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World’s 100 Best Museums 2026 List: बिहार संग्रहालय को विश्व स्तर पर 9वाँ और एशिया में प्रथम स्थान मिला

World’s 100 Best Museums 2026 List: बिहार संग्रहालय को विश्व स्तर पर 9वाँ और एशिया में प्रथम स्थान मिला

संदर्भ:

हाल ही में म्यूनिख (जर्मनी) आधारित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय यात्रा गाइड और पत्रिका वर्थ अ जर्नी (Worth a Journey) द्वारा जारी द वर्ल्ड्स 100 बेस्ट म्यूजियम्स 2026 (World’s 100 Best Museums 2026 List) में बिहार के पटना में स्थित बिहार संग्रहालय को विश्व स्तर पर 9वाँ स्थान (Bihar Museum 9th Global Rank) और संपूर्ण एशिया महाद्वीप में प्रथम स्थान (Bihar Museum Asia First Rank) प्राप्त हुआ है। यह गौरवपूर्ण रैंकिंग प्राप्त करने वाला यह भारत का एकमात्र संग्रहालय है।

द वर्ल्ड्स 100 बेस्ट म्यूजियम्स 2026 मुख्य बिंदु:

  • रैंकिंग की कार्यप्रणाली: यह मूल्यांकन डेटा एनालिटिक्स, आगंतुकों की समीक्षाओं (Visitor Reviews) और विशेषज्ञों द्वारा ऑन-साइट भौतिक सत्यापन (On-site Expert Evaluations) के हाइब्रिड मॉडल पर आधारित था।
  • टॉप म्यूजियम: सूची में मेक्सिको सिटी का ‘म्यूजियो नैशनल डी एंट्रोपोलोगिया’ (Museo Nacional de Antropología) पहले स्थान पर, मैड्रिड का ‘म्यूजियो डेल प्राडो’ दूसरे और डेनमार्क का ‘लुइसियाना म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट’ तीसरे स्थान पर रहा।
    • बिहार संग्रहालय (9वें स्थान) ने न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट (The Met) (10वें स्थान) और पेरिस के लूवर संग्रहालय (Louvre) (31वें स्थान) को पछाड़कर यह अंतरराष्ट्रीय ख्याति अर्जित की है।
  • बिहार संग्रहालय (Bihar Museum):
    • स्थापना: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दृष्टिकोण के तहत इस विश्व स्तरीय संग्रहालय की आधारशिला 2013 में रखी गई थी। इसे 2015 में आंशिक रूप से और 2017 में पूर्ण रूप से आम जनता के लिए समर्पित किया गया।
      • यह बिहार की राजधानी पटना में बेली रोड (जवाहरलाल नेहरू मार्ग) पर स्थित है।
    • वास्तुकला (Bihar Museum Architecture): यह परिसर लगभग 13.9 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है।
      • इसका आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन प्रित्जकर पुरस्कार (Pritzker Prize) विजेता जापानी वास्तुकार फुमिहिको माकी (Fumihiko Maki) ने मुंबई स्थित ‘ओपोलिस आर्किटेक्ट्स’ (Opolis Architects) के सहयोग से तैयार किया था।
    • प्रशासन: यह बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग (Department of Art, Culture and Youth) के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय के रूप में संचालित होता है।
    • संग्रहालय का अनूठा संग्रह (Bihar Museum Collections): संग्रहालय में प्रागैतिहासिक काल (Stone Age) से लेकर वर्ष 1764 (बक्सर के युद्ध) तक के ऐतिहासिक कालखंड की अमूल्य कलाकृतियों को वैज्ञानिक रूप से प्रदर्शित किया गया है:
  • दीदारगंज यक्षी (Didarganj Yakshi): मौर्यकालीन यह आदमकद मूर्ति इस संग्रहालय का मुख्य आकर्षण (Crown Jewel) है, जो अपनी विशिष्ट मौर्य पॉलिश और बारीक नक्काशी के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
  • कुर्किहार कांस्य प्रतिमाएं (Kurkihar Bronzes): पाल राजवंश (Pala Dynasty) के समय की उत्कृष्ट कांस्य मूर्तियों का दुर्लभ संग्रह यहाँ सुरक्षित है।
  • ऐतिहासिक दीर्घाएं: इसमें ओरिएंटल गैलरी, समकालीन कला दीर्घा (Contemporary Art Gallery), और प्रवासी दीर्घा (Diaspora Gallery) शामिल हैं, जो वैश्विक स्तर पर बिहार की सांस्कृतिक विरासत (Bihar Cultural Heritage) को प्रदर्शित करती हैं।
  • आधुनिक कनेक्टिविटी: वर्तमान में बिहार संग्रहालय को ऐतिहासिक पटना संग्रहालय (Patna Museum) से जोड़ने के लिए 1.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण किया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का महत्व:

