BRICS Traditional and Indigenous Games 2026: आयोजन, उद्घाटन, भागीदारी, स्पर्धा एवं प्रकार
संदर्भ:
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (India’s BRICS Chairship) के अंतर्गत 12 और 13 अक्टूबर 2026 को गुजरात के अहमदाबाद में ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी प्रदर्शन खेल 2026 (BRICS Traditional and Indigenous Games 2026) का आयोजन किया जा रहा है।
ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी खेल 2026 के मुख्य बिंदु:
- परिचय: BRICS Traditional and Indigenous Games 2026, ब्रिक्स देशों के बीच आयोजित होने वाला अपनी तरह का पहला अनूठा गैर-प्रतिस्पर्धी मंच (Non-competitive Platform) है।
- इसका मुख्य उद्देश्य भाग लेने वाले राष्ट्रों की खेल विरासत, स्वदेशी प्रथाओं और सांस्कृतिक महत्व का प्रदर्शन, दस्तावेजीकरण (Documentation) तथा ज्ञान का आदान-प्रदान करना है।
- पृष्ठभूमि: ब्रिक्स खेल सहयोग (BRICS Sports Cooperation) की शुरुआत व्यापक सांस्कृतिक आदान-प्रदान (Cultural Exchange) के हिस्से के रूप में हुई थी।
- ब्रिक्स खेल (BRICS Games) की नींव साल 2014-2015 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुई।
- इसके बाद भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत अक्टूबर 2016 में गोवा में पहले ब्रिक्स खेल (U-17 फुटबॉल टूर्नामेंट के रूप में) आयोजित किए गए थे।
- पहला पारंपरिक ब्रिक्स खेल आयोजन 2017 में चीन के गुआंगझू में हुआ था, जहां मुख्यधारा के खेल खेले गए थे।
- आयोजन: वर्ष 2026 में यह भव्य खेल महोत्सव अहमदाबाद (Ahmedabad) स्थित वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया जा रहा है।
- शुभंकर (Mascot): इन खेलों का आधिकारिक शुभंकर ‘साथी’ (Saathi) है, जो एक ऊर्जावान रॉयल बंगाल टाइगर (Royal Bengal Tiger) है।
- आदर्श वाक्य (Mascot Ethos): इसका मूल दर्शन “कई परंपराएं, एक खेल भावना” (Many Traditions, One Sporting Spirit) पर आधारित है।
- उद्घाटन समारोह: ब्रिक्स खेलों के उद्घाटन समारोह (BRICS Games Opening Ceremony) का नेतृत्व केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा किया गया।
- इस अवसर पर गुजरात के खेल मंत्री और केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे सहित ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल उपस्थित थे।
- 23 अगस्त 2026 को विशाखापत्तनम में आयोजित ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक में ‘ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणा’ (BRICS Sports Joint Declaration) को अपनाया गया।
- इसी घोषणा के तहत पारंपरिक और स्वदेशी खेलों (Traditional and Indigenous Sports) को वैश्विक मंच देने के लिए विशेष प्रदर्शन खेलों का यह ढांचा तैयार किया गया।
- इस अवसर पर गुजरात के खेल मंत्री और केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे सहित ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल उपस्थित थे।
- भागीदारी एवं खेल प्रकार: इस खेल महोत्सव में 11 देशों के एथलीटों और अभ्यासकर्ताओं ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक खेल विरासत (Traditional Sports Heritage) का प्रदर्शन किया:
| देश | प्रदर्शित प्रमुख स्वदेशी खेल |
| भारत (India) | मल्लखांब (Mallakhamb), योगासन (Yogasana), और कलरिपयट्टू (Kalaripayattu) |
| चीन (China) | वुशु (Wushu), शेर नृत्य (Lion Dance), और स्वास्थ्य किगोंग (Health Qigong) |
