AUAV इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम आकाश तरंग
संदर्भ:
हाल ही में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय सशस्त्र बलों की युद्धक तैयारियों को मजबूत करने के लिए ₹52,000 करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसमें स्वदेशी एंटी-ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम ‘आकाश तरंग‘ (Akash Tarang) की खरीद सबसे प्रमुख है।
आकाश तरंग (Akash Tarang) के बारे में:
- परिचय: आकाश तरंग एक अत्याधुनिक ‘मानव रहित हवाई वाहन रोधी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली’ (Anti-Unmanned Aerial Vehicle Electronic Warfare System) है।
- यह एक उन्नत ‘सॉफ्ट-किल’ (Soft-Kill) सैन्य प्लेटफॉर्म है, जिसे दुश्मन के टोही ड्रोन्स, झुंड ड्रोन्स (Swarm Drones) और आत्मघाती विमानों (Kamikaze Drones) को नष्ट किए बिना निष्क्रिय करने के लिए डिजाइन किया गया है।
- निर्माणकर्ता: इस प्रणाली का डिजाइन और विकास रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा किया गया है।
- इसके उत्पादन और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए ‘घरेलू रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स’ (Defence Electronics) सार्वजनिक उपक्रमों (जैसे BEL) और निजी एमएसएमई (MSMEs) के साथ सहयोग किया जा रहा है।
- यह पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) और आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है।
प्रमुख विशेषताएं:
- त्रि-स्तरीय डिटेक्शन (Three-Tier Detection): यह संदिग्ध मानवरहित विमानों का पता लगाने (UAV Detection) के लिए ‘3D टैक्टिकल कंट्रोल रडार’, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) स्निफर्स का एक साथ उपयोग करती है।
- वाहन-जनित विन्यास (Vehicle-Mounted Configuration): यह पूरी प्रणाली सैन्य-ग्रेड के 8×8 या 6×6 हाई मोबिलिटी ट्रकों (High Mobility Vehicles) पर स्थापित है, जो इसे अत्यधिक गतिशील बनाती है।
- पर्यावरण अनुकूलता (Ruggedized Design): इसके सभी संवेदनशील उपकरण मिल-स्टैंडर्ड (MIL-STD-810G) प्रमाणित हैं, जो सियाचिन की ठंड से लेकर थार के मरुस्थल के तापमान में काम कर सकते हैं।
- सिग्नल और जीपीएस जैमिंग (Signal & GPS Jamming): खतरे की पहचान होते ही यह प्रणाली ड्रोन के कंट्रोल लिंक्स (Command & Control) और उपग्रह नेविगेशन (GPS/GNSS) को पूरी तरह जाम (Jam) कर देती है। इससे ड्रोन का संपर्क अपने ऑपरेटर से टूट जाता है और वह गिर जाता है या वापस लौट जाता है।
- ड्रोन रोधी क्षमता (Anti-Swarm Capability): इसकी बीम-फॉर्मिंग तकनीक एक साथ 20 से अधिक दुश्मन ड्रोन्स (Swarm Drones) को लक्षित कर उन्हें सामूहिक रूप से निष्क्रिय कर सकती है।
- गतिशीलता और रैपिड डिप्लॉयमेंट (Mobility & Rapid Deployment): यह पूरी प्रणाली विशेष सैन्य वाहनों (Vehicle-Mounted) पर स्थापित है। इसे दुर्गम पहाड़ी सीमाओं, रेगिस्तानों या सक्रिय युद्ध क्षेत्रों (Active War Zones) में तेजी से तैनात किया जा सकता है।
- स्वायत्त निगरानी (Autonomous Monitoring): यह प्रणाली बिना मानवीय हस्तक्षेप के भी कम ऊंचाई वाले हवाई क्षेत्र की लगातार निगरानी (Low-Level Airspace Monitoring) करने और स्वचालित जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम है।
महत्व:
- अग्रिम टुकड़ियों की सुरक्षा: यह सीमाओं पर तैनात सैन्य टुकड़ियों (Army Formations) को अचानक होने वाले ड्रोन हमलों और हवाई जासूसी से अचूक सुरक्षा प्रदान करती है।
- लागत-प्रभावी रक्षा: दुश्मन के ₹50,000 के सस्ते वाणिज्यिक या आत्मघाती ड्रोन को गिराने के लिए करोड़ों रुपये की महंगी मिसाइल दागने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे सैन्य संसाधनों की भारी बचत होती है।
- अभेद्य वायु रक्षा ग्रिड: यह भारतीय वायु रक्षा (Air Defence) ग्रिड के निचले स्तर (Low-altitude tier) की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, जो रडार की पकड़ में न आने वाले छोटे ड्रोन्स को बेअसर करती है।
अन्य इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम के साथ तुलना:
| सिस्टम का नाम | प्राथमिक भूमिका / कार्य | आकाश तरंग से अंतर |
| आकाश तरंग (Akash Tarang) | विशेष रूप से काउंटर-यूएवी (Anti-Drone) संचालन के लिए समर्पित। | यह केवल छोटे और मध्यम ड्रोन्स के सिग्नलों को लक्षित (Targeted Jamming) करती है। |
| संयुक्ता (Samyukta) | बड़े पैमाने पर दुश्मन के संचार (Communication) और सैन्य रडार नेटवर्क को बाधित करना। | यह एक कोर रणनीतिक ईडब्ल्यू प्रणाली है, जो ड्रोन्स जैसी छोटी उड़ने वाली प्रणालियों के लिए उपयुक्त नहीं है। |
| दिव्यदृष्टि (Divya Drishti) | दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलों को इंटरसेप्ट और ट्रैक (Signal Intelligence) करना। | यह मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने (Intelligence) के लिए है, जबकि आकाश तरंग एक सक्रिय रक्षा प्रणाली है। |
| आकाशीय तीर (Akashteer) | स्वचालित वायु रक्षा कमान और नियंत्रण प्रणाली (C2 System)। | आकाशीय तीर एक नेटवर्क-केंद्रित ‘कंट्रोल सिस्टम’ है जो मिसाइलों और रडार को जोड़ता है, जबकि आकाश तरंग स्वयं एक जैमिंग हथियार है। |
FAQs:
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आकाश तरंग प्रणाली (Akash Tarang System) क्या है?
यह सेना की टुकड़ियों को दुश्मन के ड्रोन्स से बचाने वाली एक स्वदेशी काउंटर-यूएवी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली है।
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यह एंटी-ड्रोन सिस्टम (Anti Drone System) कैसे काम करता है?
यह प्रणाली संदिग्ध ड्रोन्स का पता लगाकर (UAV Detection) उनके फ्रीक्वेंसी सिग्नल और जीपीएस को जाम (Jam) कर देती है।
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इसे किस संस्था ने विकसित किया है
इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने घरेलू रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स (Defence Electronics) उद्योगों के सहयोग से विकसित किया है
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भारतीय सेना के लिए इसकी क्या उपयोगिता है?
यह युद्धक्षेत्र में तैनात सैन्य टुकड़ियों (Army Formations) को घातक और संकर ड्रोन हमलों से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करती है।
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इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम (Electronic Warfare System) क्या होता है?
यह ऐसी तकनीक है जो दुश्मन के रडार, संचार और हथियारों के सिग्नलों को बाधित या जाम करने का काम करती है।
