Aggressive brain cancer glioblastoma

संदर्भ:
हाल ही में प्रसिद्ध लेखिका सोफी किन्सेला का 10 दिसंबर 2025 को 55 वर्ष की आयु में ब्रेन कैंसर (ग्लियोब्लास्टोमा) के कारण निधन हो गया, जिससे मस्तिष्क कैंसर ग्लियोब्लास्टोमा, वैश्विक चर्चा का विषय बन गया।
मस्तिष्क कैंसर ‘ग्लियोब्लास्टोमा’ :
ग्लियोब्लास्टोमा (Glioblastoma/GBM) वयस्कों में पाया जाने वाला सबसे सामान्य और सबसे आक्रामक प्राथमिक मस्तिष्क ट्यूमर है। यह WHO ग्रेड-IV ग्लियोमा के रूप में वर्गीकृत है और अपने अत्यधिक आक्रामक स्वभाव के कारण अत्यंत घातक माना जाता है।
रोग की प्रकृति और जोखिम कारक:
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कोशिकीय उत्पत्ति: यह ट्यूमर ग्लियल कोशिकाओं (विशेषतः एस्ट्रोसाइट्स) से उत्पन्न होता है, जो तंत्रिका कोशिकाओं को समर्थन एवं सुरक्षा प्रदान करती हैं। इन कोशिकाओं में उत्परिवर्तन होने पर वे तेजी से विभाजित होकर अत्यधिक विषमता (heterogeneity) वाले कैंसर में बदल जाती हैं।
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आक्रामकता: ग्लियोब्लास्टोमा अत्यंत आक्रामक होता है क्योंकि इसकी कैंसर कोशिकाएँ स्वस्थ मस्तिष्क ऊतकों में सूक्ष्म स्तर पर गहराई तक फैल जाती हैं। इसी कारण पूर्ण शल्य-चिकित्सा द्वारा हटाना लगभग असंभव होता है और पुनरावृत्ति (recurrence) लगभग निश्चित है। मध्यजीवी अवधि सामान्यतः 12–18 महीने रहती है।
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पहचाने गए जोखिम: हालाँकि अधिकांश मामलों का कारण अज्ञात (Idiopathic) है, परंतु कुछ कारक जोखिम बढ़ाते हैं: उच्च-डोज आयनकारी विकिरण के संपर्क में रहना, आनुवंशिक सिंड्रोम जैसे Li-Fraumeni या Turcot, अधिक आयु (45 वर्ष से अधिक), पुरुषों में यह अधिक प्रचलन में है।
रोग के लक्षण और निदान:
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प्रमुख लक्षण: ट्यूमर के स्थान और आकार के आधार पर विभिन्न लक्षण प्रकट होते हैं: सुबह अधिक होने वाले लगातार सिरदर्द, दौरे/मिर्गी, धुंधली या दोहरी दृष्टि, स्मृति हानि, व्यक्तित्व में परिवर्तन, शरीर के एक हिस्से में कमज़ोरी आना।
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निदान: MRI स्कैन मानक पद्धति है, जिसमें ट्यूमर की सीमा, आकार, तथा नेक्रोसिस स्पष्ट दिखाई देती है।
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बायोप्सी और आणविक परीक्षण: निश्चित निदान हेतु ऊतक नमूना लिया जाता है। इसके साथ ही IDH1/IDH2 परीक्षण किए जाते हैं। अधिकतर GBM IDH-wildtype होते हैं, जो अधिक आक्रामक माने जाते हैं।
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MGMT परीक्षण: MGMT प्रमोटर मिथाइलेशन की उपस्थिति उपचार (विशेषकर टेमोज़ोलोमाइड) की सफलता की संभावना बढ़ाती है।
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- उपचार: उपचार का लक्ष्य रोग की गति को धीमा करना एवं जीवन की गुणवत्ता बनाए रखना है। प्रमुख पद्धतियाँ: सर्जरी: जितना संभव हो सके उतना ट्यूमर हटाना, रेडिएशन थेरेपी: सर्जरी के बाद शेष कोशिकाओं को नष्ट करना और कीमोथेरेपी (Temozolomide)।
हालिया प्रगति और अनुसंधान:
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ट्यूमर-ट्रीटिंग फील्ड्स (TTF): विशेष विद्युत-क्षेत्रों का उपयोग कर कोशिका विभाजन रोकने की नई पद्धति, जिससे सीमित परंतु उल्लेखनीय लाभ मिलता है।
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प्रतिरक्षा-उपचार (Immunotherapy): AI आधारित तकनीकें कैंसर कोशिकाओं को डेंड्राइटिक कोशिकाओं में बदलने पर शोध कर रही हैं, जो प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को सक्रिय कर सकती हैं।
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टार्गेटेड थेरेपी: EGFR जैसे आणविक मार्गों पर आधारित उपचार मॉडल विकसित किए जा रहे हैं।
