AVATAAR India first indigenous amphibious drone
संदर्भ:
हाल ही में, बेंगलुरु स्थित डीप-टेक स्टार्टअप AquaAirX Autonomous Systems ने भारत का पहला स्वदेशी उभयचर ड्रोन ‘AVATAAR’ (Amphibious Vehicle for Autonomous Tactical Aerial & Aquatic Reconnaissance) पेश किया।
भारत के पहले उभयचर ड्रोन AVATAAR के बारे में:
AVATAAR भारत का पहला स्वदेशी उभयचर ड्रोन है, जो हवा में उड़ने और पानी के भीतर गोता लगाने में सक्षम है, जो इसे भारत की रक्षा और समुद्री निगरानी के लिए एक क्रांतिकारी तकनीक है। इसे बेंगलुरु स्थित डीप-टेक स्टार्टअप AquaAirX Autonomous Systems द्वारा विकसित किया गया है।
मुख्य तकनीकी विशेषताएं:
- डुअल-डोमेन संचालन: यह ड्रोन एक ही मिशन के दौरान हवा से पानी और पानी से पुनः हवा में निर्बाध रूप से ट्रांज़िशन कर सकता है।
- निर्माण सामग्री: समुद्री नमक से होने वाले संक्षारण (Corrosion) से बचने के लिए इसे कार्बन फाइबर से बनाया गया है और इस पर विशेष सुरक्षात्मक कोटिंग की गई है।
- रेंज और एंड्योरेंस: इसकी लक्षित परिचालन रेंज लगभग 145 किमी (175 समुद्री मील) है और यह लगभग 5 घंटे तक लगातार काम कर सकता है।
- पेलोड क्षमता: यह ड्रोन 10 किलोग्राम तक का वजन (सेंसर, कैमरे आदि) ले जाने में सक्षम है।
- एडवांस्ड सेंसर सूट: इसमें इमेजिंग सोनार, डॉपलर वेलोसिटी लॉग (DVL), डार्क/धुंधले पानी के लिए LED लाइट्स और अल्ट्रा-शॉर्ट बेसलाइन (USBL) नेविगेशन सिस्टम लगा है।
विकास और वर्तमान स्थिति:
- iDEX का समर्थन: इस प्रोजेक्ट को रक्षा मंत्रालय के iDEX (Innovations for Defence Excellence) कार्यक्रम के तहत सहायता प्राप्त है, और भारतीय नौसेना इसकी प्रगति पर करीब से नज़र रख रही है।
- TRL-6 उपलब्धि: ड्रोन ने टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल 6 (TRL-6) हासिल कर लिया है, जिसका अर्थ है कि इसके प्रोटोटाइप का वास्तविक परिचालन वातावरण (खुले पानी) में सफल परीक्षण किया जा चुका है।
- फंडिंग: स्टार्टअप ने हाल ही में जेरोधा की निवेश शाखा Rainmatter से ₹12.5 करोड़ की सीड फंडिंग जुटाई है।
महत्वपूर्ण अनुप्रयोग:
- तटीय और बंदरगाह सुरक्षा: बंदरगाहों और तटों की लगातार निगरानी कर संदिग्ध खतरों का पता लगाना।
- बुनियादी ढांचा निरीक्षण: समुद्र के नीचे स्थित तेल पाइपलाइनों, संचार केबलों और अन्य संपत्तियों का उच्च-सटीकता से स्वायत्त निरीक्षण करना।
- ISR मिशन: तटीय क्षेत्रों में वास्तविक समय की खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही (Intelligence, Surveillance and Reconnaissance) में सहायता करना।
- खोज और बचाव (SAR): कठिन सतह और उप-सतह वातावरण में त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों में प्रभावी।
- लॉइटरिंग म्यूनिशन: भविष्य में इसे लक्ष्य-अधिग्रहण और सटीक हमलों के लिए भी अनुकूलित किया जा सकता है।
