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CWG 2026 – भारत का राष्‍ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन 

CWG 2026 – भारत का राष्‍ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन 

CWG 2026

संदर्भ:

हाल ही में समाप्त हुए 23वें राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Glasgow 2026 Commonwealth Games: CWG 2026) में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित इस खेल महाकुंभ में 4था स्थान हासिल किया।

राष्ट्रमंडल खेल 2026 (CWG 2026) परिचय:

  • आयोजन: इन खेलों का भव्य आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में किया गया। 
  • आयोजक संस्था: इसका सफल संचालन राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (Commonwealth Games Federation – CGF) द्वारा किया गया। 
  • वैश्विक सहभागिता: इस बार प्रतियोगिता में विश्व भर के 74 देशों के हजारों एथलीटों ने 11 विभिन्न खेल श्रेणियों और पैरा स्पर्धाओं में भाग लिया।
  • भारतीय दल: भारत की तरफ से कुल 122 खिलाड़ियों का दल भेजा गया था, जिसने 8 सक्षम (Able-bodied) खेलों और 5 एकीकृत पैरा-खेलों (Integrated Para-sports) में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

भारत का CWG 2026 में प्रदर्शन: 

इस बार का राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games 2026) भारत के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और निशानेबाजी जैसे भारत के ‘मेडल-बैंक’ माने जाने वाले खेलों को इस संस्करण से हटा दिया गया था। इसके बावजूद, भारतीय एथलीटों (Indian Athletes) ने असाधारण कौशल दिखाते हुए कुल 39 पदक (39 Medals Tally) अपने नाम किए। 

स्वर्ण पदक (Gold)रजत पदक (Silver)कांस्य पदक (Bronze)कुल पदक (Total Haul)वैश्विक रैंक (Rank)
13179394

भारत के पदक विजेताओं की संपूर्ण एवं क्रमबद्ध सूची (India Medals in Commonwealth 2026):

1. स्वर्ण पदक विजेता (13 Gold Medals)

भारत ने इस बार बॉक्सिंग (Boxing) और जूडो (Judo) में सफलता हासिल की। अकेले मुक्केबाजी दल ने रिकॉर्ड 7 स्वर्ण पदक जीते: 

  • मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग – महिला 48kg): कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी की।
  • शर्मिला धनखड़ (पैरा-एथलेटिक्स – महिला शॉट पुट F57): उन्होंने 9.81 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता।
  • दिलीप महादु गावित (पैरा-एथलेटिक्स – पुरुष 100m T47): ट्रैक स्पर्धा में असाधारण गति दिखाते हुए पहला स्थान हासिल किया।
  • अस्मिता डे (जूडो – महिला 48kg): इन्होंने इतिहास रचते हुए जूडो में भारत का पहला राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक जीता।
  • हर्ष सिंह (जूडो – पुरुष 60kg): ऑस्ट्रेलियाई ओलंपियन जोशुआ काट्ज को फाइनल में हराकर जूडो में भारत के दूसरे स्वर्ण विजेता बने।
  • सोमन राणा (पैरा-एथलेटिक्स – पुरुष F57 डिस्कस थ्रो): पुरुषों के थ्रो इवेंट में भारत को स्वर्णिम सफलता दिलाई।
  • साक्षी चौधरी (मुक्केबाजी – महिला 51kg): फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को एकतरफा 5-0 से शिकस्त दी।
  • प्रीति पवार (मुक्केबाजी – महिला 54kg): विपक्षी मुक्केबाज पर तकनीकी श्रेष्ठता के साथ स्वर्ण पदक जीता।
  • जैस्मीन लेम्बोरिया (मुक्केबाजी – महिला 57kg): रिंग में आक्रामक खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
  • प्रिया घनघस (मुक्केबाजी – महिला 60kg): कनाडा की मैरी-बाथौल को 4-1 के खंडित निर्णय (Split Decision) से हराकर चैंपियन बनीं।
  • अरुंधति चौधरी (मुक्केबाजी – महिला 70kg): अपने पंचों के सटीक नियंत्रण से स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
  • सचिन सिवाच (मुक्केबाजी – पुरुष भार वर्ग): पुरुषों की श्रेणी में शानदार तकनीकी नॉकआउट के साथ पहला स्थान पाया।
  • अंकुश पांघल (मुक्केबाजी – पुरुष भार वर्ग): प्रतिद्वंद्वी को रिंग में पछाड़कर भारत को 13वां स्वर्ण जिताया।

