DefThink launched to foster innovation in defence finance

संदर्भ:
पुणे स्थित PCDA दक्षिणी कमान में रक्षा वित्त प्रयोगशाला ‘डेफथिंक (DefThink)’ का शुभारंभ किया गया। जिसका उद्देश्य रक्षा वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए नवीन उपायों का एक सेट शामिल करना है।
DefThink – रक्षा वित्त नीति प्रयोगशाला:
- “DefThink” रक्षा लेखा विभाग (DAD) द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से विभाग के कामकाज में नवाचार और प्रौद्योगिकी-सक्षम समाधान लाया जाएगा।
- इस पहल की अवधारणा भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों द्वारा उनके प्रशिक्षण के दौरान प्रस्तावित की गई थी।
- इसे प्रधान रक्षा लेखा नियंत्रक (PCDA) दक्षिणी कमान, पुणे के कार्यालय में एक पायलट कार्यक्रम के रूप में शुरू किया गया है।
DefThink के मुख्य उद्देश्य:
- रक्षा वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करना: वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, कुशल और जवाबदेह बनाना।
- दक्षता में सुधार: प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से विभाग की समग्र कार्यक्षमता को बढ़ाना।
- डेटा-संचालित निर्णय-निर्माण: डेटा विश्लेषण और सिमुलेशन के आधार पर बेहतर नीतिगत निर्णय लेना।
- क्षमता निर्माण: विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के कौशल और ज्ञान को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार अद्यतन करना।
- नवाचार को बढ़ावा देना: विभाग के भीतर एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाना जो नए विचारों और समाधानों को प्रोत्साहित करे।
DefThink के प्रमुख घटक:
- डिजिटल ऑडिट रिपॉजिटरी (Digital Audit Repository): ऑडिट से संबंधित डेटा और दस्तावेज़ों का एक केंद्रीकृत डिजिटल संग्रह, जो पहुँच में आसानी और बेहतर विश्लेषण की सुविधा प्रदान करेगा।
- रक्षा वित्त हैकाथॉन (Defence Finance Hackathon): रक्षा वित्त से संबंधित जटिल समस्याओं के लिए अभिनव और तकनीकी समाधान खोजने हेतु युवा minds और विशेषज्ञों को शामिल करने वाला एक आयोजन।
- डेटा सिमुलेशन लैब (Data Simulation Lab): वित्तीय परिदृश्यों और नीतियों के प्रभावों का अनुकरण करने के लिए एक प्रयोगशाला, जिससे जोखिमों का बेहतर प्रबंधन और प्रभावी योजना संभव हो सके।
- अन्य तकनीकी हस्तक्षेप: इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसे उपकरणों का उपयोग शामिल हो सकता है ताकि वित्तीय प्रक्रियाओं को स्वचालित और अनुकूलित किया जा सके।
महत्व:
- यह पहल रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार (Innovations for Defence Excellence – iDEX जैसी अन्य पहलों के साथ) को बढ़ावा देने के सरकार के व्यापक एजेंडे के साथ संरेखित है।
- यह पहल सरकारी कामकाज में प्रौद्योगिकी के उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के सिद्धांत को दर्शाती है।
- यह डिजिटल इंडिया मिशन और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है।
