Climate Adaptation Atlas of Indian Agriculture launched
संदर्भ:
हाल ही में भारत सरकार ने ‘भारतीय कृषि में जलवायु अनुकूलन एटलस’ (ACASA–India) लॉन्च किया है। यह एटलस राष्ट्रीय जलवायु अनुकूल कृषि नवाचार (NICRA) कार्यक्रम के 15 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लॉन्च किया गया है।
भारतीय कृषि में जलवायु अनुकूलन एटलस’ (ACASA–India) के बारे में:
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- भारतीय कृषि में जलवायु अनुकूलन एटलस एक वेब-सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य भारतीय कृषि को जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक लचीला और डेटा-संचालित बनाना है।
- इसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान और शिक्षा प्रणाली (NARES) ने बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA) और CIMMYT के सहयोग से विकसित किया है।
- विशेषताएं:
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- स्थान-विशिष्ट डेटा (Location-specific Data): यह प्लेटफॉर्म किसानों और नीति निर्माताओं को विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों के लिए सटीक और डेटा-संचालित अनुकूलन योजनाएँ प्रदान करता है।
- उच्च संकल्प विश्लेषण (High-resolution Analysis): यह 25 वर्ग किमी (लगभग 4-5 गांवों के बराबर) के सूक्ष्म स्तर पर जलवायु जोखिम मूल्यांकन प्रदान करता है।
- व्यापक कवरेज: इसमें भारत की 15 प्रमुख फसलों और 6 पशुधन प्रजातियों को कवर किया गया है, जो खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- ओपन-सोर्स एक्सेस: यह शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए ओपन-सोर्स डेटा, कोड और स्क्रिप्ट तक पहुंच प्रदान करता है।
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- भूमिका:
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- सूखा और बाढ़ जैसी चरम मौसमी घटनाओं का पूर्वानुमान और तैयारी।
- बीज किस्मों के चयन में सहायता जो गर्मी और पानी के तनाव को झेल सकें।
- संसाधन आवंटन (जैसे सिंचाई और खाद) का प्रभावी प्रबंधन।
महत्व:
- साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण: एटलस द्वारा प्रदान किए गए विश्लेषण सरकारी एजेंसियों को भविष्य के निवेश और जलवायु जोखिम शमन के लिए ठोस आधार प्रदान करेंगे।
- छोटे किसानों का सशक्तिकरण: भारत के 100 मिलियन से अधिक छोटे और सीमांत किसान, जो जलवायु परिवर्तन के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं, इस डेटा का उपयोग अपनी खेती को सुरक्षित करने के लिए कर सकेंगे।
- जलवायु स्मार्ट गाँव: यह पहल देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में जलवायु-अनुकूल कृषि प्रौद्योगिकियों के विस्तार (Scaling) में मदद करेगी।
- वैश्विक मॉडल: ICAR के अनुसार, NICRA और ACASA की सफलता भारत को जलवायु-लचीली कृषि के क्षेत्र में एक वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित करती है।

