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11th National Ayurveda Day 2026: “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” थीम पर किया जाएगा आयोजन

11th National Ayurveda Day 2026: “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” थीम पर किया जाएगा आयोजन

11th National Ayurveda Day 2026

संदर्भ:

23 सितंबर 2026 को देश भर में 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस (11th National Ayurveda Day 2026) गरिमापूर्ण तरीके से मनाया जा रहा है। 

  • इस वर्ष का मुख्य समारोह “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” (Swasth Bhavishya Ke Liye Ayurveda) की दूरदर्शी थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के बारे में:

  • परिचय: National Ayurveda Day एक वार्षिक प्रतिष्ठित दिवस है, जो हर साल भगवान धन्वंतरि की जयंती अर्थात धनतेरस (Dhanteras) के पावन अवसर पर आयोजित किया जाता है।
  • शुरुआत (Inception): भारत सरकार ने वर्ष 2016 में आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए हर साल धनवंतरी जयंती (धन्वंतरि त्रयोदशी) को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था।
  • शासी निकाय: इस दिवस का देश-विदेश में समग्र नियोजन और निष्पादन आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) द्वारा किया जाता है।
  • सहयोगी संस्थान: आयुष मंत्रालय के अधीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) और विभिन्न राज्य स्वास्थ्य विभाग इसके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • मुख्य उद्देश्य:
    • वैश्विक स्वीकार्यता: आयुर्वेद को साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (Evidence-based Medicine) के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना।
    • जन-स्वास्थ्य में एकीकरण: देश की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली (Primary Healthcare System) में आयुर्वेद के सिद्धांतों को समाहित करना ताकि गैर-संचारी रोगों (NCDs) का प्रभावी प्रबंधन किया जा सके।
    • रूढ़िवादिता को कम करना: प्राचीन ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधानों (Scientific Validations) से जोड़कर युवाओं के बीच इसकी प्रासंगिकता बढ़ाना।

आयुर्वेद के सिद्धांत एवं लाभ

  • पंचमहाभूत सिद्धांत: आयुर्वेद के अनुसार, ब्रह्मांड और मानव शरीर दोनों पांच तत्वों से बने हैं—आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी
  • त्रिदोष सिद्धांत: मानव शरीर का संपूर्ण स्वास्थ्य तीन शारीरिक दोषों के संतुलन पर निर्भर करता है:
    • वात (Vata): आकाश और वायु तत्वों का प्रतिनिधित्व (गतिशीलता और तंत्रिका तंत्र नियंत्रण)।
    • पित्त (Pitta): अग्नि और जल तत्वों का प्रतिनिधित्व (चयापचय और पाचन क्रिया)।
    • कफ (Kapha): जल और पृथ्वी तत्वों का प्रतिनिधित्व (शारीरिक संरचना और स्थिरता)।
  • सप्तधातु और मल: शरीर को पोषण देने वाले सात ऊतक (रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, शुक्र) और अपशिष्ट पदार्थों (मल) का उचित निष्कासन अच्छे स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है।
  • स्वास्थ्य लाभ:
    • समग्र उपचार (Holistic Healing): यह केवल बीमारी के लक्षणों का इलाज नहीं करता, बल्कि रोग के मूल कारण (Root Cause) को समूल नष्ट करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
    • निवारक देखभाल (Preventive Healthcare): ऋतुचर्या (मौसम के अनुसार दिनचर्या) और दिनचर्या (दैनिक अनुशासन) के माध्यम से बीमारियों को शरीर में पनपने से पहले ही रोकने का मार्ग प्रशस्त करता है।
    • न्यूनतम दुष्प्रभाव: प्राकृतिक जड़ी-बूटियों (Herbal Formulations) और खनिजों पर आधारित होने के कारण, सही मार्गदर्शन में उपयोग करने पर इसके कोई दुष्प्रभाव (Side Effects) नहीं होते हैं।

समकालीन भारत में आयुर्वेद की प्रगति:

  • ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन (GCTM): विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा भारत के जामनगर (गुजरात) में स्थापित यह केंद्र पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का वैश्विक केंद्र बन चुका है।
  • आयुष वीजा (AYUSH Visa): भारत सरकार ने चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) को बढ़ावा देने के लिए विदेशी नागरिकों के लिए एक विशेष ‘आयुष वीज़ा’ श्रेणी की शुरुआत की है, जिससे भारत वैश्विक वेलनेस हब (Global Wellness Hub) के रूप में उभर रहा है।
  • आयुष ग्रिड (AYUSH Grid): स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए आयुष क्षेत्र के पूरे आईटी बुनियादी ढांचे को डिजिटल नेटवर्क (Digital Infrastructure) से जोड़ा जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: 11वां National Ayurveda Day 2026 कब मनाया जाएगा?

उत्तर: 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस संपूर्ण भारत में 23 सितंबर 2026 को धन्वंतरि जयंती (धनतेरस) के शुभ अवसर पर मनाया जा रहा है।

प्रश्न 2: National Ayurveda Day 2026 की theme क्या है?

उत्तर: इस वर्ष के राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की आधिकारिक थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” (Swasth Bhavishya Ke Liye Ayurveda) निर्धारित की गई है।

प्रश्न 3: “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” का क्या मतलब है?

उत्तर: इसका तात्पर्य भावी पीढ़ियों को आधुनिक जीवनशैली की बीमारियों से बचाने के लिए आयुर्वेद के निवारक और समग्र स्वास्थ्य सिद्धांतों (Preventive Healthcare) को दैनिक जीवन में अपनाना है।

प्रश्न 4: National Ayurveda Day की शुरुआत कब हुई थी?

उत्तर: राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुरुआत भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा वर्ष 2016 में की गई थी, जिसका उद्देश्य इस पद्धति को वैश्विक मंच पर लाना है।

प्रश्न 5: National Ayurveda Day क्यों मनाया जाता है?

उत्तर: यह दिवस चिकित्सा और आरोग्यता के देवता भगवान धन्वंतरि की जयंती के उपलक्ष्य में आयुर्वेद के महत्व और इसके स्वास्थ्य लाभों (Ayurveda Health Benefits) के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु मनाया जाता है।

प्रश्न 6: 11th Ayurveda Day का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना, वैश्विक स्तर पर पारंपरिक दवाओं की स्वीकार्यता बढ़ाना और आयुष स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़ करना है।

प्रश्न 7: भारत में Ayurveda Day का आयोजन कौन करता है?

उत्तर: भारत में इस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्सव का मुख्य आयोजन भारत सरकार का आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) विभिन्न शैक्षणिक व अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से करता है।

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