Cyclone Murasu की चेतावनी, IMD ने गंभीर तूफान श्रेणी में रखा
संदर्भ:
हाल ही में भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में बने गहरे दबाव के चक्रवाती तूफान मुरासु (Cyclone Murasu) में बदलने की जानकारी दी।

चक्रवाती तूफान मुरासु के बारे में:
- उत्पत्ति: मुरासु चक्रवात (Murasu cyclone) की शुरुआत अंडमान सागर के ऊपर एक कम दबाव वाले क्षेत्र के रूप में हुई।
- भौगोलिक स्थिति: यह प्रणाली पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय है।
- तूफान की निरंतर ट्रैकिंग से स्पष्ट है कि यह लगभग 20-25 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है।
- मौसम प्रणाली में बदलाव: 1 नवंबर 2026 को गहरा अवदाब (Deep Depression) चक्रवाती तूफान में बदला और 2 नवंबर की सुबह तक यह तीव्र होकर एक गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) के रूप में तब्दील हो गया।
- नामकरण: ‘मुरासु’ नाम भारत द्वारा दिया गया है, जिसका तमिल भाषा में अर्थ ‘युद्ध का नगाड़ा’ होता है।
- लैंडफॉल और हवा की गति का पूर्वानुमान (Cyclone Landfall Forecast & Wind Speed):
- लैंडफॉल का समय: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) की नवीनतम चेतावनी के अनुसार, इस गंभीर तूफान के 2 नवंबर की आधी रात (23:30 IST) से 3 नवंबर 2026 की सुबह (04:00 IST) के बीच तट से टकराने की प्रबल संभावना है।
- संभावित लैंडफॉल क्षेत्र (Landfall Point): चक्रवात का लैंडफॉल मुख्य रूप से दक्षिण आंध्र प्रदेश तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के निकट होने का अनुमान लगाया गया है।
- हवा की गति का पूर्वानुमान (Cyclone Wind Speed Forecast): लैंडफॉल के दौरान तटीय क्षेत्रों में निरंतर सतही हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है, जो बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार (Gusting up to 120 kmph) तक पहुँच सकती है।
- क्षेत्रीय मौसम चेतावनियाँ और अलर्ट (IMD Cyclone Warning & Alerts): गंभीर मौसमी प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग (IMD cyclone warning) ने भारत के विभिन्न राज्यों में अलर्ट जारी किया है:
- आंध्र प्रदेश चक्रवात अलर्ट (Andhra Pradesh cyclone alert): तटीय आंध्र प्रदेश और यनाम के जिलों के लिए रेड अलर्ट (Red Message) जारी किया गया है, जहाँ अत्यंत भारी से असाधारण भारी वर्षा होने की चेतावनी है।
- तमिलनाडु चक्रवात चेतावनी (Tamil Nadu cyclone warning): उत्तरी तमिलनाडु के तटीय जिलों, विशेषकर चेन्नई और तिरुवल्लूर में भारी बारिश के कारण स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है।
- ओडिशा और तेलंगाना अलर्ट: दक्षिणी ओडिशा के पर्वतीय और बाढ़-प्रवण जिलों (जैसे कोरापुट, मल्कनगिरी, गंजम) में हाई अलर्ट लागू किया गया है। वहीं तेलंगाना के छह जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
आपदा प्रबंधन और तटीय सुरक्षा उपाय:
चक्रवातों के शमन और जान-माल की सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशानिर्देशों के अनुरूप प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं:
- मछुआरों के लिए पूर्ण रोक: मछुआरों को 4 नवंबर की सुबह तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
- बचाव दलों की तैनाती: आंध्र प्रदेश के संवेदनशील तटीय जिलों (जैसे बापटला, कृष्णा, प्रकाशम, नेल्लोर) में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 6 टीमें और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की 7 टीमें तैनात की जा चुकी हैं।
- निकासी प्रक्रिया (Evacuation): निचले और कच्चे मकानों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित चक्रवात आश्रयों (Cyclone Shelters) में स्थानांतरित किया जा रहा है।
- जलाशय प्रबंधन: बाढ़ नियंत्रण के लिए ओडिशा के बालीमेला जलाशय (Balimela Reservoir) के गेट खोलकर पानी की अग्रिम निकासी शुरू कर दी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: चक्रवाती तूफान मुरासु क्या है और इसका नाम कैसे रखा गया है?
उत्तर: मुरासु (Cyclone Murasu) बंगाल की खाड़ी में उठा 2026 के उत्तर हिंद महासागर सीजन का दूसरा चक्रवात है। ‘मुरासु’ नाम भारत द्वारा दिया गया है, जिसका तमिल भाषा में अर्थ ‘युद्ध का नगाड़ा’ होता है।
प्रश्न 2: IMD ने मुरासु को गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में क्यों रखा है?
उत्तर: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसकी निरंतर बढ़ती गति और तटीय क्षेत्रों में 100-110 किमी/घंटा (झोंकों के साथ 120 किमी/घंटा) की विनाशकारी हवाओं की संभावना के कारण इसे गंभीर श्रेणी में रखा है।
प्रश्न 3: चक्रवात मुरासु से भारत के किन राज्यों में असर पड़ने की आशंका है?
उत्तर: इस तूफान का मुख्य प्रभाव आंध्र प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु, तेलंगाना और दक्षिणी ओडिशा में अत्यधिक भारी वर्षा और तीव्र तूफानी हवाओं के रूप में देखने को मिलेगा।
प्रश्न 4: मुरासु तूफान के संभावित लैंडफॉल को लेकर IMD ने क्या जानकारी दी है?
उत्तर: आईएमडी के अनुसार, यह चक्रवात 2 नवंबर की रात से 3 नवंबर 2026 के तड़के के बीच आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास तट को पार करेगा।
प्रश्न 5: चक्रवात के दौरान तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कौन-सी सावधानियां बरतनी चाहिए?
उत्तर: लोगों को तटीय सुरक्षा उपायों (coastal safety measures) के तहत समुद्र तट से दूर रहना चाहिए, आपातकालीन किट तैयार रखनी चाहिए, अफवाहों से बचकर केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन (India cyclone news today) पर भरोसा करना चाहिए।