Black Box
संदर्भ:
हाल ही में अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान की दुखद दुर्घटना ने “ब्लैक बॉक्स“ की महत्ता को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। यह उपकरण विमान दुर्घटनाओं की जांच में अहम भूमिका निभाता है और दुर्घटना के कारणों को समझने में विशेषज्ञों की मदद करता है।
ब्लैक बॉक्स: विमानों की सुरक्षा में अहम भूमिका–
(Black Box) ब्लैक बॉक्स क्या है ?
- उद्देश्य (Purpose):
- ब्लैक बॉक्स विमान में लगेफ्लाइट डेटा रिकॉर्डिंग डिवाइस होते हैं।
- इनका मुख्य कार्यदुर्घटनाओं की जांच और उड़ान सुरक्षा विश्लेषण में मदद करना है।
- विकास (Development)
- इसका पहला व्यावहारिक मॉडलऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक डेविड वॉरेन ने 1954 में बनाया, जब वे मिड-एयर विस्फोटों की जांच कर रहे थे।
रंग और दृश्यता:
- नाम भले ही ‘Black Box’ है, लेकिन इसे चमकदार नारंगी (Bright Orange) रंग में रंगा जाता है,
- साथ में परावर्तक सामग्री (reflective material) भी होती है, जिससे हादसे के बाद इन्हें आसानी से ढूंढा जा सके
ब्लैक बॉक्स के प्रकार:
- कॉकरपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR): पायलट की बातचीत, रेडियो सिग्नल, अलार्म की आवाज़ें, इंजन की गूंज आदि को रिकॉर्ड करता है।
- डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR): विमान की ऊँचाई, गति, दिशा, इंजन की स्थिति, सिस्टम डेटा आदिहज़ारों डेटा पॉइंट्स प्रति सेकंड रिकॉर्ड करता है।
- एकीकृत इकाई (Single Combined Unit): कुछ आधुनिक विमान CVR और DFDR को एक ही यूनिट में एकीकृत करते हैं।
ब्लैक बॉक्स की स्थिति और मजबूती:
स्थापना स्थान: आमतौर पर यह विमान के पूंछ वाले हिस्से (tail section) में लगाया जाता है क्योंकि क्रैश में यह हिस्सा अक्सर बचा रहता है।
मजबूती और सुरक्षा:
- ब्लैक बॉक्सक्रैश–प्रूफ केसिंग में होते हैं।
- ये 1,100°C तापमान, समुद्र की गहराई में दबाव और भारी टक्कर झेल सकते हैं।
अंडरवॉटर लोकेटर बीकन (ULB):
- हर ब्लैक बॉक्स में एक बीकन लगा होता है जो30 दिनों तक सिग्नल भेजता है, जिससे समुद्र में खोजने में मदद मिलती है।
भारत में ब्लैक बॉक्स का उपयोग (Use of Black Boxes in India):
- नियम और जांच एजेंसी–
- भारत में विमान दुर्घटनाओं की जांचAircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) द्वारा की जाती है,
- जोनागर विमानन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) के अधीन है।
- ब्लैक बॉक्स डेटा प्राथमिक साक्ष्य के रूप में उपयोग होता है।
- हालिया विकास (April 2025)-
- भारत नेनई दिल्ली में पहली समर्पित फ्लाइट रिकॉर्डर प्रयोगशाला की स्थापना की है।
- इससे देश कीस्वतंत्र और तेज़ क्रैश डेटा जांच क्षमता में वृद्धि हुई है।