Aralam Wildlife Sanctuary renamed as Aralam Butterfly Sanctuary
संदर्भ:
हाल ही में केरल सरकार ने अरलम वन्यजीव अभयारण्य का नाम बदलकर अरलम तितली अभयारण्य (Aralam Butterfly Sanctuary) कर दिया है, जिससे यह राज्य का पहला और भारत का पहला समर्पित तितली संरक्षित क्षेत्र बन गया है।
अरलम वन्यजीव अभयारण्य:
- राज्य: केरल।
- जिला: कन्नूर जिले के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है।
- स्थान: पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढलानों पर स्थित, यह केरल का सबसे उत्तरी वन्यजीव अभयारण्य है।
- स्थापना: 1984
- सीमाएँ: यह कर्नाटक के ब्रह्मगिरी वन्यजीव अभयारण्य, कोट्टियूर वन्यजीव अभयारण्य और उत्तरी वायनाड वन प्रभाग के साथ सीमा साझा करता है।
- क्षेत्रफल: लगभग 55 वर्ग किलोमीटर (21 वर्ग मील) क्षेत्र में फैला हुआ है।
- सर्वोच्च चोटी: अभयारण्य की सर्वोच्च चोटी कट्टी बेट्टा है, जिसकी ऊँचाई 1145 मीटर है।
- वनस्पति: यह क्षेत्र मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय सदाबहार और अर्ध-सदाबहार वनों से ढका हुआ है।
- नदी: ब्रह्मगिरी पर्वत श्रृंखला से निकलने वाली चींकन्नी नदी इसके घने जंगलों से होकर बहती है।
- तितली विविधता: यहाँ तितलियों की 266 से अधिक प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं, जो केरल की कुल तितली विविधता का 80% है।
- अन्य जीव: यहाँ हाथियों के झुंड, गौर (Bison), सांभर, चित्तीदार हिरण, नीलगिरि लंगूर, हनुमान लंगूर और मालाबार विशाल गिलहरी जैसे स्तनधारी भी पाए जाते हैं। यह अनुसूची I में सूचीबद्ध स्लेंडर लोरिस (Slender Loris) का भी एक विशेष निवास स्थान है।
संरक्षण महत्व:
- प्रवास गलियारा: यह अभयारण्य पश्चिमी घाट में तितलियों के बड़े पैमाने पर मौसमी प्रवास (आमतौर पर दिसंबर से फरवरी के बीच) के लिए जाना जाता है।
- ‘मड-पडलिंग’ (Mud-puddling): यहाँ तितलियों को अक्सर खनिजों से समृद्ध मिट्टी या नम सतहों से पोषक तत्व प्राप्त करने के लिए ‘मड-पडलिंग’ करते देखा जाता है।
- कानूनी आधार: नाम परिवर्तन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 18(1) के तहत अधिसूचित किया गया था।
- सामुदायिक भागीदारी: केरल सरकार आसपास की चार पंचायतों (केलाकम, कनिचर, अरलम और मुजाकुन्नु) को जोड़कर एक ‘तितली गाँव’ विकसित करने की योजना बना रही है।

