Delhi Institute for Transformation and Innovation: उद्देश्य, गठन, संरचना एवं कार्य
संदर्भ:
हाल ही में दिल्ली सरकार ने नीति आयोग (NITI Aayog) की तर्ज पर राज्य में विकास योजनाओं और सार्वजनिक नीतियों को गति देने के लिए दिल्ली इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन (Delhi Institute for Transformation and Innovation – DITI) के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
DITI के बारे में:
- परिचय: Delhi Institute for Transformation and Innovation – DITI, दिल्ली सरकार का एक उच्च स्तरीय सार्वजनिक नीति अनुसंधान और सलाहकार निकाय (Public Policy Research Think Tank) है।
- यह संस्थान पूर्ववर्ती ‘डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन’ (Dialogue and Development Commission – DDC) का स्थान लेगा।
- योजना विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के सतत विकास (Sustainable Development) और संस्थागत सुधारों (Institutional Reforms) के लिए मुख्य रणनीतिक इनपुट प्रदाता के रूप में कार्य करेगा।
- घोषणा: मुख्यमंत्री ने अपने बजट 2026-27 भाषण में इस संस्थान की स्थापना की घोषणा की थी, जिसके लिए चालू वित्त वर्ष में ₹59 करोड़ का बजटीय आवंटन किया गया है।
- अधिसूचना: दिल्ली सरकार के योजना विभाग (Planning Department) ने 12 अक्टूबर 2026 को इसके औपचारिक गठन की अधिसूचना जारी की।
- प्रमुख उद्देश्य:
- रोडमैप निर्माण: दिल्ली के दीर्घकालिक विकास को गति देने के लिए व्यापक ‘विजन दिल्ली 2047’ (Vision Delhi 2047) दस्तावेज़ का खाका तैयार करना।
- डेटा-संचालित नीतियां: नीतियों को अधिक मजबूत, वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित (Evidence-based Policy) बनाने के लिए व्यापक अनुसंधान (Research) और डेटा विश्लेषण करना।
- प्रशासनिक दक्षता: सरकारी विभागों के बीच समन्वय (Inter-departmental Coordination) को बढ़ाना और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना।
- समावेशी विकास (Inclusive Development): यह सुनिश्चित करना कि दिल्ली की आर्थिक समृद्धि का लाभ समाज के सबसे संवेदनशील और हाशिए पर मौजूद वर्गों (Vulnerable Sections) तक पहुंचे।
- संगठनात्मक संरचना: इस नीति संस्थान को दो-स्तरीय प्रशासनिक ढांचे (Two-tier Administrative Structure) में वर्गीकृत किया गया है:
- शासी बोर्ड (Governing Board): यह संस्थान का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है:
- अध्यक्ष (Chairperson): दिल्ली की मुख्यमंत्री (रेखा गुप्ता) इसकी पदेन अध्यक्ष हैं।
- उपाध्यक्ष (Vice-Chairman): मुख्यमंत्री द्वारा एक प्रख्यात विशेषज्ञ को उपाध्यक्ष के रूप में नामित किया जाएगा।
- सदस्य (Members): दिल्ली कैबिनेट के सभी मंत्री, मुख्य सचिव, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के उपाध्यक्ष, दिल्ली नगर निगम (MCD) के आयुक्त और नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) के अध्यक्ष इसके पदेन सदस्य होंगे।
- सदस्य सचिव (Member Secretary): योजना विभाग के प्रशासनिक सचिव इस बोर्ड के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
- कार्यकारी समिति (Executive Committee): दैनिक कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए इस समिति का गठन किया गया है:
- अध्यक्ष: दिल्ली के मुख्य सचिव (Chief Secretary) इस समिति की अध्यक्षता करेंगे।
