C-FLOOD
संदर्भ:
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में भारत की उन्नत बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली C-FLOOD का उद्घाटन किया। यह अगली पीढ़ी की एकीकृत जलभराव पूर्वानुमान प्रणाली (Unified Inundation Forecasting System) है, जिसका उद्देश्य बाढ़ पूर्व चेतावनी को अधिक सटीक, प्रभावी और समयबद्ध बनाना है।
C-FLOOD: भारत का एकीकृत बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली:
परिचय:
- C-FLOOD एक Unified Inundation Forecasting System है जिसे C-DAC पुणे और केंद्रीय जल आयोग ने साझेदारी में विकसित किया है।
- यह प्रणाली वेब-आधारित प्लेटफ़ॉर्म है, जो गांव स्तर तक दो दिन पूर्व बाढ़ पूर्वानुमान प्रदान करती है — इनडंडेशन मैप्स और जल स्तर की भविष्यवाणी के माध्यम से।
प्रमुख उद्देश्य:
- राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत विकसित।
- भारत की बाढ़ प्रबंधन और आपदा प्रतिक्रिया क्षमताओं को सशक्त बनाना।
प्रमुख विशेषताएँ:
- राष्ट्रीय और क्षेत्रीय एजेंसियों की बाढ़ मॉडलिंग को एकीकृत कर यह आपदा प्रबंधन के लिए एकीकृत निर्णय-समर्थन उपकरण के रूप में कार्य करता है।
- 2-डी हाईड्रोडायनामिक मॉडलिंग का उपयोग करके बाढ़ की यथार्थवादी सिमुलेशन करता है।
- मौजूदा कवरेज:
- महानदी बेसिन: सुपरकंप्यूटर आधारित सिमुलेशन, C-DAC पुणे में संचालित।
- गोदावरी और तापी बेसिन: राष्ट्रीय जलविज्ञान परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र द्वारा विकसित बाढ़ डेटा को C-FLOOD में एकीकृत किया गया है।
- आगे की योजना: अन्य नदी घाटियों को भी चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा।
महत्व: यह प्रणाली स्थानीय स्तर पर समय रहते चेतावनी प्रदान कर मानव जीवन, संपत्ति और कृषि नुकसान को न्यूनतम करने में मदद करती है।
- प्रौद्योगिकी और विज्ञान का समावेशी उपयोग करते हुए यह भारत को आपदा-लचीला राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर है।