पुष्पीय पौधे की नई प्रजाति की खोज, Disporum kamakhasiense रखा गया नाम
संदर्भ:
हाल ही में वनस्पति वैज्ञानिकों के एक अंतरराष्ट्रीय शोध दल ने असम और मेघालय के जंगलों (Assam Meghalaya Forests) में पुष्पीय पौधे की एक बिल्कुल नई प्रजाति की खोज (New Plant Species Discovery) की है। इस दुर्लभ पौधे का आधिकारिक वैज्ञानिक नाम Disporum kamakhasiense रखा गया है।

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डिस्पोरम कामाखासिएन्स (Disporum kamakhasiense) के बारे में:
- वर्गीकरण: Disporum kamakhasiense अनोखा बहुवर्षीय शाक (Perennial Herb) मुख्य रूप से कोलचीकेसी पौधा परिवार (Colchicaceae Plant Family) से संबंधित है।
- यह डिस्पोरम प्रजाति (Disporum Plant Species) के अंतर्गत आता है। इस वंश के पौधे मुख्य रूप से समशीतोष्ण और उपोष्णकटिबंधीय एशिया में हिमालय से लेकर जापान और मलय द्वीपसमूह तक फैले हुए हैं।
- वर्गीकरण प्रणाली: एंजियोस्पर्म फाइलोजेनी ग्रुप (APG III) के अनुसार, इस परिवार को लिलिएल्स (Liliales) ऑर्डर के तहत एकबीजपत्री (Monocot) क्लेड में वर्गीकृत किया गया है।
- भौगोलिक अवस्थिति और प्राकृतिक आवास (Geographical Range and Habitat): भारतीय वनस्पति अनुसंधान (Indian Botanical Research) के अनुसार यह पौधा मुख्य रूप से अर्ध-सदाबहार वनों (Semi-evergreen Forests) में उगता है। वर्तमान में इसे केवल तीन विशिष्ट स्थानों पर प्रलेखित किया गया है:
- असम में (New Flowering Plant Assam): कामरूप जिले के गरभंगा आरक्षित वन (Garbhanga Reserve Forest) और दीमा हसाओ जिले के लाईसोंग (Laisong) क्षेत्र में।
- मेघालय में (New Plant Species Meghalaya): पूर्वी खासी हिल्स जिले में स्थित उमियम (बारापानी) क्षेत्र के आस-पास।
- ऊंचाई और ढलान: यह प्रजाति समुद्र तल से 200 से 1,100 मीटर की ऊंचाई के बीच, मुख्य रूप से बांस के जंगलों के नीचे स्थित खड़ी चट्टानी ढलानों (Cliffs) पर पाई जाती है।
- अनुसंधानकर्ता और सहयोगी संस्थाएं (Research Team and Institutions):
- केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (CARI), गुवाहाटी के वनस्पति अनुभाग के शोधकर्ता—दीक्षित बोरा, बिस्वजीत पॉल और देवांझल बोरा।
- कालीयाबोर कॉलेज, नगांव (Assam) के वनस्पति विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. दीपांकर बोरा।
- मिज़ूरी बोटैनिकल गार्डन हर्बेरियम, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के वैज्ञानिक आरोन फ्लोडेन।
- नामकरण का आधार: इस पौधे का वैज्ञानिक नाम ‘कामाखासिएन्स’ (kamakhasiense) इसके खोज स्थलों के ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व को दर्शाता है।
- यह नाम असम के प्राचीन नाम ‘कामरूप’ (Kamrupa) और मेघालय की ‘खासी हिल्स’ (Khasi Hills) के भौगोलिक संदर्भों को मिलाकर तैयार किया गया है।
- प्रमुख विशेषताएं: Disporum kamakhasiense Plant अपनी संरचना में अपने निकटतम संबंधी ‘डिस्पोरम कैल्केराटम’ (Disporum calcaratum) से काफी भिन्न है:
- विशाल आकार: इसकी लंबाई लगभग 120 से 180 सेंटीमीटर (लगभग 6 फीट) तक होती है, जबकि इसकी समकालीन प्रजातियां आकार में काफी छोटी होती हैं।
- तना और पत्तियां: इसके तने अत्यधिक शाखित (Extensively Branched Stems) होते हैं। इसकी पत्तियां चौड़ी, गहरे हरे रंग की, चमकदार और चिकनी होती हैं, जिन पर सात प्रमुख समानांतर शिराएं (7 Prominent Parallel Veins) स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।
- पुष्प संरचना: इस पर सफेद, तारे के आकार के नाजुक फूल (White, Star-shaped Flowers) खिलते हैं, जिनमें सीधे उभार (Straight Spurs) होते हैं। इसके फूलों के डंठल (Flower Stalks) लंबे और पुंकेसर (Stamens) छोटे व मोटे होते हैं।
- ऋतु चक्र: इस नई पुष्पीय पौधे की प्रजाति (New Species of Flowering Plant) में पुष्पन (Flowering) जून से जुलाई के बीच होता है, जबकि जुलाई से अगस्त के दौरान इसमें फल आते हैं।
- लुप्तप्राय पौधा प्रजाति (Endangered Plant Species): शोधकर्ताओं ने इस नव-खोजे गए पौधे को ‘संभावित रूप से लुप्तप्राय’ (Potentially Endangered) श्रेणी में रखने का प्रस्ताव रखा है।
- वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के दौरान इसकी बहुत ही सीमित आबादी पाई गई है (जैसे गरभंगा में केवल 17 और लाईसोंग में मात्र 4 पौधे मिले)।
- पारिस्थितिक खतरे: इस दुर्लभ पौधे (Rare Plant Species India) के अस्तित्व पर बुनियादी ढांचे के विकास (जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों का चौड़ीकरण), वन्यजीवों द्वारा अत्यधिक चरने और वनों की कटाई (Deforestation) के कारण गंभीर संकट मंडरा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Disporum kamakhasiense क्या है?
उत्तर: यह पूर्वोत्तर भारत के जंगलों में खोजी गई लगभग 6 फीट लंबी बहुवर्षीय शाकीय पुष्पीय पौधे की एक नई प्रजाति (New Species of Flowering Plant) है।
प्रश्न 2: नई पुष्पीय पौधे की प्रजाति की खोज कहां हुई है?
उत्तर: इस दुर्लभ पौधे की खोज संयुक्त रूप से असम (गरभंगा आरक्षित वन) तथा मेघालय (बारापानी क्षेत्र) के अर्ध-सदाबहार जंगलों में की गई है।
प्रश्न 3: Disporum kamakhasiense का नाम कैसे रखा गया?
उत्तर: इसका नाम असम के प्राचीन नाम ‘कामरूप’ और मेघालय की ‘खासी पहाड़ियों’ के भौगोलिक और सांस्कृतिक मिश्रण के आधार पर रखा गया है।
प्रश्न 4: यह पौधा किस पौधा परिवार से संबंधित है?
उत्तर: यह अनोखा पुष्पीय पौधा मुख्य रूप से कोलचीकेसी परिवार (Colchicaceae Plant Family) के डिस्पोरम वंश (Genus Disporum) से संबंधित है।