Apni Pathshala

CSIR-NAL द्वारा Indigenous Micro Gas Turbine Engine पेश किए गए, जानिए इंजन की खासियत एवं महत्व

CSIR-NAL द्वारा Indigenous Micro Gas Turbine Engine पेश किए गए, जानिए इंजन की खासियत एवं महत्व 

CSIR-NAL Indigenous Micro Gas Turbine Engine

संदर्भ:

हाल ही में CSIR-NAL ने दिल्ली में रक्षा अनुप्रयोगों के लिए तीन नए स्वदेशी माइक्रो गैस टर्बाइन इंजन (Indigenous Micro Gas Turbine Engine) का अनावरण किया.

स्वदेशी माइक्रो गैस टर्बाइन इंजन के बारे में:

  • परिचय: Micro Gas Turbine Engine भारत द्वारा पूरी तरह से देश के भीतर ही डिजाइन और निर्मित किए गए छोटे विमान प्रणोदन प्रणालियों (Small Aircraft Propulsion Systems) का एक समूह है.
    • यह इंजन उच्च गति वाले रोटर (High-RPM Turbomachinery) और उच्च तापमान वाले दहन प्रणालियों (High-temperature Combustion) पर आधारित हैं, जो बेहद हल्के होने के बावजूद भारी थ्रस्ट (Thrust) उत्पन्न करने में सक्षम हैं. 
  • निर्माता (Developer): इसे सीएसआईआर-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाएं (CSIR-NAL), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है. 
  • अनावरण: इस इंजन श्रृंखला को 25 अगस्त 2026 को सीएसआईआर मुख्यालय, नई दिल्ली में देश के सामने पेश किया गया.
    • इस अनावरण समारोह में वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल तेजिंदर सिंह और सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी विशेष रूप से उपस्थित थे. 
  • इंजनों का वर्गीकरण: सीएसआईआर-एनएएल ने तीन अलग-अलग श्रेणियों में इंजन (Micro Turbine Engine) पेश किए हैं, जिनकी विशेषताएं इस प्रकार हैं:
    • NJ-05 (माइक्रो श्रेणी – Micro Class): 
      • थ्रस्ट क्षमता (Thrust): 5 किलोग्राम बल (5 kgf).
      • आकार और वजन: यह वजन में बेहद हल्का (लगभग 1.2 किलोग्राम) और एक बैकपैक के आकार का है. 
      • इंजन स्पीड: यह लगभग 1,00,000 आरपीएम (RPM) की उच्च गति पर काम करता है.
    • NJ-50 (लघु श्रेणी – Small Class):
      • थ्रस्ट क्षमता (Thrust): 50 किलोग्राम बल (50 kgf).
      • अनुप्रयोग: यह मध्यम दूरी के सामरिक मानव रहित हवाई वाहनों (Tactical UAVs) और लक्ष्य का पीछा करने वाले छोटे ड्रोनों के लिए उपयुक्त है.
    • NJ-100 (मध्यम-लघु श्रेणी – Medium-Small Class):
      • थ्रस्ट क्षमता (Thrust): 100 किलोग्राम बल या 1 किलोन्यूटन (1 kN).
      • तकनीकी विशेषता: यह माइक्रो यूएवी इंजन और बड़े टर्बोफैन इंजन के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो उपध्वनिक (Subsonic) गति प्रदान करता है.
      • अनुप्रयोग: इसे मुख्य रूप से क्रूज मिसाइलों और लंबी दूरी के लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munitions) के लिए डिजाइन किया गया है. 
  • दक्षता: इन स्वदेशी इंजनों की उत्पादन लागत विदेशी इंजनों (जैसे चेक गणराज्य या रूस से आयातित इंजन) की तुलना में 30% से 40% तक कम होने का अनुमान है.
  • उद्योग सहयोग: प्रयोगशाला भारत के उभरते हुए ड्रोन स्टार्टअप इकोसिस्टम (Drone Startups Ecosystem) के लिए एक मल्टी-स्टेज इंटीग्रेटर के रूप में काम कर रही है, ताकि भारतीय उद्योग इसका बड़े पैमाने पर (At Scale) विनिर्माण कर सके.

