संदर्भ:
शनि ग्रह: हाल ही में खगोलविदों ने कैनेडा–फ्रांस–हवाई टेलीस्कोप की मदद से शनि के 128 नए चंद्रमा खोजे हैं। अब शनि के कुल 274 पुष्टि किए गए चंद्रमा हो गए हैं।
शनि ग्रह के बारे में:
- सौरमंडल में स्थिति: शनि सूर्य से छठा ग्रह है और बृहस्पति के बाद सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है।
- संरचना: यह एक गैसीय दानव (Gas Giant) है, जो मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम से बना है। इसका वातावरण हाइड्रोजन, हीलियम, मीथेन, अमोनिया और अन्य गैसों से युक्त होता है, जिससे इसे पीले-भूरे रंग का रूप मिलता है। माना जाता है कि इसके केंद्र में एक ठोस चट्टानी कोर है।
- घनत्व: शनि का औसत घनत्व 69 g/cm³ है, जो पानी से लगभग 30% कम है। इसका कम घनत्व इसके विशाल गैसीय वातावरण के कारण है।
- आकृति: शनि की तेज़ गति से घूर्णन के कारण इसका आकार चपटा (Oblate) होता है, यानी इसके ध्रुव चपटे होते हैं और भूमध्य रेखा पर उभार होता है।
- छल्ले: शनि के छल्ले (Rings) बर्फ, धूल और चट्टानों से बने होते हैं।
- कक्षा: शनि सूर्य की परिक्रमा औसतन 59 खगोलीय इकाइयों (AU) या लगभग 1,434 मिलियन किलोमीटर की दूरी से करता है। इसकी एक पूरी परिक्रमा में लगभग 29.45 पृथ्वी वर्ष लगते हैं।
- तूफान: शनि पर “ग्रेट व्हाइट स्पॉट“ जैसे विशाल और तीव्र तूफान आते हैं, जो लगभग हर 29 वर्षों में एक बार उत्पन्न होते हैं। ये तूफान महीनों तक सक्रिय रहते हैं और बहुत बड़े क्षेत्र को प्रभावित करते हैं।
शनि ग्रह के उपग्रह:
- टाइटन (Titan):
- यह सौरमंडल का सबसे बड़ा चंद्रमा है, जो बुध ग्रह (Mercury) से भी बड़ा है।
- इसका वातावरण घना और मोटा है, जो इसे एक अद्वितीय उपग्रह बनाता है।
- एनसेलडस (Enceladus): यह बाहरी सौरमंडल के उन कुछ पिंडों में से एक है, जहाँ ज्वालामुखीय गतिविधि पाई जाती है।
- अन्य प्रमुख चंद्रमा: रिया (Rhea), इएपेटस (Iapetus), डायोन (Dione), टेथीस (Tethys), और मिमास (Mimas) भी शनि के बड़े और महत्वपूर्ण उपग्रहों में शामिल हैं।