All India Sarus Crane Survey 2026 की घोषणा, क्या है इसका महत्व?
संदर्भ:
हाल ही में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (Bombay Natural History Society – BNHS) ने भारत के एकमात्र निवासी प्रजनन क्रेन प्रजाति के संरक्षण के लिए 10 और 11 अक्टूबर 2026 को पहले सिंक्रोनाइज्ड अखिल भारतीय सारस क्रेन सर्वेक्षण 2026 (All India Sarus Crane Survey 2026) की घोषणा की।
सिंक्रोनाइज्ड अखिल भारतीय सारस क्रेन सर्वेक्षण 2026 के बारे में:
- परिचय: All India Sarus Crane Survey 2026, पूरे भारत में एक ही समय पर आयोजित होने वाला पहला व्यवस्थित सारस क्रेन जनसंख्या सर्वेक्षण (Sarus Crane Population Survey) है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में फैले सारस के प्राकृतिक आवासों की भौतिक गणना और वैज्ञानिक मैपिंग की जा रही है।
- आयोजक: यह ऐतिहासिक सर्वेक्षण पूर्ण रूप से बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) द्वारा डिजाइन और कार्यान्वित किया जा रहा है।
- सहयोगी संस्थाएं: इस राष्ट्रीय प्रयास में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), राज्य वन विभागों, अनुसंधान संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) का सक्रिय सहयोग शामिल है।
- नागरिक विज्ञान: इसमें स्थानीय समुदायों, कॉलेज विश्वविद्यालयों के छात्रों, किसानों और बर्ड वॉचर्स (Bird Watchers) को वॉलंटियर के रूप में शामिल किया गया है।
- उद्देश्य:
- वैज्ञानिक आधार रेखा (Scientific Baseline): भारत में सारस क्रेन की वास्तविक जनसंख्या (Sarus Crane Population in India) का एक प्रमाणित और तुलनीय डेटासेट तैयार करना।
- आवासों की पहचान: सारस के प्रजनन (Breeding Grounds) और भोजन खोजने वाले प्रमुख जलग्रहण क्षेत्रों की सटीक मैपिंग करना।
- खतरों का आकलन: उन विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान करना जहां बिजली की लाइनें, कीटनाशक या मानव हस्तक्षेप इस पक्षी के अस्तित्व के लिए खतरा बने हुए हैं।
- भौगोलिक कवरेज: ऐतिहासिक रूप से सारस क्रेन गंगा के मैदानों, असम और पश्चिम बंगाल सहित मध्य भारत में व्यापक रूप से पाया जाता था। वर्तमान में इसका क्षेत्र सिकुड़ गया है। यह सर्वेक्षण मुख्य रूप से निम्नलिखित राज्यों के नमभूमियों और कृषि क्षेत्रों पर केंद्रित है:
- उत्तर प्रदेश (जहां 2024 की गणना में लगभग 20,000 सारस मिले थे, जो इनका सबसे बड़ा गढ़ है)
- गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा
- महाराष्ट्र के कुछ पृथक और सीमित क्षेत्र
सारस क्रेन (Sarus Crane – Antigone antigone):
- विश्व का सबसे लंबा उड़ने वाला पक्षी: यह दुनिया का सबसे ऊँचा उड़ने वाला पक्षी है, जिसकी ऊँचाई लगभग 1.5 से 1.8 मीटर (लगभग 5.9 फीट) तक होती है।
- शारीरिक बनावट: इसका शरीर मुख्य रूप से भूरे (Grey) रंग का होता है, जबकि इसका सिर और ऊपरी गर्दन चमकीली लाल (Naked red) होती है और पैर हल्के लाल रंग के होते हैं।
- व्यवहार: यह क्रेन प्रजातियों में सबसे कम सामाजिक माना जाता है, जो आमतौर पर जोड़े (Pairs) में या 3-4 के छोटे समूहों में पाए जाते हैं।
- सारस क्रेन जीवनभर के लिए जोड़ा बनाते हैं (Mates for life)। इन्हें भारतीय संस्कृति में वैवाहिक निष्ठा और आजीवन समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
- गैर-प्रवासी (Non-Migratory): साइबेरियन क्रेन के विपरीत, सारस क्रेन भारत का एकमात्र निवासी प्रजनन क्रेन (Resident breeding crane) है, यानी यह प्रवासी पक्षी नहीं है और यहीं रहता है।
- आवास: यह मुख्य रूप से खुले आर्द्रभूमि (Wetlands), दलदली भूमि (Marshes), बाढ़ वाले धान के खेतों (Flooded paddy fields), और तालाबों के किनारे रहता है।
- भौगोलिक वितरण: यह दक्षिण एशिया (विशेषकर भारत और नेपाल), दक्षिण-पूर्व एशिया और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है।
- भारत में स्थिति: भारत में इनकी मुख्य आबादी गंगा के मैदानी इलाकों (विशेषकर उत्तर प्रदेश) और पूर्वी राजस्थान में केंद्रित है।
- राज्य पक्षी: यह उत्तर प्रदेश का आधिकारिक राज्य पक्षी है। भारत में सारस की सर्वाधिक आबादी उत्तर प्रदेश में ही पाई जाती है।
- संरक्षण स्थिति:
