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Diving Support Vessel “Nipun”- परिचय, लागत, विशेषताएं एवं महत्व

Diving Support Vessel “Nipun”- परिचय, लागत, विशेषताएं एवं महत्व

Diving Support Vessel Nipun

संदर्भ:

रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) के अनुसार, भारतीय नौसेना 31 अगस्त 2026 को मुंबई स्थित नौसेना डॉकयार्ड में स्वदेश निर्मित अत्याधुनिक डाइविंग सपोर्ट पोत ‘निपुण’ (Diving Support Vessel Nipun) का आधिकारिक तौर पर जलावतरण और कमीशनिंग करेगी। 

डाइविंग सपोर्ट पोत ‘निपुण’ के बारे में:

  • परिचय: निपुण गहरे समुद्र में जटिल गोताखोरी, पानी के नीचे अनुसंधान, खोज और बचाव अभियानों (Search & Rescue Operations) को पूरा देने के लिए डिज़ाइन किया गया एक नौसैनिक जहाज है।
    • इसका नाम संस्कृत शब्द ‘निपुण’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है “किसी विशेष विधा में अत्यंत कुशल या पारंगत”
  • निर्माणकर्ता: इस पोत का डिज़ाइन और निर्माण विशाखापत्तनम स्थित सरकारी रक्षा उपक्रम हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (Hindustan Shipyard Limited – HSL) द्वारा पूर्णतः स्वदेशी रूप से किया गया है।
  • श्रेणी: यह ‘निस्तार श्रेणी’ (Nistar-class Project) का दूसरा और अंतिम गोताखोरी सहायक पोत है। इसकी सिस्टर शिप ‘आईएनएस निस्तार’ को जुलाई 2025 में नौसेना में शामिल किया गया था। 
  • अनुबंध: रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) और हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) के बीच 20 सितंबर 2018 को दो डाइविंग सपोर्ट जहाजों के निर्माण का ऐतिहासिक द्विपक्षीय समझौता हुआ था।
    • व्यापक समुद्री परीक्षणों (Sea Trials) के बाद 30 जुलाई 2026 को इसे नौसेना को सौंपा गया था। 
  • विशेषताएं:
  • लंबाई और चौड़ाई: इस विशाल पोत की कुल लंबाई 118.4 मीटर और अपने सबसे चौड़े बिंदु पर इसकी चौड़ाई 22.8 मीटर है।
    • विस्थापन क्षमता (Displacement): पूर्ण परिचालन स्थिति में इसका कुल विस्थापन भार 9,350 टन है।
    • स्वदेशी सामग्री (Indigenous Content): ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ विज़न के अनुरूप, इसमें 75% से 80% तक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
      • इसके निर्माण में देश की लगभग 120 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) ने सहयोग दिया है।
    • वर्गीकरण नियम: इसे भारतीय पोत वर्गीकरण सोसायटी यानी इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (IRS) के कड़े तकनीकी नियमों के तहत प्रमाणित किया गया है। 
  • सैटुरेशन डाइविंग सिस्टम (Saturation Diving System): यह पोत अत्याधुनिक सैटुरेशन डाइविंग बुनियादी ढांचे से लैस है, जो नौसैनिक गोताखोरों को समुद्र में 300 मीटर तक की अत्यधिक गहराई में लंबे समय तक सुरक्षित रहकर काम करने की सुविधा देता है।
  • मदर शिप की भूमिका (Mother Ship): ‘निपुण’ भारतीय नौसेना के डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हीकल (Deep Submergence Rescue Vehicle – DSRV) के लिए मुख्य ‘मदर शिप’ यानी मातृ पोत के रूप में कार्य करेगा। 
  • रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (ROVs): गहरे समुद्र में मानव पहुंच से दूर क्षेत्रों के निरीक्षण, मलबे की निगरानी और पानी के नीचे सटीक हस्तक्षेप के लिए इसमें एडवांस्ड रोबोटिक आरओवी (ROVs) तैनात किए गए हैं।
  • प्रिसिजन स्टेशन कीपिंग (Dynamic Positioning): चुनौतीपूर्ण समुद्री लहरों और तूफानों के बीच गोताखोरों की सुरक्षा के लिए इसमें DP-II श्रेणी की सटीक स्थिति नियंत्रण प्रणाली लगाई गई है।
  • प्रतीक चिन्ह (Crest): इसके आधिकारिक शिखा चिन्ह (Crest) में एक विशाल व्हेल को दर्शाया गया है जो गहरे समुद्र में दीर्घकालिक सहनशक्ति का प्रतीक है, और एक आधुनिक डाइविंग हेलमेट है जो इसके प्राथमिक मिशन को प्रदर्शित करता है।

