Organisation of Islamic Cooperation (OIC): परिचय, गठन, सदस्य देश एवं कार्यक्षेत्र
संदर्भ:
हाल ही में भारत के विदेश मंत्री ने इस्लामिक सहयोग संगठन (Organisation of Islamic Cooperation – OIC) द्वारा जम्मू-कश्मीर और भारत के आंतरिक मामलों पर जारी किए गए भारत-विरोधी बयानों को कड़े शब्दों में खारिज किया। भारत ने स्पष्ट किया कि ओआईसी (OIC) बहुपक्षीय मंचों का दुरुपयोग कर रहा है और पाकिस्तान इस संगठन का उपयोग अपने निहित राजनीतिक एजेंडे को चलाने के लिए एक औजार के रूप में कर रहा है।
इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के बारे में:
- परिचय: OIC, इस्लामिक देश का एक संगठन है, जो खुद को मुस्लिम जगत की सामूहिक आवाज (Collective Voice of the Muslim World) के रूप में प्रस्तुत करता है।
- यह संयुक्त राष्ट्र (UN) के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अंतर-सरकारी संगठन (Intergovernmental Organization) है।
- मुख्यालय: संगठन का स्थायी सचिवालय और मुख्यालय जेद्दा, सऊदी अरब (Organisation of Islamic Cooperation Headquarters) में स्थित है।
- महासचिव: ओआईसी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ओआईसी महासचिव (OIC Secretary General) होते हैं, जिनका चुनाव पांच वर्ष की अवधि के लिए किया जाता है।
- स्थापना (OIC Formation): इसकी स्थापना 25 सितंबर 1969 को मोरक्को के रबात में आयोजित एक ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन में हुई थी।
- यह स्थापना सितंबर 1969 में यरुशलम में स्थित मुसलमानों के पवित्र स्थल अल-अक्सा मस्जिद (Al-Aqsa Mosque) में की गई आगजनी की घटना के विरोध और मुस्लिम पवित्र स्थलों की सुरक्षा के संकल्प के परिणामस्वरूप हुई थी।
- सदस्य देश (OIC Member Countries): वर्तमान में इस संगठन में 57 सदस्य देश (57 OIC Member States) शामिल हैं।
- भौगोलिक विस्तार: इसके सदस्य चार महाद्वीपों (एशिया, अफ्रीका, यूरोप और दक्षिण अमेरिका) में फैले हुए हैं।
- पर्यवेक्षक राज्य (Observer States): इसमें रूस, थाईलैंड, मध्य अफ्रीकी गणराज्य और टर्किश साइप्रस जैसे 5 पर्यवेक्षक देश/इकाईयां भी शामिल हैं।
- कार्यक्षेत्र: यह संगठन निम्नलिखित स्तंभों और लक्ष्यों (OIC Functions) के आधार पर संचालित होता है:
- मुस्लिम एकता: सदस्य राष्ट्रों के बीच इस्लामी एकजुटता और सामाजिक-आर्थिक सहयोग को मजबूत करना।
- पवित्र स्थलों का संरक्षण: यरुशलम (अल-कुद्स) सहित मुस्लिम पवित्र स्थलों की सुरक्षा और सम्मान को बहाल करना।
- संप्रभुता का सम्मान: सभी सदस्य देशों की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करना।
- अल्पसंख्यकों के अधिकार: गैर-सदस्य देशों में रहने वाले मुस्लिम अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना।
- राजनीतिक भूमिका (OIC Political Role): यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय संगठनों के साथ मिलकर काम करता है। यह फिलीस्तीन मुद्दे का पुरजोर समर्थन करता है।
- आर्थिक सहयोग (OIC Economic Cooperation): सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश और विकास को गति देने के लिए इस्लामिक विकास बैंक (Islamic Development Bank – IsDB) और ‘आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के लिए स्थायी समिति’ (COMCEC) के माध्यम से वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।
- मानवाधिकार पहल (OIC Human Rights Initiatives): संगठन ने इस्लामी मूल्यों के अनुरूप ‘इस्लाम में मानव अधिकारों पर काहिरा घोषणा’ को अपनाया है और इसके तहत एक स्वतंत्र स्थायी मानवाधिकार आयोग (IPHRC) भी कार्य करता है।
ओआईसी और भारत के संबंध:
1. भारत की सदस्यता का मुद्दा
- दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी (लगभग 20 करोड़ से अधिक) भारत में निवास करती है। इसके बावजूद भारत ओआईसी का सदस्य नहीं है।
- वर्ष 1969 के रबात शिखर सम्मेलन में भारत को आमंत्रित किया गया था, लेकिन पाकिस्तान के कड़े विरोध और धमकी के कारण भारत को प्रक्रिया से बाहर होना पड़ा।
2. द्विपक्षीय संबंधों और ओआईसी मंच में विरोधाभास
- मजबूत द्विपक्षीय संबंध: भारत के सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान और मिस्र जैसे प्रमुख ओआईसी सदस्य देशों के साथ बेहद मजबूत रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा संबंध हैं। वर्ष 2019 में यूएई ने भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री (सुषमा स्वराज) को ओआईसी विदेश मंत्रियों की बैठक में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ (Guest of Honour) के रूप में आमंत्रित किया था।
- मंच का विरोधाभास: इसके विपरीत, जब ये देश ओआईसी के मंच पर एक ब्लॉक के रूप में बैठते हैं, तो पाकिस्तान के दबाव में अक्सर कश्मीर मुद्दे पर भारत-विरोधी प्रस्ताव पारित कर देते हैं।
3. पाकिस्तान का दुष्प्रचार और भारत का रुख
- पाकिस्तान का एजेंडा: पाकिस्तान इस मंच का उपयोग कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय रंग देने और भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने के लिए करता है।
- भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: भारत लगातार ओआईसी के बयानों को यह कहकर खारिज करता है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। भारत ओआईसी को स्पष्ट चेतावनी देता रहा है कि वह पाकिस्तान के दुष्प्रचार में न आए और भारत के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Organisation of Islamic Cooperation (OIC) क्या है?
उत्तर: यह मुस्लिम बहुल देशों का एक अंतरराष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन (Islamic Cooperation Organisation) है, जो वैश्विक मंचों पर मुस्लिम जगत के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।
प्रश्न 2: OIC का गठन कब और क्यों हुआ?
उत्तर: इसका गठन 25 सितंबर 1969 को यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद में हुई आगजनी के बाद मुस्लिम पवित्र स्थलों की रक्षा और एकजुटता के लिए हुआ था।
प्रश्न 3: OIC का मुख्यालय कहां स्थित है?
उत्तर: ओआईसी का स्थायी सचिवालय और केंद्रीय मुख्यालय जेद्दा, सऊदी अरब (Saudi Arabia) में स्थित है।
प्रश्न 4: OIC में कितने सदस्य देश हैं?
उत्तर: वर्तमान में इस संगठन में कुल 57 सदस्य देश (OIC Member States List) शामिल हैं, जो विभिन्न महाद्वीपों में फैले हैं।
प्रश्न 5: OIC के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?
उत्तर: इसके मुख्य उद्देश्य मुस्लिम राष्ट्रों में सहयोग बढ़ाना, पवित्र इस्लामी स्थलों की रक्षा करना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुस्लिम अल्पसंख्यकों के अधिकारों का समर्थन करना है।
प्रश्न 6: OIC के सदस्य देशों में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
उत्तर: इसके प्रमुख सदस्यों में सऊदी अरब, यूएई, पाकिस्तान, तुर्की, ईरान, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया, बांग्लादेश और कजाकिस्तान सहित 57 देश शामिल हैं।