| रूस (Russia) | गोरोडकी (Gorodki – पारंपरिक लकड़ी का खेल) और साम्बो (Sambo – मार्शल आर्ट) |
| ब्राजील (Brazil) | ज़ाराबटाना (Zarabatana – स्वदेशी ब्लोपाइप), कोरिडा डी टोरस (Log Race), और कैपोएरा |
| दक्षिण अफ्रीका | कगाती (Kgati) और इंटोंगा (Iintonga – लाठी युद्ध) |
| इथियोपिया (Ethiopia) | इथियोपियाई कुश्ती (Tegel) और इथियोपियाई गेना (Field Hockey) |
| ईरान (Iran) | जूरखानेह (Zoorkhaneh – प्राचीन अखाड़ा व्यायाम) और हफ्ट सांग (Haft Sang) |
| कजाखस्तान | आसिक अतु (Asyk Atu), टोग्यज़कुमालक, और कज़ाक कुरेसी (Qazaq Kuresi) |
| यूएई (UAE) | अल तब्बा (Al Tabbah) |
| बोलीविया व बेलारूस | लुचा डी चोलितास (Lucha de Cholitas), टिंकू (Tinku), और गोरोडकी |
स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देने का महत्व:
- सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक कूटनीति (Soft Power & Cultural Diplomacy): यह आयोजन ब्रिक्स सदस्य देशों की भाषिक और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित कर खेल कूटनीति को सुदृढ़ करता है।
- अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण (Preservation of Intangible Cultural Heritage): आधुनिकीकरण के दौर में लुप्त हो रहे ग्रामीण और जनजातीय खेलों (Indigenous Sporting Events) को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रलेखित कर दीर्घकालिक संरक्षण प्रदान करना।
- पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट (Fostering People-to-People Ties): गैर-प्रतिस्पर्धी माहौल होने के कारण यह विभिन्न देशों के नागरिकों और एथलीटों के बीच आपसी समझ, सम्मान और मित्रता को प्रगाढ़ करता है।
- पारंपरिक खेल भंडार (Repository of Sports): भारत ने इस मंच पर ब्रिक्स देशों के पारंपरिक खेलों का एक डिजिटल संग्रह (Repository) बनाने का प्रस्ताव रखा है, ताकि इनके नियमों, इतिहास और उपकरणों का वैश्विक वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी प्रदर्शन खेल 2026 क्या हैं?
उत्तर: यह भारत की अध्यक्षता के तहत आयोजित एक गैर-प्रतिस्पर्धी सांस्कृतिक-खेल मंच है, जहाँ ब्रिक्स देशों के पारंपरिक एवं स्वदेशी खेलों का प्रदर्शन किया जाता है।
प्रश्न 2: ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी खेल 2026 का आयोजन कहां किया गया?
उत्तर: इन खेलों (BRICS Sports Event 2026) का भव्य आयोजन 12-13 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया गया।
प्रश्न 3: इस आयोजन में किन-किन देशों ने भाग लिया?
उत्तर: इसमें भारत, चीन, रूस, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, ईथियोपिया, कजाखस्तान, ईरान, यूएई, बेलारूस और बोलीविया सहित 11 देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।
प्रश्न 4: ब्रिक्स पारंपरिक खेलों में कौन-कौन सी प्रमुख स्पर्धाएं शामिल हैं?
उत्तर: इसमें भारत के मल्लखांब व कलरिपयट्टू, चीन का वुशु, रूस का साम्बो, ब्राजील का कैपोएरा और ईरान का जूरखानेह जैसी ऐतिहासिक विधाएं शामिल हैं।
प्रश्न 5: पारंपरिक और स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देने में इस आयोजन का क्या महत्व है?
उत्तर: यह वैश्विक दक्षिण (Global South) की समृद्ध खेल विरासत को पहचान दिलाता है, खेल सहयोग (BRICS Sports Development) बढ़ाता है और अमूर्त विरासतों का अंतर्राष्ट्रीय दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करता है।
