 50,000 अल्पकालिक (Temporary) नौकरियां और संचालन शुरू होने पर 7,500 से अधिक स्थायी दीर्घकालिक प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी.
- स्मार्ट अवसंरचना विकास: डेटा पार्कों के विकास से संबंधित शहरों में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (Smart Infrastructure) और रियल एस्टेट को भारी बूस्ट मिलेगा.
- डिजिटल इंडिया को गति: यह नीति केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया (Digital India) मिशन को राज्यों के स्तर पर सुदृढ़ आधार प्रदान करती है।
- सहयोगी ईकोसिस्टम: डेटा सेंटर्स के इर्द-गिर्द आईटी पार्क और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (Smart Infrastructure) का विकास होगा, जिससे स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।
FAQs:
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उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026 क्या है?
यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अनुमोदित नीति है, जो यूपी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी डिजिटल हब बनाने पर केंद्रित है।
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इस नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य ₹2 लाख करोड़ का निवेश लाना और 2 गीगावाट से अधिक अतिरिक्त डेटा क्षमता विकसित करना है।
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निवेशकों को क्या लाभ मिलेगा?
निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी, स्टांप शुल्क में छूट, बिजली शुल्क रियायत और एआई कंप्यूट बूस्टर प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।
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डेटा सेंटर नीति से रोजगार कैसे बढ़ेगा?
इस नीति से निर्माण के दौरान 50,000 अस्थायी और संचालन चरण में 7,500 से अधिक दीर्घकालिक नौकरियां पैदा होंगी।
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उत्तर प्रदेश को डेटा सेंटर हब बनाने की योजना क्या है?
सरकार जीपीयू-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन ऑपरेशंस और पूर्वांचल-बुंदेलखंड में अतिरिक्त रियायतें देकर इसे हब बनाएगी।
