International Criminal Court (ICC): परिचय, गठन, इतिहास, संरचना एवं शक्तियां
संदर्भ:
संयुक्त राज्य अमेरिका ने 9 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (International Criminal Court – ICC) पर संस्थागत स्तर पर कड़े वित्तीय प्रतिबंध लगाने की आधिकारिक घोषणा की।
- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे एक “भ्रष्ट और अवैध न्यायालय” (Rogue Court) बताते हुए वैश्विक वित्तीय प्रणालियों और संसाधनों से अलग करने का निर्देश दिया।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) और यूरोपीय संघ ने इस कदम की निंदा की।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के बारे में:
- परिचय: अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (International Criminal Court ICC), विश्व का पहला और एकमात्र स्थायी अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण है।
- इसका प्राथमिक उद्देश्य नरसंहार, युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ किए गए गंभीर वैश्विक अपराधों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर मुकदमा चलाना और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्याय (International Criminal Justice) सुनिश्चित करना है।
- मुख्यालय: इसका स्थायी मुख्यालय द हेग, नीदरलैंड्स में स्थित है।
- संबद्धता: यह एक स्वतंत्र संस्था है। हालांकि यह संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) का हिस्सा नहीं है, लेकिन यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के साथ सहयोग के तहत काम करता है।
- गठन:
- रोम संविधि (Rome Statute ICC): द्वितीय विश्व युद्ध के नूर्नबर्ग मुकदमों और 1990 के दशक में रवांडा एवं यूगोस्लाविया के तदर्थ न्यायाधिकरणों के अनुभवों के बाद एक स्थायी अदालत की आवश्यकता महसूस की गई। इसके तहत 17 जुलाई 1998 को एक अंतरराष्ट्रीय राजनयिक सम्मेलन में ‘रोम संविधि’ को अपनाया गया।
- विधिक स्थापना: इस संधि पर पर्याप्त देशों के हस्ताक्षर के बाद 1 जुलाई 2002 से यह कानूनी रूप से प्रभावी हुआ। इसी तारीख से आईसीसी ने आधिकारिक तौर पर काम करना शुरू किया।
- सदस्य देश (ICC Member Countries): वर्तमान में दुनिया के 124 देश रोम संविधि के पक्षकार (Signatories) और आईसीसी के पूर्ण सदस्य हैं।
- संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), रूस, चीन, और इजराइल इसके सदस्य नहीं हैं। अमेरिका ने शुरुआती तौर पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन बाद में अपनी संसद में इसकी पुष्टि (Ratification) नहीं की।
- भारत आईसीसी का सदस्य नहीं है। भारत का मानना है कि रोम संविधि में संप्रभुता के सिद्धांतों से समझौता किया गया है और सुरक्षा परिषद को दिए गए वीटो अधिकार (Vito Power) अभियोजन प्रक्रिया में राजनीतिक भेदभाव पैदा करते हैं।
- संरचना और संगठन: आईसीसी का संचालन विधिक एवं प्रशासनिक सुगमता के लिए चार मुख्य अंगों में विभाजित है:
- प्रेसीडेंसी (Presidency): यह न्यायालय का शीर्ष प्रशासनिक अंग है। इसमें तीन न्यायाधीश (अध्यक्ष, प्रथम उपाध्यक्ष और द्वितीय उपाध्यक्ष) शामिल होते हैं, जिन्हें न्यायाधीशों द्वारा ही चुना जाता है। वर्तमान में इसकी अध्यक्ष तोमोको अकाने हैं।
- न्यायिक प्रभाग (Judicial Divisions): इसमें कुल 18 न्यायाधीश (ICC Judges) होते हैं, जिन्हें सदस्य देशों की असेंबली (ASP) द्वारा 9 वर्ष के गैर-नवीकरणीय कार्यकाल के लिए चुना जाता है। इसे तीन चैंबरों में बांटा गया है: Pre-Trial, Trial, और Appeals Chamber।
- अभियोजक का कार्यालय (Office of the Prosecutor – OTP): यह आईसीसी का एक पूरी तरह स्वतंत्र अंग है। इसके प्रमुख आईसीसी अभियोजक (ICC Prosecutor) होते हैं (वर्तमान में करीम खान), जो अपराधों की जांच करने, साक्ष्य जुटाने और संदिग्धों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की सिफारिश करते हैं।
- रजिस्ट्री (Registry): यह न्यायालय के गैर-न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों जैसे सुरक्षा, लोक सूचना, और पीड़ितों की अदालती सहायता का प्रबंधन करती है।
क्षेत्राधिकार और शक्तियां:
