Shruti Offshore Patrol Vessel- नेक्स्ट जेनरेशन ‘श्रुति’ का जलावतरण
संदर्भ:
हाल ही में कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा भारतीय नौसेना (Indian Navy) के लिए अगली पीढ़ी के दूसरे ऑफशोर पेट्रोल वेसल (Shruti Offshore Patrol Vessel – यार्ड 3037) का सफलतापूर्वक जलावतरण (लॉन्च) किया गया.
Shruti Offshore Patrol Vessel – यार्ड 3037:
- प्रकार: ‘श्रुति’ (Yard 3037) एक स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित अगली पीढ़ी का अपतटीय गश्ती पोत (Next Generation Offshore Patrol Vessel – NGOPV) है. यह शचि-श्रेणी (Shachi-class) के अंतर्गत आता है.
- नामकरण: इस युद्धपोत का नाम भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और दार्शनिक विरासत से प्रेरित है, जो चार वेदों (Shruti, referring to the four Vedas) को संदर्भित करता है.
- प्रतीक चिन्ह (Crest): इसके क्रेस्ट पर सप्तर्षि तारामंडल (Ursa Major Constellation) और एक लाल-सफेद रंग का लाइटहाउस (Lighthouse) अंकित है, जो निरंतर समुद्री सतर्कता और नौवहन का प्रतीक है.
- निर्माण: इसका निर्माण रक्षा मंत्रालय द्वारा मार्च 2023 में हस्ताक्षरित ₹9,781 करोड़ के महत्वाकांक्षी 11-पोत निर्माण कार्यक्रम (NGOPV Programme) के तहत किया जा रहा है.
- इस कार्यक्रम को देश के दो प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्डों द्वारा एक साथ संचालित किया जा रहा है—गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) को 7 पोत और जीआरएसई (GRSE), कोलकाता को 4 पोत के निर्माण का जिम्मा मिला है. ‘श्रुति’ जीआरएसई द्वारा लॉन्च किया गया दूसरा एनजीओपीवी (NGOPV) है.
- विशेषताएं:
- आकार और विस्थापन (Dimensions & Displacement): इस पोत की कुल लंबाई 113 मीटर और चौड़ाई 14.6 मीटर है. इसका कुल विस्थापन (भार क्षमता) लगभग 3,000 टन है.
- गति और परिचालन सीमा (Speed & Endurance): दो उच्च दक्षता वाले डीजल इंजनों से लैस यह पोत अधिकतम 23 नॉट (Knots) की गति प्राप्त कर सकता है. यह 14 नॉट की गति पर 8,500 समुद्री मील (Nautical Miles) की दूरी तय करने में सक्षम है, जिसकी समुद्र में टिके रहने की क्षमता (Endurance) 60 दिनों की है.
- अत्याधुनिक हथियार प्रणाली (Armament): सुरक्षा के लिए इसमें 76mm सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM), AK-630 क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS), कवच चैफ डेकॉय चाफ और ‘मारीच’ (Maareech) उन्नत टारपीडो रक्षा प्रणाली लगाई गई है.
- विमानन सहायता (Aviation Support): पोत के पिछले हिस्से पर एक बड़ा हेलिपैड और इनक्लोज्ड हैंगर है, जो 15-टन वजनी मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (UAVs/RPAs) को संचालित करने की क्षमता रखता है.
- स्वदेशी सामग्री (Indigenous Content): इस युद्धपोत के निर्माण में लगभग 85% स्वदेशी सामग्री (85% Indigenous Content) का उपयोग किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत (Aatmanirbhar Bharat) के सपने को साकार करता है.
रणनीतिक महत्व:
- विस्तृत आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की निगरानी: भारत के पास 20 लाख वर्ग किमी से अधिक का विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone) है. ‘श्रुति’ जैसे अगली पीढ़ी के गश्ती पोत इस क्षेत्र में निरंतर महासागरीय गश्त और तटीय निगरानी (Coastal Surveillance) को अत्यधिक मजबूत बनाएंगे.
- समुद्री डकैती रोधी अभियान (Anti-Piracy Operations): अदन की खाड़ी और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में बढ़ती समुद्री डकैती तथा अवैध घुसपैठ की घटनाओं को नियंत्रित करने में यह पोत अपनी लंबी दूरी की क्षमता के कारण गेम-चेंजर साबित होगा.
- लॉजिस्टिक और मानवीय सहायता (HADR Missions): युद्ध लड़ने के अलावा, यह पोत हिंद महासागर के मित्र देशों में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के समय मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) तथा खोज एवं बचाव (Search and Rescue) कार्यों के लिए एक आदर्श फ्लोटिंग बेस के रूप में कार्य करेगा.
- ब्लू इकॉनमी और अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा: भारत के अपतटीय तेल रिग्स (Oil Rigs), रणनीतिक द्वीप क्षेत्रों और सी-लाइन्स ऑफ कम्युनिकेशन (SLOCs) को संभावित राज्य और गैर-राज्य अभिनेताओं के खतरों से सुरक्षित रखने में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Next Generation Offshore Patrol Vessel ‘Shruti’ क्या है?
उत्तर: यह भारतीय नौसेना के लिए स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया अगली पीढ़ी का अत्याधुनिक अपतटीय गश्ती पोत (NGOPV) है.
प्रश्न 2: ‘Shruti’ को किसने लॉन्च किया?
उत्तर: इस युद्धपोत को 11 अगस्त 2026 को श्रीमती मनीका साधु ने वाइस एडमिरल संजय साधु (नियंत्रक, युद्धपोत उत्पादन और अधिग्रहण) की उपस्थिति में पारंपरिक नौसैनिक रीति-रिवाजों के साथ लॉन्च किया.
प्रश्न 3: Shruti Offshore Patrol Vessel का निर्माण कहां हुआ?
उत्तर: इस 3,000 टन क्षमता वाले उन्नत गश्ती पोत का निर्माण कोलकाता (पश्चिम बंगाल) स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) डिपो में किया गया है.
प्रश्न 4: भारतीय नौसेना के लिए Shruti क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह 85% स्वदेशी सामग्री से निर्मित है, जो विदेशी निर्भरता घटाता है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) तथा संप्रभुता को मजबूत करता है.
प्रश्न 5: NGOPV का मुख्य काम क्या होता है?
उत्तर: इन पोतों का मुख्य कार्य समुद्री गश्त, विशेष आर्थिक क्षेत्र की निगरानी, समुद्री डकैती रोधी अभियान, और आपदा के समय मानवीय सहायता पहुंचाना (HADR) होता है. है.