2. रजत पदक विजेता (17 Silver Medals)

एथलेटिक्स (Athletics) और वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने कई कड़े मुकाबलों में रजत पदक हासिल किए:

  • ऋषिकांत सिंह (वेटलिफ्टिंग – पुरुष 60kg): स्नैच राउंड में नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए दूसरा स्थान पाया।
  • मुथुपांडी राजा (वेटलिफ्टिंग – पुरुष 65kg): पुरुषों की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर रजत पदक जीता।
  • ज्ञानेश्वरी यादव (वेटलिफ्टिंग – महिला 53kg): महिला वर्ग में कड़े मुकाबले के बाद रजत हासिल किया।
  • वल्लुरी अजय बाबू (वेटलिफ्टिंग – पुरुष 79kg): क्लीन एंड जर्क राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ पोडियम पर दूसरा स्थान पाया।
  • हरजिंदर कौर (वेटलिफ्टिंग – महिला 69kg): वेटलिफ्टिंग रिंग में भारत को एक और रजत पदक दिलाया।
  • लवप्रीत सिंह (वेटलिफ्टिंग – पुरुष +110kg): हेवीवेट वर्ग में रिकॉर्ड वजन उठाकर रजत पदक पर कब्जा किया।
  • सर्वेश अनिल कुशाले (एथलेटिक्स – पुरुष हाई जंप): उन्होंने 2.25 मीटर की छलांग लगाई, लेकिन जमैका के बेकफोर्ड से अधिक प्रयास लेने के कारण रजत मिला।
  • गुलवीर सिंह (एथलेटिक्स – पुरुष 10000m): उन्होंने 27:49.78 मिनट का समय निकालकर ऐतिहासिक दौड़ पूरी की और रजत जीता।
  • मुरली श्रीशंकर (एथलेटिक्स – पुरुष लॉन्ग जंप): उन्होंने 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर दूसरा स्थान पाया।
  • नीरज चोपड़ा (एथलेटिक्स – पुरुष भाला फेंक): चोट के बाद वापसी करते हुए उन्होंने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया।
  • प्रवीण चित्रवेल (एथलेटिक्स – पुरुष ट्रिपल जंप): उन्होंने अपने चौथे प्रयास में 16.58 मीटर की छलांग लगाकर रजत सुनिश्चित किया।
  • शुभम जुयाल (पैरा-एथलेटिक्स – पुरुष F57 डिस्कस थ्रो): सोमन राणा के पीछे रहते हुए भारत के लिए ‘वन-टू’ पोडियम फिनिश पूरी की।
  • यामिनी मौर्य (जूडो – महिला भार वर्ग): फाइनल में उपविजेता (Runner-up) रहकर रजत पदक जीता।
  • लवलिना बोरगोहेन (मुक्केबाजी – महिला 75kg): ओलंपिक पदक विजेता लवलिना को फाइनल में कड़े संघर्ष के बाद रजत से संतोष करना पड़ा।
  • जदुमनी सिंह (मुक्केबाजी – पुरुष वर्ग): फाइनल मुकाबले में करीबी अंतर से हारकर रजत पदक हासिल किया।
  • नरेंद्र बेरवाल (मुक्केबाजी – पुरुष +90kg): फाइनल में इंग्लैंड के डामर थॉमस से 5-0 से हारने के बाद रजत पदक जीता।
  • पैरा-एथलेटिक्स रजत विजेता: ट्रैक स्पर्धाओं में एक अन्य अज्ञात पैरा-एथलीट ने देश के लिए रजत पदक पक्का किया. 

