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डिफेंस फोर्सेज सिक्योर एक्सेस कार्ड (DEFSAC) प्रणाली, RFID तकनीक का होगा उपयोग

डिफेंस फोर्सेज सिक्योर एक्सेस कार्ड (DEFSAC) प्रणाली, RFID तकनीक का होगा उपयोग

DEFSAC System

संदर्भ: 

हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (Defence Acquisition Council – DAC) द्वारा भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए ₹1.10 लाख करोड़ की रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। जिसके तहत डिफेंस फोर्सेज सिक्योर एक्सेस कार्ड (Defence Forces Secure Access Card – DEFSAC) प्रणाली की स्थापना को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई।

DEFSAC प्रणाली के बारे में:

  • परिचय: Defence Forces Secure Access Card प्रणाली भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल रूप से अभेद्य बनाने के लिए डिज़ाइन की गई एक साझा स्मार्ट पहचान और पहुंच नियंत्रण प्रणाली (Common Smart Identity and Access Control System) है।
  • मूल उद्देश्य: सैन्य छावनियों, एयरबेसों, संवेदनशील रक्षा कार्यालयों और रणनीतिक ठिकानों पर अनधिकृत प्रवेश (Unauthorized Access) को पूर्णतः रोकना इसका मुख्य उद्देश्य है।
  • मंजूरी प्राधिकरण: इस प्रणाली को रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा आवश्यकता की स्वीकृति (Acceptance of Necessity – AoN) श्रेणी के तहत प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी प्रदान की गई।
  • मंत्रालय: यह परियोजना पूर्ण रूप से भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) की देखरेख में संचालित और स्थापित की जा रही है। 
  • समयसीमा: इसके विनिर्माण और चरणबद्ध जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन (Ground Implementation) की प्रक्रिया को अगले 2 से 3 वर्षों के भीतर सभी प्रमुख रक्षा केंद्रों पर पूरा करने का रणनीतिक लक्ष्य रखा गया है।
  • तकनीक: रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (Radio Frequency Identification – RFID) तकनीक प्रणाली का मुख्य आधार है।
    • यह तकनीक रेडियो तरंगों (Radio Waves) का उपयोग करके स्मार्ट कार्ड में लगे माइक्रोचिप से जुड़े डेटा को बिना किसी भौतिक स्पर्श (Contactless Tracking) के तुरंत पढ़ सकती है।
  • इंटरोपऑपरेबिलिटी: यह एक इंटरऑपरेबल प्रणाली (Interoperable Smart Card System) है, जिसका अर्थ है कि एक ही कार्ड का उपयोग थलसेना, वायुसेना और नौसेना के विभिन्न बेस और सुरक्षा द्वारों पर निर्बाध रूप से किया जा सकेगा। 
  • घटक:
    • DEFSAC RFID स्मार्ट कार्ड: प्रत्येक सैन्य अधिकारी, जवान, नागरिक कर्मचारी और उनके आश्रितों को बायोमेट्रिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस डिजिटल डिफेंस आइडेंटिटी कार्ड (Digital Defence Identity Card) जारी किए जाएंगे।
    • स्वचालित आरएफआईडी रीडर (Automated RFID Readers): रक्षा प्रतिष्ठानों के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर उन्नत आरएफआईडी सेंसर और बैरियर लगाए जाएंगे।
    • केंद्रीकृत डेटाबेस (Centralized Database): सुरक्षा कर्मियों का सारा डेटा एक अत्यधिक सुरक्षित राष्ट्रीय सैन्य सर्वर से जुड़ा होगा।
  • कार्यप्रणाली: जैसे ही कोई व्यक्ति इस कार्ड के साथ प्रवेश द्वार के नजदीक आएगा, सेंसर बिना कार्ड छुए वायरलेस तरीके से उसकी पहचान को सत्यापित कर देगा। वैध पाए जाने पर ही गेट स्वचालित रूप से खुलेगा। गलत या अमान्य प्रयास होने पर तुरंत केंद्रीय सुरक्षा रूम में अलार्म बज जाएगा। 
  • महत्व:
    • कागजी दस्तावेजों का प्रतिस्थापन: यह प्रणाली पुराने समय से चले आ रहे कागज-आधारित पहचान पत्रों, गेट पासों और अस्थायी परमिटों को पूरी तरह से समाप्त (Replace) कर देगी। कागजी पासों के फटने, खोने या उनके जाली रूप (Counterfeit Passes) तैयार करने का जोखिम अब शून्य हो जाएगा।
    • वास्तविक समय ट्रैकिंग (Real-Time Tracking): कमांडरों को यह स्पष्ट जानकारी रहेगी कि किसी भी संवेदनशील तकनीकी विंग या गोला-बारूद डिपो के भीतर वर्तमान में कितने लोग मौजूद हैं।
    • साइबर और भौतिक सुरक्षा का समन्वय: स्मार्ट कार्ड के एन्क्रिप्टेड कोड को डिकोड करना या कॉपी करना असंभव है, जिससे जासूसी और घुसपैठ (Infiltration) के खतरे समाप्त हो जाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: DEFSAC System क्या है?

उत्तर: यह रक्षा मंत्रालय द्वारा स्वीकृत एक सुरक्षित डिजिटल पहचान पत्र और डिजिटल एक्सेस नियंत्रण प्रणाली (Defence Security Technology) है, जो सैन्य ठिकानों की सुरक्षा मजबूत करती है। [4]

प्रश्न 2: Defence Forces Secure Access Card में कौन सी Technology इस्तेमाल होगी?

उत्तर: इस आधुनिक रक्षा कार्ड में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक और बायोमेट्रिक एन्क्रिप्शन का उपयोग किया जाएगा। [1, 8]

प्रश्न 3: RFID Smart Card से Defence Security को क्या फायदा होगा?

उत्तर: इससे बिना किसी मानवीय भूल के त्वरित स्पर्श-रहित सत्यापन संभव होगा तथा अनधिकृत प्रवेश और जाली प्रवेश पत्रों के निर्माण पर पूर्ण अंकुश लगेगा।

प्रश्न 4: DEFSAC System किन पुराने Documents को Replace करेगा?

उत्तर: यह प्रणाली वर्तमान में उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक कागज-आधारित पहचान पत्रों (Identity Cards), मैन्युअल गेट पास और परमिटों को रिप्लेस करेगी। [1, 5]

प्रश्न 5: DEFSAC को किस Defence Force के लिए मंजूरी मिली है?

उत्तर: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने इसे मुख्य रूप से भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के परिसरों से शुरू करते हुए सभी रक्षा बलों के लिए मंजूरी दी है। [1, 3]

प्रश्न 6: DEFSAC System से Defence Establishments की Security कैसे मजबूत होगी?

उत्तर: यह प्रणाली त्रि-स्तरीय डिजिटल सत्यापन, रीयल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग और अत्याधुनिक एन्क्रिप्शन द्वारा घुसपैठ व डेटा चोरी की आशंकाओं को पूर्णतः समाप्त कर देती है।

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