- सदस्य: इसमें योजना, शहरी विकास (Urban Development), लोक निर्माण विभाग (PWD) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभागों के प्रशासनिक सचिव शामिल होंगे।
- ज्ञान भागीदार (Knowledge Partner): अग्रणी ज्ञान संस्थान के रूप में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के प्रतिनिधि को इसमें शामिल किया गया है।
- प्रमुख कार्य:
- क्षेत्रीय लक्ष्यों का निर्धारण: दिल्ली की शिक्षा नीति (Education Policy), सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे आठ प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना और सामाजिक-आर्थिक लक्ष्य (Socio-economic Goals) तय करना।
- निगरानी और मूल्यांकन: दिल्ली सरकार की विभिन्न कल्याणकारी और ढांचागत परियोजनाओं के जमीनी प्रभाव का आकलन (Impact Assessment) करना।
- नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (Innovation Ecosystem): दिल्ली में स्टार्टअप्स, डिजिटल गवर्नेंस और उभरती तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक योजनाएं बनाना।
दिल्ली सरकार की नीति-निर्माण और शासन सुधारों में भूमिका:
- रणनीतिक थिंक टैंक के रूप में: यह संस्थान केवल सलाहकार निकाय नहीं होगा, बल्कि दिल्ली की जटिल भौगोलिक और प्रशासनिक स्थिति (केंद्र-राज्य शक्तियों का विभाजन) को ध्यान में रखते हुए लोक नीति अनुसंधान (Public Policy Research) को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ढालेगा।
- प्रशासनिक सुधार (Administrative Reforms): यह नौकरशाही की कार्यप्रणाली में सुधार करने, जनसेवाओं की डिलीवरी प्रणाली को सुगम बनाने और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के सिद्धांत को धरातल पर उतारने में मदद करेगा।
- शहरी नियोजन और आर्थिक विकास: ‘मास्टर प्लान फॉर दिल्ली (MPD) 2047’ और ‘गो-दिल्ली फाउंडेशन’ जैसी पहलों के साथ तालमेल बिठाकर यह नवाचार कूटनीति के माध्यम से दिल्ली को एक वैश्विक और आर्थिक रूप से जीवंत शहर में बदलने का माध्यम बनेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Delhi Institute for Transformation and Innovation (DITI) क्या है?
उत्तर: यह नीति आयोग की तर्ज पर दिल्ली सरकार द्वारा गठित एक नया उच्च-स्तरीय सार्वजनिक नीति थिंक टैंक (Policy Think Tank) और प्रमुख सलाहकार निकाय है।
प्रश्न 2: DITI का गठन क्यों किया गया?
उत्तर: इसका गठन दिल्ली के दीर्घकालिक विकास, ‘विजन दिल्ली 2047’ का रोडमैप तैयार करने और अनुसंधान-आधारित नीतिगत सुझाव देने के लिए किया गया है।
प्रश्न 3: DITI के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?
उत्तर: मुख्य उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based Policy), सतत शहरी विकास सुनिश्चित करना, विभागों में समन्वय बढ़ाना और प्रशासनिक सुधारों की सिफारिश करना है।
प्रश्न 4: DITI की संरचना कैसी है?
उत्तर: इसके शासी बोर्ड की अध्यक्ष मुख्यमंत्री (रेखा गुप्ता) हैं। इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यकारी समिति भी काम करेगी।
प्रश्न 5: DITI के प्रमुख कार्य क्या हैं?
उत्तर: इसका कार्य विभिन्न सामाजिक-आर्थिक संकेतकों की निगरानी, विकास योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन (Evaluation) और शिक्षा, परिवहन जैसे क्षेत्रों में नवाचार लाना है।
प्रश्न 6: DITI दिल्ली सरकार की नीतियों को बनाने में कैसे मदद करेगा?
उत्तर: यह डेटा और वैज्ञानिक अनुसंधान (Data & Research) के आधार पर रणनीतिक इनपुट प्रदान करेगा, जिससे नीतियां कागजों के बजाय व्यावहारिक रूप से प्रभावी बनेंगी।
