Accelerator mass spectrometry
तमिलनाडु राज्य पुरातत्व विभाग (TNSDA) ने अमेरिका की बीटा एनालिटिक प्रयोगशाला को 7 पुरातात्विक स्थलों से प्राप्त 23 चारकोल नमूनों को एक्सेलेरेटर मास स्पेक्ट्रोमेट्री (AMS) डेटिंग के लिए भेजा है। यह पहल इन स्थलों की प्राचीनता का वैज्ञानिक आकलन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Accelerator mass spectrometry (AMS) Dating: प्रमुख जानकारी–
क्या है AMS डेटिंग?
- Accelerator Mass Spectrometry (AMS) एक उच्च-सटीकता वाली रेडियोकार्बन डेटिंग तकनीक है, जो प्राचीन सामग्रियों में कार्बन-14 (C-14) समस्थानिकों का अनुपात मापती है।
- पारंपरिक रेडियोमैट्रिक विधियों के विपरीत, AMS समस्थानिकों के क्षय (decay) को नहीं, बल्कि उनके परमाणुओं की गिनती करता है।
उद्देश्य:
- प्राचीन वस्तुओं की आयु अत्यंत सटीकता से निर्धारित करना
- बहुत ही छोटे सैंपल (सिर्फ 20 mg तक) के साथ डेटिंग करना संभव बनाना
- दुर्लभ या कीमती कलाकृतियों के लिए अविनाशी (non-destructive) विश्लेषण को संभव बनाना
कार्यप्रणाली:
- सैंपल तैयारी: रासायनिक प्रक्रिया के बाद सामग्री को ग्रेफाइट में बदला जाता है
- आयनाइजेशन: सीज़ियम बीम ग्रेफाइट पर बमबारी करती है और ऋणात्मक कार्बन आयन बनते हैं
- त्वरण (Acceleration): आयनों को तांडव इलेक्ट्रोस्टैटिक एक्सेलेरेटर से तेज किया जाता है
- Stripping और Detection:
- आयन स्ट्रिपर से गुजरकर धनात्मक चार्ज लेते हैं
- चुंबकीय क्षेत्र के माध्यम से C-12, C-13 और C-14 को उनके भार के आधार पर अलग किया जाता है
- अंत में, C-14 परमाणुओं की गिनती करके आयु का निर्धारण किया जाता है
मुख्य विशेषताएँ (Key Features):
- अत्यधिक सटीकता (High Precision): पृष्ठभूमि शोर (background noise) कम और परिणाम अधिक विश्वसनीय
- न्यूनतम सैंपल आवश्यकता: पारंपरिक विधियों की तुलना में 1000 गुना कम सैंपल
- तेज़ परिणाम: घंटों में परिणाम मिलते हैं, जबकि पारंपरिक तकनीकों में दिनों लगते हैं
- कम क्षति पहुँचाने वाली विधि: कीमती या नाजुक वस्तुओं के लिए उपयुक्त
- उच्च संवेदनशीलता: बीज, रक्त जैसी वस्तुओं में भी सूक्ष्म स्तर पर C-14 की पहचान संभव
प्रमुख उपयोग (Applications):
- पुरातत्व: लकड़ी, चारकोल, हड्डी, मिट्टी के पात्र की डेटिंग
- भूविज्ञान और समुद्रविज्ञान: तलछट विश्लेषण, समुद्री कार्बन मानचित्रण
- जैवचिकित्सा अनुसंधान: औषधीय
- ट्रेसिंग, माइक्रोडोज़िंग अध्ययन
- जलवायु विज्ञान: समुद्री प्रणालियों में 3D कार्बन आइसोटोप मैपिंग