MQ-9B SeaGuardian Aircraft- परिचय, निर्माणकर्ता, विशेषताएं और महत्व
संदर्भ:
हाल ही में भारत के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने अमेरिकी रक्षा कंपनी जनरल एटॉमिक्स के साथ भारतीय नौसेना के लिए दो MQ-9B सी गार्जियन विमान (MQ-9B SeaGuardian Aircraft) को 30 महीने की अवधि हेतु पट्टे (Lease) पर लेने के लिए लगभग 1,943 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए.
MQ-9B SeaGuardian Aircraft के बारे में:
- परिचय: MQ-9B सी गार्जियन, रिमोट द्वारा संचालित एक उच्च-ऊंचाई वाली, लंबी सहनशीलता (High-Altitude Long-Endurance – HALE) वाली मानवरहित विमान प्रणाली है.
- यह मुख्य रूप से समुद्री निगरानी (Maritime Surveillance) और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए डिज़ाइन की गई है.
- निर्माता: इसका निर्माण अमेरिकी रक्षा और एयरोस्पेस दिग्गज जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल सिस्टम्स (General Atomics Aeronautical Systems) द्वारा किया जाता है.
- इतिहास: MQ-9B श्रृंखला का विकास मूल रूप से ‘प्रिडेटर’ (Predator) और ‘रीपर’ (MQ-9 Reaper) ड्रोन के सफल लड़ाकू अनुभवों के आधार पर किया गया था.
- जनरल एटॉमिक्स ने इस समुद्री संस्करण का विकास 2010 के दशक के उत्तरार्ध में शुरू किया.
- अमेरिकी नौसेना और मरीन कॉर्प्स ने इसके शुरुआती प्रोटोटाइप का व्यापक परीक्षण वर्ष 2020 में प्रशांत महासागर में आयोजित ‘रिम ऑफ द पैसिफिक’ (RIMPAC) युद्धाभ्यास के दौरान बड़े पैमाने पर किया था.
- विशेषताएं:
- सहनशीलता (MQ-9B Endurance): यह ड्रोन बिना रुके लगातार 35 से 40 घंटे तक हवा में रहने में सक्षम है, जो इसे लंबी दूरी की निरंतर निगरानी के लिए बेजोड़ बनाता है.
- रेंज (MQ-9B Range): इसकी परिचालन सीमा (Operational Range) 5,500 समुद्री मील (लगभग 10,000+ किलोमीटर) से अधिक है, जिससे यह एक ही उड़ान में विशाल महासागरीय क्षेत्रों को कवर कर सकता है.
- परिचालन ऊंचाई: यह अधिकतम 40,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है, जिससे यह नागरिक हवाई यातायात से ऊपर रहकर सुरक्षित रूप से खुफिया जानकारी एकत्र कर सकता है.
- पेलोड क्षमता (Payload Capacity): यह विमान लगभग 2,177 किलोग्राम आंतरिक और बाहरी सेंसर पेलोड ले जा सकता है, जिसमें 360-डिग्री मैरीटाइम सरफेस सर्च रडार और ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) शामिल हैं.
- उपयोगकर्ता देश: संयुक्त राज्य अमेरिका के अतिरिक्त, यूनाइटेड किंगडम (RAF प्रीडेटर-B के रूप में), जापान (कोस्ट गार्ड और सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज), और बेल्जियम इसके प्रमुख वैश्विक उपयोगकर्ताओं में शामिल हैं.
- 17 अगस्त 2026 को MQ-9B SeaGuardian Lease हेतु भारत और अमेरिकी कंपनी की बीच अनुबंध हुआ. इसके तहत भारतीय नौसेना (Indian Navy) दो अतिरिक्त सी गार्जियन ड्रोन को 30 महीने की अवधि के लिए पट्टे पर ले रही है.