महत्व:

  • पनडुब्बी बचाव क्षमता का स्वदेशीकरण: हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में चीन की बढ़ती पनडुब्बी उपस्थिति को देखते हुए, भारत को अपनी पनडुब्बी परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए स्वतंत्र और त्वरित बचाव प्रणालियों की आवश्यकता थी। ‘निपुण’ विदेशी सहायता पर निर्भरता को पूरी तरह समाप्त करता है।
  • ब्लू-वाटर नेवी और समुद्री प्रभुत्व: यह पोत भारतीय नौसेना (Indian Navy New Vessel 2026) को केवल तटीय सुरक्षा से आगे बढ़ाकर गहरे समुद्र (Deep-Sea Operations) में लंबे समय तक टिके रहने वाली एक ‘ब्लू-वाटर नेवी’ के रूप में स्थापित करता है।
  • अंडरवाटर वॉरफेयर और इंटेलिजेंस: समुद्र के भीतर बिछी ऑप्टिकल फाइबर केबलों की सुरक्षा, जलमग्न दुश्मन प्रणालियों की टोह लेने और महत्वपूर्ण नौसैनिक मलबे को रिकवर करने में यह जहाज रणनीतिक बढ़त प्रदान करता है।
  • रक्षा जहाज निर्माण में आत्मनिर्भरता: 75-80% स्वदेशी उपकरणों के साथ इसका सफल विनिर्माण साबित करता है कि भारत का घरेलू रक्षा इकोसिस्टम अब जटिल और अत्यधिक विशिष्ट युद्धपोतों को स्वतंत्र रूप से बनाने में सक्षम हो चुका है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Diving Support Vessel ‘Nipun’ क्या है?

उत्तर: यह भारतीय नौसेना का स्वदेश निर्मित अत्याधुनिक गोताखोरी सहायक पोत (Diving Support Ship) है, जो गहरे समुद्र में बचाव अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रश्न 2: Nipun Vessel भारतीय नौसेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: यह गहरे समुद्र में खोज, मलबे की रिकवरी और आपातकाल में पनडुब्बियों से कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकालने की नौसेना की क्षमता को बहुगुणित करता है।

प्रश्न 3: Diving Support Vessel का मुख्य काम क्या होता है?

उत्तर: इसका मुख्य काम पानी के नीचे सैन्य मरम्मत, सैचुरेशन डाइविंग में गोताखोरों को लाइफ-सपोर्ट देना और जलमग्न रोबोटिक निरीक्षण (ROV) करना है। 

प्रश्न 4: Nipun को किस Shipyard ने बनाया है?

उत्तर: इस 118.4 मीटर लंबे विशेष पोत का निर्माण विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा रक्षा मंत्रालय के अनुबंध के तहत किया गया है। 

प्रश्न 5: Nipun Vessel में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?

उत्तर: इसमें 300 मीटर गहराई तक गोताखोरी प्रणाली, डीएसआरवी (DSRV) लॉन्च पैड, हेलिकॉप्टर डेक, रिमोट वाहन और विशेष चिकित्सा/दबाव कक्ष (Medical Support) शामिल हैं। 

प्रश्न 6: क्या Nipun का इस्तेमाल Underwater Operations में किया जाएगा?

उत्तर: हाँ, यह समुद्र की सतह के नीचे जटिल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में गोताखोरों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सभी प्रकार के सक्रिय अंडरवाटर ऑपरेशंस का मुख्य केंद्र होगा।

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