3. कांस्य पदक विजेता (9 Bronze Medals)

  • झंडू कुमार (पैरा-पावरलिफ्टिंग – पुरुष हेवीवेट): इस संस्करण में भारत का पहला पदक (कांस्य) दर्ज करने वाले खिलाड़ी बने।
  • बिंदियारानी देवी (वेटलिफ्टिंग – महिला 58kg): महिला वर्ग में बेहतरीन लिफ्ट के साथ कांस्य पदक जीता।
  • गुलवीर सिंह (एथलेटिक्स – पुरुष 5000m): 10,000 मीटर के रजत के बाद, इन्होंने 5,000 मीटर दौड़ में भी कांस्य जीता।
  • तेजस्विन शंकर (एथलेटिक्स – पुरुष डेकाथलॉन): दो दिनों की कठिन प्रतियोगिता में 7976 अंक जुटाकर भारत के पहले डेकाथलॉन पदक विजेता बने।
  • यश वीर सिंह (एथलेटिक्स – पुरुष भाला फेंक): अपने अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर कांस्य पदक जीता।
  • सेल्वा प्रभु थिरुमारन (एथलेटिक्स – पुरुष ट्रिपल जंप): उन्होंने 16.52 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक पर कब्जा किया。
  • सीमा कालीरामना (एथलेटिक्स – महिला डिस्कस थ्रो): 58.65 मीटर की दूरी तक चक्का फेंककर भारत को कांस्य पदक दिलाया।
  • उन्नति शर्मा (जूडो – महिला 63kg): जूडो रेपेचेज और कांस्य पदक मैच में जीत हासिल कर तीसरा स्थान पाया।
  • शिल्पा के. शायला (पैरा-एथलेटिक्स – महिला शॉट पुट F57): शॉट पुट स्पर्धा में शानदार थ्रो के साथ देश को कांस्य पदक दिलाया.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने कुल कितने पदक जीते हैं?

उत्तर: भारतीय दल (Team India CWG) ने ग्लासगो में अपने शानदार अभियान का समापन कुल 39 पदकों (13 स्वर्ण, 17 रजत, 9 कांस्य) के साथ किया.

प्रश्न 2: भारत ने किन खेलों में सबसे अधिक पदक हासिल किए हैं?

उत्तर: भारत को सबसे अधिक सफलता मुक्केबाजी (10 पदक, 7 स्वर्ण) और एथलेटिक्स (10 पदक) के खेल में हासिल हुई है. 

प्रश्न 3: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?

उत्तर: पांच मुख्य खेलों के हटाए जाने के बाद भी भारत का प्रदर्शन (CWG 2026 Performance) उत्कृष्ट रहा और खिलाड़ियों ने जूडो तथा डेकाथलॉन में नए इतिहास रचे.

प्रश्न 4: भारत के लिए सबसे अधिक स्वर्ण पदक किस खेल/खिलाड़ी ने जीते?

उत्तर: भारत के लिए सबसे अधिक स्वर्ण पदक मुक्केबाजी (Boxing) टीम ने जीते, जिसमें साक्षी, प्रीति, जैस्मीन सहित 7 मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदक जीते.

प्रश्न 5: भारत की पदक तालिका में वर्तमान स्थिति क्या है?

उत्तर: भारत वैश्विक पदक तालिका (India Medal Tally) में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद चौथे (4th) स्थान पर बना हुआ है.

प्रश्न 6: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन कहाँ हुआ?

उत्तर: इन प्रतिष्ठित 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स (India Commonwealth Games 2026) का आधिकारिक आयोजन स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में सफलतापूर्वक किया गया.

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