- इससे पहले भारत ने 2020 में एलएसी गतिरोध के दौरान दो सी गार्जियन ड्रोन लीज पर लिए थे. यह नया लीज समझौता उस बड़े और स्वतंत्र सरकारी सौदे (G-to-G) से अलग है, जिसके तहत भारत अमेरिका से 31 सशस्त्र MQ-9B स्काईगार्जियन/सीगार्जियन ड्रोन कुल $3.9 बिलियन (लगभग ₹32,000 करोड़) में सीधे खरीद रहा है.
महत्व:
- समुद्री डोमेन जागरूकता (Maritime Domain Awareness – MDA): हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region – IOR) में चीनी नौसेना और पनडुब्बियों की बढ़ती आक्रामक उपस्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के लिए यह ड्रोन अत्यधिक आवश्यक है.
- लागत प्रभावी लंबी दूरी की निगरानी (Long-Range Surveillance): पारंपरिक मानवयुक्त टोही विमानों (जैसे P-8I पोसिडन) की तुलना में MQ-9B को उड़ाने की प्रति घंटा परिचालन लागत बेहद कम है. यह नौसेना के विमानन संसाधनों पर वित्तीय दबाव कम करता है.
- हिंद महासागर में सुरक्षा प्रदाता (Net Security Provider): अदन की खाड़ी और अरब सागर में हाल के दिनों में बढ़े समुद्री डकैती (Piracy) और ड्रोन हमलों को विफल करने तथा व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा (Naval Surveillance) प्रदान करने में यह वास्तविक समय (Real-time) की खुफिया जानकारी देगा.
- अंतर-संचालनीयता (Interoperability): अमेरिकी और जापानी नौसेनाओं के समान प्लेटफार्म का उपयोग करने से क्वाड (QUAD) भागीदारों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभियानों के दौरान रणनीतिक तालमेल और डेटा साझाकरण तंत्र मजबूत होगा.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: MQ-9B SeaGuardian क्या है?
उत्तर: यह अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स द्वारा निर्मित एक उच्च-ऊंचाई वाली, लंबी सहनशीलता (HALE) वाली मानव रहित समुद्री टोही और खुफिया विमान प्रणाली (Unmanned Aerial Vehicle) है.
प्रश्न 2: भारत ने MQ-9B SeaGuardian Aircraft क्यों खरीदा या Lease किया है?
उत्तर: भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में चीन की नौसैनिक गतिविधियों की निगरानी करने और व्यापक समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) सुनिश्चित करने के लिए इसे पट्टे पर लिया है.
प्रश्न 3: Indian Navy को कितने MQ-9B SeaGuardian Drones मिलेंगे?
उत्तर: 17 अगस्त 2026 को हुए नए लीज समझौते के तहत नौसेना को 2 ड्रोन मिलेंगे, जो पूर्व में संचालित लीज वाले ड्रोनों के अतिरिक्त हैं.
प्रश्न 4: MQ-9B SeaGuardian की कीमत कितनी है?
उत्तर: भारत द्वारा किए गए इस ताजा 30 महीने के पट्टा (Lease) अनुबंध की कुल कीमत लगभग 1,943 करोड़ रुपये (MQ-9B Price India) निर्धारित की गई है.
प्रश्न 5: MQ-9B Drone की प्रमुख खूबियां क्या हैं?
उत्तर: यह खराब मौसम में भी काम करने वाले मल्टी-मोड रडार, हाई-डेफिनिशन इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और जहाजों की पहचान करने वाले ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) से लैस है.
प्रश्न 6: MQ-9B की Range और Endurance कितनी है?
उत्तर: इस ड्रोन की सहनशीलता (Endurance) लगातार 35 से 40 घंटे तक हवा में रहने की है और इसकी परिचालन रेंज (Range) 5,500 समुद्री मील से अधिक है. मौसम में तीस्ता नदी के पानी के न्यायसंगत और समान वितरण (Water Sharing) को लेकर दशकों पुराना भू-राजनीतिक सीमा पार जल विवाद है.
