प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ से हुए सम्मानित
संदर्भ:
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ (Bintang Adipurna Award) से सम्मानित किया गया।
- जकार्ता के राष्ट्रपति महल ‘इस्ताना मर्डेका’ में आयोजित समारोह के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उन्हें इस पदक से नवाजा।
बिंतांग आदिपूर्णा सम्मान क्या है? (What is Bintang Adipurna?)
- परिचय: ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ (Bintang Adipurna of the Republic of Indonesia) इंडोनेशिया गणराज्य का सर्वोच्च नागरिक और सैन्य सम्मान है।
- यह सम्मान ‘स्टार ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ (Bintang Republik Indonesia) की कुल पांच श्रेणियों में प्रथम एवं सर्वोच्च श्रेणी का पदक है।
- यह देश की अखंडता, राष्ट्रीय स्थिरता और समृद्धि को अक्षुण्ण बनाए रखने वाली ऐतिहासिक सेवाओं के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय अलंकरण है।
- स्थापना वर्ष: इस पुरस्कार को आधिकारिक तौर पर वर्ष 1959 में वैधानिक रूप से स्थापित किया गया था।
- पात्रता मानदंड: यह उन विदेशी नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों (Bilateral Relations), व्यापक रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक कूटनीति को मजबूत करने में अद्वितीय नेतृत्व दिखाया हो।
- इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद स्वतः ही इस सर्वोच्च श्रेणी के मेडल और कॉलर (Collar) से अलंकृत किया जाता है।
- डिजाइन: पदक मुख्य रूप से एक बहु-कोणीय सितारे (Star) के आकार का होता है, जिसे सोने और कीमती धातुओं के मिश्रण से उत्कृष्ट कलाकृति के साथ तैयार किया जाता है।
- इसका आधिकारिक सैश (Sash) और रिबन बार मुख्य रूप से पीले रंग (Yellow) की पृष्ठभूमि पर लाल (Red) और गहरे नीले (Dark Blue/Purple) रंग की पट्टियों से सुसज्जित होता है।
- इसके मध्य में इंडोनेशिया का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य “भिन्नैका तुंगल इका” (Bhinneka Tunggal Ika – विविधता में एकता) अंकित होता है।
- महत्वपूर्ण प्राप्तकर्ता: वैश्विक भू-राजनीति में ऐतिहासिक योगदान देने वाले चुनिंदा राष्ट्राध्यक्षों को ही इससे सम्मानित किया गया है:
- यूनाइटेड किंगडम: महारानी एलिजाबेथ द्वितीय
- क्यूबा: पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो
- यूगोस्लाविया: पूर्व राष्ट्रपति जोसिप ब्रोज़ टीटो
- सोवियत संघ: लियोनिद ब्रेझनेव
- पाकिस्तान: पूर्व राष्ट्रपति अयूब खान
- भारतीय व्यक्तित्व: भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने सभ्यतागत और कूटनीतिक संबंधों को दर्शाते हुए अब तक केवल दो भारतीय प्रधानमंत्रियों को यह गौरव हासिल हुआ है:
- जवाहरलाल नेहरू (1995): इंडोनेशिया की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर, गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) और एशिया-अफ्रिकी रणनीतिक एकजुटता (बांडुंग सम्मेलन 1955) में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया था।
- नरेंद्र मोदी (2026): भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ (Act East Policy) को धार देने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करने में असाधारण कूटनीतिक योगदान के लिए इस सम्मान से नवाजा गया।
भारत के लिए महत्व:
- 33वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मान: यह पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के कार्यकाल का 33वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मान (International Honour) बन गया है, जो उनकी वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है
- एक्ट ईस्ट नीति को मजबूती: भारत-इंडोनेशिया संबंध (India Indonesia Relations) भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का मुख्य स्तंभ हैं। यह सम्मान हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करता है।
- साझा मूल्यों का सम्मान: पुरस्कार ग्रहण करते हुए पीएम मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों और दोनों देशों की ऐतिहासिक एवं अटूट मित्रता को समर्पित किया।
- वैश्विक साझेदारी: इंडोनेशिया आसियान (ASEAN) क्षेत्र में भारत का एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है, और इस सम्मान से पूरे दक्षिण-पूर्वी एशिया में भारत के प्रभाव को एक नई गति मिलेगी।
FAQs:
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बिंतांग आदिपूर्णा सम्मान क्या है?
यह वर्ष 1959 में स्थापित इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो असाधारण सेवाओं के लिए दिया जाता है।
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प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान क्यों दिया गया?
पीएम मोदी को यह सम्मान भारत-इंडोनेशिया मित्रता और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके नेतृत्व के लिए मिला है।
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यह इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान क्यों माना जाता है?
क्योंकि यह देश का सर्वोच्च पदक है, जो केवल देश की एकता और समृद्धि में ऐतिहासिक योगदान देने वाले दिग्गजों को मिलता है।
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भारत-इंडोनेशिया संबंधों के लिए यह सम्मान कितना महत्वपूर्ण है?
यह सम्मान दोनों देशों के बीच गहरे आपसी विश्वास, साझा ऐतिहासिक संस्कृति और मजबूत ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का प्रतीक है।
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इससे दोनों देशों के रिश्तों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इससे रक्षा सहयोग, डिजिटल इकॉनमी, मिसाइल आपूर्ति और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी और मजबूत होगी।
