Centre issues new guidelines on AI parameters for cancer diagnosis
संदर्भ:
भारत सरकार के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कैंसर का शीघ्र पता लगाने के लिए उपयोग किए जाने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सॉफ्टवेयर और उपकरणों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं।
विनियामक संदर्भ:
- भारत में मेडिकल उपकरणों का विनियमन औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और चिकित्सा उपकरण नियम (Medical Device Rules), 2017 के तहत किया जाता है।
- अधिकांश कैंसर निदान AI टूल्स को ‘श्रेणी C’ (Class C – मध्यम से उच्च जोखिम) के तहत वर्गीकृत किया गया है। इन उपकरणों को बाजार में लाने से पहले कठोर क्लिनिकल ट्रायल की आवश्यकता होगी।
- सभी घरेलू और विदेशी डेवलपर्स के लिए CDSCO के पोर्टल पर पंजीकरण करना और ‘लाइसेंस टू मैन्युफैक्चर/इम्पोर्ट’ प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।
मानदंडों के मुख्य बिंदु:
- डेटा अखंडता और गोपनीयता: कैंसर निदान के लिए उपयोग किए जाने वाले डेटासेट भारतीय आबादी के अनुरूप होने चाहिए। कंपनियों को यह प्रमाणित करना होगा कि डेटा का उपयोग ‘डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023’ के तहत किया गया है।
- एल्गोरिदम पारदर्शिता (Explainable AI): डेवलपर्स को यह स्पष्ट करना होगा कि AI मॉडल किसी निष्कर्ष (जैसे ट्यूमर की पहचान) पर कैसे पहुँचा। इसे “ब्लैक बॉक्स” एल्गोरिदम के बजाय “एक्सप्लेनेबल AI” होना चाहिए।
- सत्यापन और क्लिनिकल मूल्यांकन: केवल लैब परीक्षण पर्याप्त नहीं होंगे। सॉफ्टवेयर का भारतीय अस्पतालों में वास्तविक क्लिनिकल सेटिंग्स में परीक्षण किया जाना अनिवार्य है ताकि इसकी सटीकता (Accuracy) और विशिष्टता (Specificity) सुनिश्चित की जा सके।
- साइबर सुरक्षा: चूँकि ये सॉफ्टवेयर क्लाउड-आधारित होते हैं, इसलिए इन्हें साइबर हमलों से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों (ISO 27001) का पालन करना होगा।

