AI-powered Sujvika portal
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के 40वें स्थापना दिवस के अवसर पर ‘SUJVIKA’ (सुज्विका) नामक एक क्रांतिकारी AI-संचालित पोर्टल लॉन्च किया।
SUJVIKA (सुज्विका) पोर्टल के बारे मे:
‘SUJVIKA’ एक ट्रेड स्टैटिस्टिक्स डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है। यह पोर्टल मुख्य रूप से बायोटेक उत्पादों के आयात डेटा को एक संरचित और सुलभ प्रारूप में प्रस्तुत करता है। इसे DBT ने उद्योग भागीदार ABLE (एसोसिएशन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी लेड एंटरप्राइजेज) के सहयोग से विकसित किया है।
मुख्य उद्देश्य:
- आयात निर्भरता कम करना: भारत में बायोटेक क्षेत्र में होने वाले उच्च-मूल्य और उच्च-मात्रा वाले आयातों की पहचान करना।
- स्वदेशीकरण (Indigenization): स्थानीय विनिर्माण और अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए प्राथमिकताएं तय करना।
- डेटा-आधारित निर्णय: शोधकर्ताओं, स्टार्टअप और उद्योगों को प्रामाणिक व्यापार डेटा प्रदान करना ताकि वे साक्ष्य-आधारित योजना बना सकें।
विशेषताएं:
- AI-संचालित विश्लेषण: यह पोर्टल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके जैव-रासायनिक उत्पादों और औद्योगिक एंजाइमों के आयात का गहन विश्लेषण करता है।
- सेक्टर-विशिष्ट अंतर्दृष्टि: यह जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विभिन्न उप-क्षेत्रों (जैसे डायग्नोस्टिक्स, ड्रग डिस्कवरी) में व्यापारिक रुझानों की जानकारी देता है।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP): यह पोर्टल उद्योग और शिक्षाविदों के बीच समन्वय को बढ़ावा देता है।
- डेटा एकीकरण: पोर्टल पर सत्यापित और संरचित आयात सांख्यिकी उपलब्ध है, जो स्टार्टअप्स के लिए बाजार अनुसंधान को आसान बनाती है।
महत्व:
- BioE3 नीति को मजबूती: यह पोर्टल ‘BioE3’ (अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति के लक्ष्यों के अनुरूप है।
- आर्थिक विकास: भारत की जैव-अर्थव्यवस्था 2014 के 10 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2024 में 165.7 बिलियन डॉलर हो गई है, जिसे यह पोर्टल और गति देगा।
- विकसित भारत @2047: यह अगली औद्योगिक क्रांति को ‘बायोटेक-ड्रिवन’ बनाने के भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद करेगा।
- आत्मनिर्भर भारत: आयात डेटा की पारदर्शिता से स्वदेशी विकल्पों के विकास में तेजी आएगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