- IUCN रेड लिस्ट (IUCN Red List): संकटग्रस्त (Vulnerable – VU)
- CITES: परिशिष्ट-II (Appendix II)
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (WPA, 1972): हालिया संशोधनों और नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, इसे बाघों के समान ही अनुसूची-I (Schedule I) के तहत सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है ताकि इसके घटते शिकार और आवास विनाश को रोका जा सके (पूर्व में यह अनुसूची-IV में था)।
- खतरे:
- आवास का नुकसान (Habitat Loss): आर्द्रभूमियों (Wetlands) का सूखना, शहरीकरण और कृषि भूमि में परिवर्तन इनके अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
- कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग: कृषि में अत्यधिक कीटनाशकों (Pesticides) के उपयोग से इनका भोजन (कीड़े-मकोड़े, घोंघे, अनाज) दूषित हो रहा है।
- हाई-वोल्टेज बिजली के तार: उड़ते समय बिजली के तारों (Power lines) से टकराने के कारण बड़ी संख्या में सारस क्रेन की मृत्यु होती है।
- अंडों की चोरी और शिकारी जीव: जंगली कुत्तों (Feral dogs) और नेवलों द्वारा इनके अंडों और चूजों को नष्ट कर दिया जाता है।
सर्वेक्षण का महत्व:
- सारस क्रेन मुख्य रूप से आर्द्रभूमि (Wetlands), उथले पानी के निकायों और दलदली क्षेत्रों पर निर्भर रहता है। इस प्रजाति की जनसंख्या का घटना सीधे तौर पर जल प्रणालियों के क्षरण की ओर इशारा करता है। इसलिए, सारस का संरक्षण वास्तव में आर्द्रभूमि संरक्षण (Wetland Conservation India) का ही पर्याय है।
- पूर्व में अंतर्राष्ट्रीय आकलनों द्वारा भारत में सारस की संख्या 8,000 से 10,000 बताई गई थी, जबकि उत्तर प्रदेश राज्य ने अकेले ही अपने यहाँ लगभग 20,000 सारस होने का दावा किया था। इस सर्वेक्षण के माध्यम से एक मानकीकृत गणना पद्धति अपनाई जाएगी जो राज्यों के बीच प्रशासनिक सीमाओं से परे जाकर सटीक राष्ट्रीय डेटा प्रदान करेगी।
- सारस क्रेन मौसम और भोजन के अनुसार एक राज्य से दूसरे राज्य में स्वतंत्र रूप से आवाजाही करते हैं। यह राष्ट्रव्यापी सिंक्रोनाइज्ड सर्वेक्षण वन्यजीव प्रबंधन में ‘लैंडस्केप-स्तरीय संरक्षण’ (Landscape-level Conservation) को बढ़ावा देगा, जिससे राज्यों के वन विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
- सारस क्रेन मानव-प्रधान परिदृश्यों (कृषि खेतों और धान के खेतों) में रहना पसंद करते हैं। इस सर्वेक्षण से प्राप्त डेटा यह समझने में मदद करेगा कि आधुनिक कृषि प्रथाओं के बीच वन्यजीवों के सह-अस्तित्व को कैसे बनाए रखा जाए, जिससे व्यापक जैव विविधता संरक्षण (Biodiversity Conservation India) सुनिश्चित हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: अखिल भारतीय सारस क्रेन सर्वेक्षण 2026 क्या है?
उत्तर: यह बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) द्वारा 10-11 अक्टूबर 2026 को आयोजित भारत का पहला समन्वित राष्ट्रव्यापी सारस क्रेन गणना अभियान (Sarus Crane Survey India) है।
प्रश्न 2: सारस क्रेन सर्वेक्षण 2026 आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर सारस की जनसंख्या का एक विश्वसनीय वैज्ञानिक डेटाबेस (Baseline) तैयार करना और उनके संकटग्रस्त आवासों की पहचान करना है।
प्रश्न 3: भारत में सारस क्रेन के संरक्षण के लिए सर्वेक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: पिछले तीन दशकों में इनकी आबादी में 30-40% की गिरावट देखी गई है। यह सर्वेक्षण आवास संरक्षण (Habitat Protection) के लिए सटीक नीतियां बनाने में मदद करेगा।
प्रश्न 4: सारस क्रेन का वैज्ञानिक नाम और संरक्षण दर्जा क्या है?
उत्तर: इसका वैज्ञानिक नाम एंटिगोन एंटिगोन (Antigone antigone) है। यह आईयूसीएन (IUCN) की लाल सूची में ‘सुभेद्य’ (Vulnerable) श्रेणी और भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में संरक्षित है।
प्रश्न 5: सारस क्रेन की घटती आबादी के पीछे कौन-कौन से प्रमुख कारण हैं?
उत्तर: इसके प्रमुख कारणों में आर्द्रभूमियों का विनाश (Wetland Degradation), कृषि में कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग, बिजली की लाइनों से टकराना (Electrocution) और आवारा कुत्तों द्वारा अंडों को नुकसान पहुँचाना शामिल हैं।
