Announcement of duty hike on tobacco products
संदर्भ:
भारत सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 के माध्यम से जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए और राजस्व जुटाने के उद्देश्य से तंबाकू उत्पादों पर राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क (NCCD) और उत्पाद शुल्क में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की है। यह नया कर ढांचा 1 फरवरी, 2026 से प्रभावी होगा।
नए तंबाकू उत्पाद शुल्क:
- NCCD में वृद्धि: सिगरेट, बीड़ी और अन्य धुआं रहित तंबाकू (जैसे खैनी, जर्दा) पर लगने वाले ‘नेशनल कैलेमिटी कंटिंजेंट ड्यूटी’ में औसतन 12% से 15% की वृद्धि की गई है।
- जीएसटी दर: सिगरेट, चबाने वाले तंबाकू और इसी तरह के उत्पादों पर 40% की मौजूदा वस्तु एवं सेवा कर (GST) दर जारी रहेगी।
- अतिरिक्त उत्पाद शुल्क: 40% जीएसटी के अतिरिक्त, सरकार एक नया अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (additional excise duty) लगाएगी।
- सिगरेट पर शुल्क: निर्मित सिगरेट के लिए, यह अतिरिक्त शुल्क लंबाई और प्रकार के आधार पर लगभग ₹2,050 से ₹8,500 प्रति 1,000 स्टिक तक होगा।
- अन्य उत्पादों पर शुल्क: चबाने वाले तंबाकू पर शुल्क 25% से बढ़ाकर 100% किया गया है, हुक्का तंबाकू पर शुल्क 25% से 40% किया गया है। बीड़ी पर जीएसटी दर 18% पर बनी रहेगी और उस पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
आर्थिक और राजकोषीय प्रभाव:
- राजस्व सृजन: सरकार का अनुमान है कि इस वृद्धि से राजकोष में अतिरिक्त ₹2,500 करोड़ से ₹3,000 करोड़ का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा।
- बाहरी लागत की वसूली: तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों (कैंसर, हृदय रोग) के इलाज पर सरकार को भारी खर्च करना पड़ता है। यह कर वृद्धि उस ‘नकारात्मक बाह्यता’ (Negative Externality) की भरपाई करने का एक प्रयास है।
- मुद्रास्फीति पर प्रभाव: तंबाकू उत्पाद ‘उपभोक्ता मूल्य सूचकांक’ (CPI) की टोकरी का हिस्सा हैं, इसलिए इनकी कीमतों में वृद्धि से मामूली मुद्रास्फीति देखी जा सकती है।
जनस्वास्थ्य और सामाजिक दृष्टिकोण:
- उपभोग में कमी: अर्थशास्त्र का नियम है कि मूल्य बढ़ने से मांग कम होती है। यह विशेष रूप से युवाओं और निम्न-आय वर्ग के बीच तंबाकू की पहुंच को कम करेगा।
- स्वास्थ्य भार में कमी: भारत में प्रतिवर्ष लगभग 1.3 मिलियन मौतें तंबाकू के कारण होती हैं। करों में वृद्धि को ‘लाइफ-सेविंग मेजर’ के रूप में देखा जा रहा है।
- सतत विकास लक्ष्य (SDG): यह कदम SDG लक्ष्य 3.4 (गैर-संचारी रोगों से होने वाली अकाल मृत्यु को कम करना) को प्राप्त करने की दिशा में सहायक है।

