Bambusa Tulda
संदर्भ:
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने एक पर्यावरण–अनुकूल मिश्रित सामग्री विकसित की है, जो पूर्वोत्तर भारत में उगने वाली तेज़ी से बढ़ने वाली बांस प्रजाति ‘Bambusa tulda’ और बायोडिग्रेडेबल पॉलिमर के संयोजन से बनाई गई है। यह नवाचार सतत विकास और हरित तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Bambusa Tulda: भारत का बहुपयोगी बाँस
सामान्य परिचय
- सामान्य नाम: बंगाल बाँस, इंडियन टिंबर बाँस, स्पाइनलेस इंडियन बाँस
- वैज्ञानिक नाम: Bambusa tulda
- प्रकार: तेजी से बढ़ने वाला, मध्यम से बड़ा आकार का उष्णकटिबंधीय क्लंपिंग बाँस
भौगोलिक वितरण: मूल स्थान: भारतीय उपमहाद्वीप, दक्षिण-पूर्व एशिया (इंडोचाइना, तिब्बत, युन्नान)
जीवन चक्र विशेषता
- Monocarpic प्रजाति: जीवन में सिर्फ एक बार फूल देती है और फिर मर जाती है
- इंटरमास्ट अंतराल: 15 से 60 वर्षों के बीच
प्रमुख उपयोग
- उच्च तन्यता शक्ति (Tensile Strength) के कारण अत्यधिक मूल्यवान
- प्रमुख क्षेत्रों में उपयोग:
- कागज उद्योग (Paper pulp)
- निर्माण कार्य
- बाड़बंदी (Fencing)
- औजारों और हस्तशिल्प निर्माण