BRICS Labour Ministers Conference 2025
संदर्भ:
2025 में आयोजित 11वीं ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक में, ब्राज़ील की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण घोषणा को अपनाया गया।
ब्रिक्स श्रम मंत्री सम्मेलन– प्रमुख निष्कर्ष:
- सम्मेलन की थीम:“समावेशी और सतत शासन के लिए वैश्विक दक्षिण के सहयोग को सशक्त बनाना”।
- घोषणा के मुख्य विषय:
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और कार्य का भविष्य
- जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और न्यायसंगत संक्रमण
- ब्रिक्स देशों की प्रतिबद्धताएँ:
- नवाचार और श्रमिक सुरक्षा के संतुलन के साथ समावेशी AI नीतियों को बढ़ावा देना।
- जलवायु परिवर्तन से निपटने हेतु सामाजिक संवाद को मजबूत करना।
- श्रम शासन, डिजिटल समावेशन और हरित रोजगार सृजन पर दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा देना।
- प्रमुख निर्णय:“Policy Observatory” की स्थापना, जो कि श्रम और सामाजिक सुरक्षा पर अनुभवों के आदान-प्रदान का एक मंच होगा।
ब्रिक्स देशों में श्रमिकों के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ –
- AI का प्रभाव: कृत्रिम बुद्धिमत्ता श्रम संबंधों को तेजी से बदल रही है – जहाँ एक ओर नई नौकरियों के अवसर बन रहे हैं, वहीं रोजगार छिनने और असमानता बढ़ने का खतरा भी है।
- डिजिटल असमानता: BRICS देशों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा की गुणवत्ता और उपलब्धता को लेकर गहरी असमानताएँ बनी हुई हैं।
- कमज़ोर वर्गों पर प्रभाव: महिलाएँ, युवा, वृद्ध श्रमिक, और दिव्यांगजन स्वचालन और जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
- जलवायु परिवर्तन और रोजगार: निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण से जहां नई हरित नौकरियाँ बन सकती हैं, वहीं यह केवल तब संभव है जब उचित प्रशिक्षण और कौशल विकास की व्यवस्था हो।
श्रमिकों के लिए घोषणा का महत्व –
AI और श्रमिक अधिकार:
- AI तक समान पहुंच सुनिश्चित करना ज़रूरी है ताकि श्रमिकों की आवाज़ बनी रहे।
- इसके लिए सार्थक सामाजिक संवाद होना चाहिए।
- ILO का मानना है कि BRICS देश AI के कार्यस्थल पर अधिकार-आधारित उपयोग में बदलाव लाने की दिशा में दक्षिण–दक्षिण सहयोग के ज़रिए अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।
न्यायसंगत संक्रमण (Just Transition) – हरित नौकरियां और समावेशी नीतियाँ:
- 2 अरब आजीविकाएँ पारिस्थितिक तंत्र (ecosystem) के संकट से खतरे में हैं।
- 4 अरब श्रमिक अत्यधिक गर्मी में काम कर रहे हैं, जो उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा है।
- ज़रूरत है हरित नौकरियों और समावेशी नीतियों की जो लोगों और पर्यावरण दोनों को बचाएं।
सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा:
- आज की दुनिया में सामाजिक सुरक्षा का अंतर (protection gap) बढ़ता जा रहा है।
- प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों (जैसे ऐप आधारित काम करने वाले) के पास कोई सुरक्षा तंत्र नहीं है।
- 83% लोग अभी भी बुनियादी सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं।
- यह स्थिति बदलाव की माँग करती है।
सामाजिक न्याय को बढ़ावा:
- ILO ने BRICS देशों को समर्थन देने का संकल्प लिया है –
- Global Coalition for Social Justice के माध्यम से।
- यह सहयोग मानक दिशा–निर्देश, शोध, और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
- उद्देश्य है एक न्यायपूर्ण, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य का निर्माण।