भारत के लिए इसका महत्व:

  • आयात निर्भरता में भारी कमी: भारत अब तक अपने लक्ष्यों, ड्रोनों और क्रूज मिसाइलों के लिए छोटे टर्बोफैन और टर्बोजेट इंजनों के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर था. इस तकनीक (Micro Gas Turbine Technology) से भारत की विदेशी देशों पर निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी.
  • सामरिक और सैन्य सुरक्षा (National Security): यूक्रेन युद्ध और हालिया वैश्विक संकटों ने साबित किया है कि युद्ध के समय एयरो-इंजन की आपूर्ति शृंखला बाधित हो सकती है. मेड इन इंडिया रक्षा तकनीक (Made in India Defence Technology) होने से भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों को दीर्घकालिक सुरक्षा मिलेगी.
  • अंतिम छोर तक हथियार प्रणालियों का आधुनिकीकरण: इन कॉम्पैक्ट प्रोपल्शन सिस्टम के विकास से भारत खुद के स्वदेशी ‘लॉइटरिंग म्यूनिशन’ (कामिकेज़ ड्रोन), ड्रोन इंटरसेप्टर और कम दूरी की क्रूज मिसाइलें अत्यधिक कम लागत में तैयार कर सकेगा.
  • एयरोस्पेस इकोसिस्टम का विकास (Aerospace Ecosystem): यह तकनीक भविष्य के बड़े जेट इंजनों (जैसे कावेरी या लड़ाकू विमान इंजनों) के निर्माण के लिए बुनियादी वैज्ञानिक समझ और सटीक विनिर्माण (Precision Manufacturing) की नींव रखती है.
  • रक्षा नवाचार और निर्यात की संभावनाएं (Defence Innovation India): एआई और मानव रहित प्रणालियों के इस दौर में, भारत इन सस्ते और विश्वसनीय इंजनों के साथ वैश्विक नागरिक और सैन्य ड्रोन बाजार में एक बड़ा निर्यातक बन सकता है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: स्वदेशी Micro Gas Turbine Engine क्या है?

उत्तर: यह भारत (CSIR-NAL) द्वारा पूरी तरह से देश के भीतर डिजाइन किया गया एक छोटा और हल्का जेट इंजन (Engine Technology) है, जो एयरोस्पेस प्रणोदन में काम आता है. 

प्रश्न 2: भारत ने Micro Gas Turbine Engine क्यों विकसित किया है?

उत्तर: मिसाइलों, सैन्य ड्रोनों और मानवरहित विमानों को शक्ति प्रदान करने तथा विदेशों से होने वाले महंगे एयरो-इंजन आयात को रोकने के लिए इसे विकसित किया गया है.

प्रश्न 3: Indigenous Micro Gas Turbine Engine का इस्तेमाल कहां किया जा सकता है?

उत्तर: इसका उपयोग मुख्य रूप से सामरिक मानव रहित हवाई वाहनों (Tactical UAVs), ड्रोन इंटरसेप्टर प्रणालियों और छोटे आकार की क्रूज मिसाइलों में किया जाएगा. 

प्रश्न 4: Micro Gas Turbine Engine की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?

उत्तर: इसकी विशेषताओं में उप-नैनोसेकंड सटीकता जैसी निर्माण डिजाइन, 1,00,000 आरपीएम तक की रोटर गति, अत्यधिक उच्च थ्रस्ट-टू-वेट अनुपात और कम ईंधन खपत शामिल हैं.

प्रश्न 5: क्या यह Engine Defence Applications में इस्तेमाल होगा?

उत्तर: हाँ, यह इंजन पूर्ण रूप से रक्षा नवाचार (Defence Innovation India) और भारतीय सशस्त्र बलों की सामरिक ड्रोन तथा मिसाइल प्रणालियों को शक्ति प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है.

प्रश्न 6: भारत के लिए स्वदेशी Gas Turbine Technology क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: यह तकनीक भारत को उन्नत विमानन क्षेत्र (India Aerospace Technology) में आत्मनिर्भर बनाती है और महत्वपूर्ण सैन्य प्रणालियों के लिए विदेशी प्रतिबंधों या आपूर्ति संकट के जोखिम को समाप्त करती है.

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top