प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा Alluri Sitarama Raju International Airport का किया गया उद्घाटन
संदर्भ:
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश मे प्रमुख ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Alluri Sitarama Raju International Airport) का उद्घाटन किया।
अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Alluri Sitarama Raju International Airport) के बारे में:
- स्थान: यह नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (New International Airport) आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में स्थित है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग-16 (NH-16) के किनारे विशाखापत्तनम शहर से लगभग 45 से 50 किलोमीटर की दूरी पर बनाया गया है।
- नामकरण: हवाई अड्डे का नाम महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा गया है।
- कुल क्षेत्रफल (Total Area): यह विशाल हवाई अड्डा लगभग 2,203 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Model): इस हवाई अड्डे का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत जीएमआर विशाखापत्तनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (GMR Group) द्वारा किया गया है।
- निर्माण अवधि: इस आधुनिक बुनियादी ढांचे का मुख्य निर्माण कार्य मात्र 31 महीनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है।
- संचालन: उद्घाटन 1 अगस्त 2026 को हुआ है, जबकि नियमित वाणिज्यिक उड़ान संचालन (Commercial Flight Operations) 17 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है।
- लागत: इस हवाई अड्डे के पहले चरण (Phase 1) के विकास पर कुल ₹5,640 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है।
- इसके अलावा, आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh Government) ने भूमि अधिग्रहण, सड़क संपर्क और अन्य सहायक अवसंरचना के लिए अतिरिक्त ₹1,583 करोड़ का निवेश किया है।
- विशेषताएं:
- रनवे की क्षमता: हवाई अड्डे पर 3,800 मीटर लंबा कोड-ई (Code-E) रनवे बनाया गया है। यह बोइंग 777, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर और एयरबस A330 जैसे दुनिया के सबसे बड़े और चौड़े विमानों (Wide-body Aircraft) की लैंडिंग कराने में सक्षम है।
- यात्री क्षमता: पहले चरण में इस टर्मिनल की क्षमता 60 लाख (6 मिलियन) यात्री प्रति वर्ष संभालने की है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 4 करोड़ (40 मिलियन) यात्री प्रति वर्ष तक विस्तारित करने की योजना है।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल अवसंरचना: नागरिक उड्डयन भारत (Civil Aviation India) को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए यहाँ एआई-संचालित बायोमेट्रिक पैसेंजर प्रोसेसिंग (AI-Powered Biometric Processing) और स्वचालित सामान प्रबंधन प्रणाली लगाई गई है। इसमें यात्रियों के बिना रुकावट आवागमन के लिए ‘डीजी यात्रा’ (Digi Yatra) और सेल्फ-चेक-इन काउंटर शामिल हैं।
- चक्रवात प्रतिरोधी ढांचा: तटीय क्षेत्र में होने के कारण, इस हवाई अड्डे के मुख्य टर्मिनल और एटीसी टावर को 275 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली चक्रवाती हवाओं को झेलने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।
- हरित हवाई अड्डा (Green Airport): पर्यावरण अनुकूल दृष्टिकोण के साथ यहाँ 5 मेगावाट (5-MW) का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। यह अपनी बिजली की जरूरतों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भर रहेगा।
- सांस्कृतिक वास्तुकला: हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल की वास्तुकला और आंतरिक सज्जा को पारंपरिक तेलुगु और आंध्र संस्कृति की थीम पर कलाकृतियों से सजाया गया है।
महत्व:
- सैन्य और नागरिक विमानन: विशाखापत्तनम का वर्तमान हवाई अड्डा भारतीय नौसेना के हवाई अड्डे (INS डेगा) से संचालित होता है, जिससे वाणिज्यिक उड़ानों पर परिचालन संबंधी प्रतिबंध रहते थे। इस नए नागरिक हवाई अड्डे के शुरू होने से चौबीसों घंटे अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड़ानें संभव हो सकेंगी।
- आर्थिक विकास का इंजन (Economic Catalyst): यह हवाई अड्डा आंध्र प्रदेश विकास (Andhra Pradesh Development) के लिए एक प्रवेश द्वार बनेगा। इससे उत्तरी तटीय आंध्र में फार्मास्यूटिकल्स, समुद्री उत्पाद (Marine Products), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और विनिर्माण उद्योगों को वैश्विक बाजारों से सीधा जुड़ाव मिलेगा।
- पर्यटन और आतिथ्य को बढ़ावा: विशाखापत्तनम के समुद्र तटों, अराकू घाटी (Araku Valley) और बोरा गुफाओं जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी।
- रसद और निर्यात सुदृढ़ीकरण: एक एकीकृत कार्गो टर्मिनल की उपस्थिति से कृषि और औद्योगिक निर्यात को गति मिलेगी। पड़ोसी राज्य ओडिशा के दक्षिणी जिलों को भी इससे सीधे रसद लाभ (Logistics Benefit) मिलेगा।
- सामाजिक समावेश की अनूठी मिसाल: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की है कि हवाई अड्डे के निर्माण के लिए अपनी भूमि देने वाले स्थानीय किसानों और भूमि स्वामियों को उद्घाटन के अवसर पर एक बार मुफ्त हवाई यात्रा की सुविधा दी जाएगी, जो समावेशी विकास का बड़ा उदाहरण है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कहाँ स्थित है?
उत्तर: यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में विशाखापत्तनम मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के निकट स्थित है।
प्रश्न 2: इस हवाई अड्डे का उद्घाटन किसने किया?
उत्तर: इस आधुनिक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का आधिकारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 अगस्त 2026 को किया गया।
प्रश्न 3: हवाई अड्डे का नाम अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर क्यों रखा गया?
उत्तर: यह नाम आंध्र प्रदेश के महान और कद्दावर आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के ऐतिहासिक योगदान और विरासत को सम्मान देने के लिए रखा गया है।
प्रश्न 4: इस परियोजना की लागत कितनी है?
उत्तर: इस हवाई अड्डे के पहले चरण के निर्माण पर कुल ₹5,640 करोड़ से अधिक की लागत आई है।
प्रश्न 5: इससे आंध्र प्रदेश को क्या लाभ होगा?
उत्तर: इससे उत्तर आंध्र में हवाई कनेक्टिविटी (Aviation Infrastructure) सुधरेगी, पर्यटन बढ़ेगा, भारी औद्योगिक निवेश आकर्षित होगा और हजारों प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
प्रश्न 6: क्या यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होंगी?
उत्तर: हाँ, 17 अगस्त 2026 से यहाँ से घरेलू उड़ानों के साथ-साथ सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flights) का परिचालन भी शुरू हो जाएगा।
प्रश्न 7: इस हवाई अड्डे की प्रमुख सुविधाएँ क्या हैं?
उत्तर: यहाँ 3,800 मीटर लंबा रनवे, एआई-संचालित पैसेंजर प्रोसेसिंग, डीजी यात्रा प्रणाली, 5 मेगावाट का सौर ऊर्जा प्लांट और चक्रवात-रोधी टर्मिनल जैसी सुविधाएं हैं।
