Blue and white Flycatcher
संदर्भ:
हाल ही में गुजरात के पंचमहल जिले में स्थित पावागढ की पहाड़ियों पर अत्यंत दुर्लभ पक्षी, ब्लू-एंड-व्हाइट फ्लाईकैचर (Blue-and-white Flycatcher) देखा गया। भारत में इस पक्षी की मौजूदगी एक विरल घटना है क्योंकि ये पक्षी अपने सामान्य प्रवास के लिए भारत नहीं आते।
ब्लू-एंड-व्हाइट फ्लाईकैचर के बारे में:
- वैज्ञानिक वर्गीकरण (Taxonomy): इसका वैज्ञानिक नाम Cyanoptila cyanomelana है। यह ‘मस्किकापिडे’ (Muscicapidae) परिवार से संबंधित है, जिसमें ‘ओल्ड वर्ल्ड फ्लाईकैचर्स’ शामिल हैं।
- शारीरिक संरचना (Morphology): नर का ऊपरी हिस्सा चमकीला नीला, चेहरा और गला काला तथा पेट सफेद होता है। इसके विपरीत, मादा भूरे रंग की होती है, जो इसे अन्य फ्लाईकैचर्स से अलग पहचान देती है।
- भौगोलिक सीमा (Range): यह मुख्य रूप से पूर्वी एशिया (जापान, कोरिया, चीन और रूस) में पाया जाता है। सर्दियों में यह दक्षिण-पूर्वी एशिया (इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस) की ओर प्रवास करता है।
- प्रजनन (Breeding): यह पक्षी मई से अगस्त के बीच जापान और रूस के पर्वतीय जंगलों में प्रजनन करता है। यह अक्सर नदियों के पास ऊँची चट्टानों या पेड़ों के खोखलों में घोंसला बनाता है।
- आहार (Diet): यह मुख्य रूप से कीटभक्षी (Insectivorous) है। यह उड़ते हुए कीड़ों को पकड़ने में माहिर है, जिसे ‘सैलिंग’ (Sallying) व्यवहार कहा जाता है।
- आवास (Habitat): यह प्राथमिक रूप से समशीतोष्ण और उप-उष्णकटिबंधीय जंगलों, विशेषकर नदियों के किनारे और पहाड़ी ढलानों पर पाया जाता है।
- IUCN संरक्षण स्थिति: इसे IUCN रेड लिस्ट में ‘Least Concern’ (सबसे कम चिंताजनक) की श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि इसकी वैश्विक आबादी स्थिर मानी जाती है।
- प्रवास मार्ग (Migration Route): यह ‘ईस्ट एशियन-ऑस्ट्रेलेशियन फ्लाईवे’ (EAAF) का उपयोग करता है।
- व्यवहार (Behavior): यह एक एकांतप्रिय पक्षी है। नर अपनी सुरीली और जटिल गायन के लिए प्रसिद्ध है, जिसका उपयोग वह प्रजनन काल में क्षेत्र निर्धारण के लिए करता है।
- खतरे (Threats): यद्यपि यह सुरक्षित श्रेणी में है, लेकिन इसके प्रवास मार्ग पर वनों की कटाई (Deforestation) और शहरीकरण इसके अस्तित्व के लिए दीर्घकालिक चुनौतियाँ हैं।
