Central Motor Vehicles Second Amendment Rules 2026

संदर्भ:
हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ‘केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026’ को अधिसूचित किया है। यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क के भुगतान को सुदृढ़ करने और इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ETC) की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया है।
केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 के प्रमुख संशोधन:
इस संशोधन के माध्यम से ‘केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989’ में कई तकनीकी और कानूनी बदलाव किए गए हैं:
- उपयोगकर्ता शुल्क: नए नियमों के तहत ‘अदा न किए गए उपयोगकर्ता शुल्क’ की एक स्पष्ट परिभाषा जोड़ी गई है। इसके अनुसार वह शुल्क जो किसी वाहन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के खंड का उपयोग करने पर देय है, जहाँ ETC प्रणाली (जैसे FASTag) ने वाहन के गुजरने को दर्ज किया है, लेकिन लागू शुल्क प्राप्त नहीं हुआ है।
- शुल्क का जुड़ाव: अब राष्ट्रीय राजमार्ग के बकाया टोल शुल्क को सीधे वाहन संबंधी सरकारी सेवाओं से जोड़ दिया गया है। यदि वाहन पर कोई बकाया टोल शुल्क है, तो वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण या एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी नहीं किया जाएगा।
- फिटनेस प्रमाणपत्र (Certificate of Fitness): बकाया शुल्क होने पर वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र का नवीनीकरण या निर्माण भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
- नेशनल परमिट (National Permit): वाणिज्यिक वाहनों के लिए नेशनल परमिट प्राप्त करने हेतु यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वाहन पर कोई भी बकाया उपयोगकर्ता शुल्क न हो।
- फॉर्म-28 में संशोधन: NOC के लिए उपयोग होने वाले ‘फॉर्म-28’ में बदलाव किए गए हैं। अब आवेदकों को यह घोषणा करनी होगी कि वाहन के खिलाफ कोई टोल शुल्क बकाया है या नहीं। फॉर्म-28 के प्रासंगिक हिस्सों को अब नामित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किया जा सकता है।
महत्व:
- राजस्व संरक्षण: यह संशोधन टोल चोरी (Fee Evasion) को कम करने की दिशा में मददगार है, जिससे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के राजस्व में वृद्धि होगी।
- प्रौद्योगिकी का एकीकरण: यह कदम भविष्य में लागू होने वाले ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) सिस्टम के लिए आधार तैयार करता है, जो बिना बैरियर के टोलिंग को संभव बनाएगा।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: डिजिटल डेटा के एकीकरण (जैसे VAHAN पोर्टल के साथ टोल डेटा) से परिवहन विभाग और NHAI के बीच समन्वय बेहतर होगा।
