AI Satellites
AI Satellites –
संदर्भ:
नासा एक नई एआई-सक्षम सैटेलाइट प्रणाली डायनामिक टार्गेटिंग का परीक्षण कर रहा है, जो उपग्रहों को कक्षा में पृथ्वी से निर्देशों की प्रतीक्षा किए बिना स्वतः निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। यह तकनीक अंतरिक्ष अभियानों को अधिक तेज़, सटीक और स्वायत्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।
डायनेमिक टारगेटिंग (Dynamic Targeting) क्या है?
डायनेमिक टारगेटिंग नासा (NASA) की एक पहल है, जिसका उद्देश्य उपग्रहों को ऑनबोर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से सुसज्जित करना है। यह एआई प्रणाली उपग्रहों को निम्नलिखित कार्यों में सक्षम बनाती है:
- आगामी भू–भाग का रीयल–टाइम में स्कैन करना।
- उपयोगी डेटा की पहचान करना (जैसे – बादलों से मुक्त चित्र)।
- यह स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकती है कि तस्वीर लेना है या नहीं।
- बिना पृथ्वी से निर्देश प्राप्त किए, स्वतः प्रतिक्रिया कर सकती है।
महत्व:
- डेटा की बर्बादी में कमी: अनुपयोगी चित्रों को लेने से बचा जा सकता है।
- ऊर्जा और संसाधनों की बचत: अनुपयोगी डेटा को प्रोसेस और ट्रांसमिट करने में समय, ऊर्जा और संसाधनों की हानि होती है।
- एआई का लाभ:
- स्टोरेज और बैंडविड्थ की आवश्यकता घटती है।
- केवल उपयोगी डेटा का चयन और प्रसारण संभव होता है।
- मानव विश्लेषकों को कम–मूल्य वाले डेटा से मुक्ति मिलती है।
रणनीतिक उपयोग:
- जंगल में आग, ज्वालामुखी गतिविधि, और थर्मल विसंगतियों का पता लगाना।
- तूफानों के पैटर्न, जलवायु परिवर्तन, और आपदा प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी।
- स्वायत्त प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्षम बनाना, जिससे अर्ली वार्निंग सिस्टम (early warning systems) बेहतर बन सकें।