  • सांस्कृतिक कूटनीति और सॉफ्ट पावर (Soft Power): वैश्विक मंच पर शीर्ष 10 में स्थान मिलने से भारत की प्राचीन सभ्यतागत विरासत (Civilisational Heritage) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। यह देश की ‘सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर’ को सुदृढ़ करता है।
  • संग्रहालय पुनर्जागरण (Museum Renaissance): जैसा कि उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने रेखांकित किया, यह उपलब्धि भारत के अन्य राज्यों और संग्रहालयों के लिए क्यूरेशन, आधुनिक तकनीक के उपयोग और वास्तुकला के स्तर पर एक नया मानक (Benchmark) स्थापित करती है।
  • पर्यटन और आर्थिक विकास (Bihar Tourism News): एशिया में प्रथम रैंक मिलने से विदेशी पर्यटकों (International Tourists) के लिए पटना एक प्रमुख वैश्विक सांस्कृतिक गंतव्य (Global Cultural Destination) के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय होटल, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
  • शैक्षणिक और समावेशी दृष्टिकोण: संग्रहालय में निर्मित विशेष बाल दीर्घा (Children’s Gallery) बच्चों के लिए इतिहास और विज्ञान को इंटरैक्टिव माध्यम से सुलभ बनाती है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रयोगात्मक अधिगम (Experiential Learning) के सिद्धांतों के अनुरूप है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: द वर्ल्ड्स 100 बेस्ट म्यूजियम्स 2026 में बिहार संग्रहालय को कौन-सा स्थान मिला है?

उत्तर: जर्मनी की पत्रिका ‘वर्ध अ जर्नी’ की वैश्विक सूची (World Museum Rankings 2026) में बिहार संग्रहालय को विश्व में 9वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।

प्रश्न 2: बिहार संग्रहालय एशिया में किस स्थान पर रहा है?

उत्तर: बिहार संग्रहालय को इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सूची में एशिया में प्रथम स्थान (Best Museum in Asia 2026) प्रदान किया गया है।

प्रश्न 3: बिहार संग्रहालय कहां स्थित है और इसकी स्थापना कब हुई थी?

उत्तर: यह आधुनिक संग्रहालय बिहार की राजधानी पटना (बेली रोड) में स्थित है, जिसकी स्थापना 2015 में हुई और इसे 2017 में पूर्णतः खोला गया।

प्रश्न 4: बिहार संग्रहालय की प्रमुख विशेषताएं और संग्रह क्या हैं?

उत्तर: इसकी प्रमुख विशेषताएं जापानी वास्तुकला, मौर्यकालीन दीदारगंज यक्षी, कुर्किहार कांस्य मूर्तियां और पाषाण काल से 1764 तक का बिहार ऐतिहासिक कला और संस्कृति (Bihar Art and Culture) संग्रह हैं।

प्रश्न 5: बिहार संग्रहालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का क्या महत्व है?

उत्तर: यह मान्यता भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देती है, बिहार पर्यटन (Bihar Tourism) को गति देती है और देश में संग्रहालय प्रबंधन के नए मानक तय करती है।

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