- विषय-वस्तु क्षेत्राधिकार (Subject-Matter Jurisdiction): अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय शक्तियां (International Criminal Court Powers) केवल चार विशिष्ट श्रेणियों के वैश्विक अपराधों तक सीमित हैं:
- नरसंहार (Genocide Investigation ICC): किसी राष्ट्रीय, जातीय, नस्लीय या धार्मिक समूह को पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट करने का प्रयास।
- मानवता के खिलाफ अपराध (Crimes Against Humanity ICC): किसी नागरिक आबादी पर व्यापक या व्यवस्थित हमलों के तहत की गई हत्या, गुलामी या जबरन विस्थापन।
- युद्ध अपराध (ICC War Crimes Cases): जिनेवा कन्वेंशन का गंभीर उल्लंघन, जैसे जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाना या युद्ध बंदियों पर अत्याचार।
- आक्रामकता का अपराध (Crime of Aggression): किसी राज्य द्वारा दूसरे राज्य की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ सैन्य बल का अवैध उपयोग।
- क्षेत्राधिकार के सिद्धांत:
- पूरकता का सिद्धांत (Principle of Complementarity): आईसीसी एक प्राथमिक अदालत नहीं है। यह केवल तभी हस्तक्षेप करती है जब कोई राष्ट्रीय विधिक प्रणाली (National Courts) गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराधों की जांच करने में असमर्थ (Unable) हो या अनिच्छुक (Unwilling) हो।
- भौगोलिक क्षेत्राधिकार: यह केवल सदस्य देशों की भूमि पर हुए अपराधों या सदस्य देशों के नागरिकों द्वारा किए गए अपराधों की जांच कर सकती है।
- सुरक्षा परिषद का संदर्भ: यदि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) अध्याय VII के तहत किसी मामले को संदर्भित (Refer) करती है, तो आईसीसी गैर-सदस्य देशों (जैसे सूडान या लीबिया) के मामलों की भी जांच कर सकती है।
नवीन भू-राजनीतिक चुनौतियाँ:
- अमेरिकी प्रतिबंध 2026: अमेरिकी प्रशासन ने न्यायालय को वैश्विक वित्तीय प्रणालियों से पूरी तरह ब्लॉक करने के लिए सख्त आदेश जारी किया है।
- इसके तहत कोई भी अमेरिकी बैंक, बीमा प्रदाता या सॉफ्टवेयर कंपनी आईसीसी को सेवाएं नहीं दे सकेगी।
- अमेरिका का आरोप है कि न्यायालय ने राजनीतिक पूर्वाग्रह के तहत इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों के खिलाफ अवैध कदम उठाए हैं।
- आईसीसी अध्यक्ष तोमोको अकाने ने इन प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था (International Legal Order) और कानून के शासन पर हमला बताया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) क्या है?
उत्तर: यह गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराधों (जैसे नरसंहार और युद्ध अपराधों) के लिए जिम्मेदार अपराधियों पर मुकदमा चलाने वाली विश्व की पहली स्थायी स्वतंत्र अदालत (International Criminal Justice) है।
प्रश्न 2: ICC की स्थापना कब और क्यों हुई?
उत्तर: इसकी स्थापना 1 जुलाई 2002 को रोम संविधि (Rome Statute ICC) के तहत की गई थी, ताकि वैश्विक स्तर पर नरसंहार जैसे जघन्य अपराधों के लिए दंडमुक्ति (Impunity) को समाप्त किया जा सके।
प्रश्न 3: ICC का मुख्यालय कहां स्थित है?
उत्तर: अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय का आधिकारिक और स्थायी मुख्यालय द हेग, नीदरलैंड्स (The Hague, Netherlands) में स्थित है।
प्रश्न 4: Rome Statute क्या है?
उत्तर: रोम संविधि (Rome Statute) वह अंतरराष्ट्रीय संधि (International Treaty) है, जिसके वैधानिक प्रावधानों के आधार पर आईसीसी की स्थापना, क्षेत्राधिकार और प्रशासनिक अंगों का निर्धारण किया गया है।
प्रश्न 5: ICC की संरचना में कौन-कौन से प्रमुख अंग शामिल हैं?
उत्तर: आईसीसी की संरचना (ICC Structure and Organisation) में मुख्य रूप से चार अंग शामिल हैं: प्रेसीडेंसी, न्यायिक प्रभाग (18 न्यायाधीश), अभियोजक का कार्यालय (OTP) और रजिस्ट्री।
प्रश्न 6: ICC के पास कौन-कौन सी शक्तियां हैं?
उत्तर: इसके पास सदस्य देशों या सुरक्षा परिषद द्वारा संदर्भित मामलों में नरसंहार, युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के अभियुक्तों के खिलाफ जांच करने और वैश्विक गिरफ्तारी वारंट जारी करने की न्यायिक शक्तियां हैं।
