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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025 (BRICS Summit 2025) | Apni Pathshala

BRICS Summit 2025

 

BRICS Summit 2025

संदर्भ:

17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 6–7 जुलाई 2025 को ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित किया जा रहा है। इसकी अध्यक्षता ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला द सिल्वा कर रहे हैं।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित किया, जिसका विषय था – बहुपक्षवाद को सशक्त बनाना, आर्थिकवित्तीय मुद्दे और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)’ इस सत्र में प्रधानमंत्री ने वैश्विक सहयोग, समावेशी विकास और उभरती तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।
BRICS Summit 2025: प्रमुख बिंदु और भारत की भूमिका

प्रमुख घोषणाएं और भारत का दृष्टिकोण:

  • ब्रिक्स नेताओं की घोषणापत्र (Declaration) में भारत की प्रमुख चिंताओं को स्थान मिला, जैसे:
    • सीमापार आतंकवाद
    • वैश्विक शासन में सुधार
  • पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की अधिकांश आबादी को वैश्विक संस्थाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
  • उन्होंने विकासशील देशों को अंतरराष्ट्रीय निर्णयनिर्माण में अधिक भूमिका देने की मांग की।

पीएम मोदी के चार प्रमुख सुझाव (BRICS सहयोग के लिए):

  1. विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए प्रणाली में सुधार:
    • निर्णय प्रक्रिया मांग-आधारित (Demand-driven) हो
    • दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित हो
    • क्रेडिट रेटिंग को स्वस्थ बनाए रखा जाए
  2. सहयोगात्मक पहल (Collaborative Initiatives):
    • एक BRICS विज्ञान और शोध भंडार (Science & Research Repository) बनाने का प्रस्ताव
    • इससे ग्लोबल साउथ के देशों को भी लाभ मिलेगा
  3. लचीली आपूर्ति श्रृंखला (Resilient Supply Chain):
    • विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स और टेक्नोलॉजी के लिए
    • वैश्विक आपूर्ति नेटवर्क को सुरक्षित और मजबूत बनाने पर जोर
  4. जिम्मेदार एआई (Responsible AI):
    • भारत का दृष्टिकोण: “AI for All”
    • एआई को मानव मूल्यों और क्षमताओं को बढ़ाने का उपकरण माना
    • AI के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग की वकालत

समिट का व्यापक संदेश

  • बहुपक्षीयता को मजबूत करने
  • विकासशील देशों की आवाज़ को वैश्विक मंच पर बढ़ाने की दिशा में भारत ने नेतृत्व दिखाया।

BRICS समूह: एक परिचय

  • BRICS पाँच प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का समूह है: ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका
  • अब इसके नए पूर्ण सदस्य भी शामिल हो गए हैं: मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

उत्पत्ति और विकास:

  • “BRIC” शब्द को पहली बार 2001 में अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने गढ़ा।
  • 2006 में रूस, भारत और चीन के नेताओं की G8 Outreach Summit (सेंट पीटर्सबर्ग) में मुलाकात के बाद BRIC का औपचारिक गठन हुआ।
  • UNGA (संयुक्त राष्ट्र महासभा) के दौरान न्यूयॉर्क में BRIC विदेश मंत्रियों की पहली बैठक में इसे औपचारिक रूप से मान्यता मिली।
  • 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद, यह समूह BRICS कहलाने लगा।

प्रमुख गतिविधियाँ और उद्देश्य:

  • BRICS देशों के नेता प्रतिवर्ष औपचारिक शिखर सम्मेलन में भाग लेते हैं (प्रारंभ: 2009)।
  • यह समूह तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है:
    1. राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग
    2. आर्थिक और वित्तीय संवाद
    3. सांस्कृतिक एवं जन-से-जन संपर्क

BRICS का वैश्विक महत्व:

  • ये देश विश्व की जनसंख्या और जीडीपी का बड़ा हिस्सा प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • BRICS का उद्देश्य बहुपक्षीयता को बढ़ावा देना, विकासशील देशों की आवाज़ बुलंद करना, और विश्व व्यवस्था में सुधार लाना है।

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