Agniveer Two Year Service Extension Approval: अग्निवीर योजना में हुआ बड़ा बदलाव, अग्निवीरों के लिए 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार
संदर्भ:
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) में क्रांतिकारी संशोधन को मंजूरी दी। जिसके तहत, पहले चरण में नियमित कैडर से बाहर होने वाले 75 प्रतिशत सेना के जवानों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार (Agniveer Two Year Service Extension) देने का निर्णय लिया गया।

अग्निपथ योजना में नए नीतिगत बदलाव:
- योजना का परिचय: अग्निवीर योजना (अग्निपथ योजना) भारत सरकार द्वारा 16 जून 2022 को शुरू की गई सशस्त्र बलों में सैनिकों की भर्ती की एक योजना है।
- इसके तहत युवाओं को थलसेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल की अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है।
- भर्ती के लिए आयु 17.5 से 21 वर्ष के बीच निर्धारित है (शुरुआत में पहले वर्ष के लिए ऊपरी आयु सीमा में छूट के साथ 23 वर्ष की गई थी)।
- प्रथम बैच का कार्यकाल: इस योजना से संबंधित अतिरिक्त सेवा विस्तार का निर्णय ठीक ऐसे समय में आया है जब दिसंबर 2026 में सशस्त्र बलों (सेना, नौसेना, और वायुसेना) के पहले बैच के लगभग 18,300 अग्निवीरों का प्रारंभिक 4 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने जा रहा था।
- सकारात्मक प्रतिक्रिया: सशस्त्र बलों द्वारा किए गए व्यापक आंतरिक मूल्यांकन में अग्निवीरों की शारीरिक फिटनेस, तकनीकी अनुकूलन क्षमता (Technological Adaptability) और युद्ध कौशल को अत्यंत उत्कृष्ट पाया गया, जिसके आधार पर इस विस्तार की सिफारिश की गई थी।
- नया सेवा विस्तार और स्थायी भर्ती का मार्ग (Agniveer Service Extension 2026): संशोधित नीति के तहत संपूर्ण भर्ती चक्र को दो प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है:
- प्रथम चरण (4 वर्ष पूरे होने पर): मूल योजना के अनुसार, योग्यता और योग्यता-क्रम (Merit) के आधार पर शीर्ष 25 प्रतिशत अग्निवीरों का चयन (Agniveer 25 Percent Selection) तुरंत सेना की नियमित सेवा के लिए किया जाएगा।
- द्वितीय चरण (अतिरिक्त 2 वर्ष): शेष 75 प्रतिशत जवानों की व्यस्तता (Agniveer 75 Percent Engagement) को अनिवार्य रूप से समाप्त करने के बजाय, उन्हें सशस्त्र बलों की अनुशंसा और उनकी स्वयं की इच्छा पर 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार (Agniveer Two Year Engagement) दिया जाएगा। इसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ (Second Tour of Duty) का नाम दिया है।
- पूर्ण स्थायीकरण मार्ग (Pathway to Permanent Job): इस अतिरिक्त 2 वर्ष के सेवा कार्यकाल (कुल 6 वर्ष) को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, निर्धारित वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों (Objective Selection Criteria) को पूरा करने वाले सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में स्थायी भर्ती का अवसर (Agniveer Permanent Job Update) प्रदान किया जाएगा।
- वरिष्ठता और करियर प्रगति नियम (Seniority and Career Progression Rules):
- अग्निपथ नियमित सैनिक भर्ती (Agniveer Regular Soldier Recruitment) के नियमों के तहत, जो 25% जवान 4 साल बाद ही नियमित हो जाएंगे, वे वरिष्ठ (Senior) माने जाएंगे।
- अतिरिक्त 2 वर्ष की सेवा के बाद नियमित कैडर में शामिल होने वाले जवानों को संचयी वरिष्ठता लाभ (Cumulative Seniority Benefits) प्राप्त होंगे, लेकिन उनकी वरिष्ठता पहले चरण के नियमित सैनिकों से नीचे (Lower Seniority) रहेगी।
- संशोधित वेतन और सेवा निधि पैकेज (Agniveer Salary and Benefits): इस विस्तारित सेवा अवधि (Agniveer Service Extension) के दौरान जवानों के वित्तीय लाभों को काफी आकर्षक बनाया गया है:
- Remuneration (Remuneration): पांचवें वर्ष में अग्निवीरों को ₹43,500 प्रति माह तथा छठे वर्ष में ₹47,500 प्रति माह का बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा।
- संशोधित सेवा निधि पैकेज (Agniveer Seva Nidhi Package): मूल योजना में ₹11.71 लाख का कॉर्पस फंड था। अब नए नियमों के तहत छठे वर्ष के अंत में सेवा छोड़ने वालों या आगे नियमित होने वालों के लिए इस फंड को बढ़ा दिया गया है। इसमें अग्निवीरों के योगदान के मुकाबले सरकार अब 70% मैचिंग कंपोनेंट (Matching Component) प्रदान करेगी।
इस नीतिगत बदलाव का महत्व:
- सैन्य परिचालन दक्षता (Operational Efficiency): केवल 4 वर्ष में कुशल सैनिकों को बाहर कर देने से सेना के संख्या बल और युद्धक इकाइयों (Combat Units) के निरंतर प्रशिक्षण चक्र पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा था। 4+2 वर्ष के इस नए फॉर्मूले से सशस्त्र बलों के पास तकनीकी रूप से प्रशिक्षित और अनुभवी सैनिकों का एक स्थिर पूल उपलब्ध रहेगा।
- युवाओं की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा: अल्पकालिक रोजगार (Short-term Contractual Employment) और 4 वर्ष बाद नागरिक जीवन में लौटने की अनिश्चितता के कारण युवाओं में असंतोष था। सेवा को 6 वर्ष तक बढ़ाने और 100% स्थायी होने का विकल्प देने से युवाओं की सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की स्थिरता सुनिश्चित हुई है।
- अर्धसैनिक बलों पर कोटा का दबाव कम होना: पूर्व में बाहर होने वाले 75% जवानों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और राज्य पुलिस में आरक्षण की मांग की जा रही थी। अब सेना में ही दीर्घकालिक करियर का मार्ग खुलने से अन्य नागरिक विभागों पर पुनर्वास का प्रशासनिक दबाव कम होगा।
- भविष्य के युद्धों के लिए तैयारी: यह सुधार भारतीय सैन्य तंत्र को युवा, चुस्त (Younger, Fitter) और भविष्य के लिए तैयार (Future-Ready Military) बनाने के दीर्घकालिक रक्षा विजन के अनुकूल है, जो आधुनिक हाइब्रिड और तकनीकी युद्ध (Changing Character of Warfare) की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: अग्निवीर योजना में 2026 में क्या बड़ा बदलाव किया गया है?
उत्तर: कैबिनेट ने अनिवार्य 4 वर्ष बाद 75% जवानों को बाहर करने के नियम को हटाकर उन्हें 2 वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार (Agniveer Service Extension 2026) और बाद में पूर्ण स्थायी होने का विकल्प दिया है।
प्रश्न 2: अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार किसे मिलेगा?
उत्तर: पहले चरण के 4 वर्ष पूरे होने पर नियमित कैडर (25%) में न चुने जाने वाले शेष 75% अग्निवीरों को उनकी इच्छा और सैन्य सेवा रिकॉर्ड के आधार पर यह विस्तार मिलेगा।
प्रश्न 3: कितने प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा?
उत्तर: प्रारंभिक 4 वर्ष बाद 25 प्रतिशत जवानों को योग्यता के आधार पर सीधे नियमित किया जाएगा। शेष 75% को 2 साल के विस्तार के बाद निर्धारित मानदंड पूरे करने पर नियमित सैनिक (Agniveer Regular Soldier) बनने का अवसर मिलेगा।
प्रश्न 4: अतिरिक्त दो साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों को कौन-से लाभ मिलेंगे?
उत्तर: इस अवधि में उन्हें अधिक मासिक पारिश्रमिक (5वें वर्ष ₹43,500, 6ठें वर्ष ₹47,500), संवर्धित सेवा निधि पैकेज (Enhanced Seva Nidhi) और संचयी वरिष्ठता लाभ (Seniority Benefits) प्रदान किए जाएंगे।
प्रश्न 5: दो साल का अतिरिक्त सेवा कार्यकाल पूरा होने के बाद अग्निवीरों के लिए क्या प्रावधान है?
उत्तर: कुल 6 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद, जो भी जवान सशस्त्र बलों में बने रहना चाहते हैं, उन्हें वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों और योग्यता के आधार पर नियमित सैनिकों के रूप में स्थायी नियुक्ति दी जाएगी।