Effects of SO₂ on health and air quality
Effects of SO₂ on health and air quality –
संदर्भ:
हाल ही में भारत के पर्यावरण मंत्रालय ने ज्यादातर कोयला-आधारित ताप विद्युत संयंत्रों को फ्लू गैस डीसल्फराइजेशन (FGD) प्रणाली लगाने से मुक्त कर दिया है, जिससे 2015 के अनिवार्य नियम को पलट दिया गया है। यह निर्णय सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) जैसे हानिकारक वायु प्रदूषकों को नियंत्रित करने के प्रयासों को कमज़ोर करता है और पर्यावरणीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।
क्या है FGD सिस्टम?
- Flue Gas Desulphurisation (FGD) एक वायु प्रदूषण नियंत्रण तकनीक है,
- जिसका उपयोग थर्मल पावर प्लांट्स में किया जाता है ताकि सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) को फ्लू गैस (कोयला या तेल जलने के बाद निकला उत्सर्जन) से हटाया जा सके।
FGD की आवश्यकता क्यों?
- SO₂ एक हानिकारक गैस है जो:
- एसिड रेन का कारण बनती है,
- श्वसन संबंधी बीमारियाँ बढ़ाती है,
- पर्यावरणीय क्षरण और जनस्वास्थ्य खतरे को जन्म देती है।
- भारत जैसे देशों में जहाँ कोयला आधारित ऊर्जा उत्पादन अधिक है, वहाँ FGD अत्यंत आवश्यक है।
FGD सिस्टम कैसे काम करता है?
- वेट स्क्रबर तकनीक (Wet FGD):
- सबसे आम तकनीक, जिसमें फ्लू गैस को चूना पत्थर (Limestone) slurry से गुजारा जाता है।
- SO₂ गैस, चूने के साथ प्रतिक्रिया कर कैल्शियम सल्फाइट या जिप्सम (CaSO₄) बना लेती है।
- ड्राई और सेमी–ड्राई सिस्टम भी उपयोग में हैं, लेकिन इनकी क्षमता व लागत भिन्न होती है।
क्या है SO₂?
- सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) एक रंगहीन, तीखी गंध वाली, अत्यधिक प्रतिक्रियाशील गैस है।
- यह मुख्यतः कोयले जैसे जीवाश्म ईंधनों के जलने पर उत्सर्जित होती है।
SO₂ का स्रोत
- थर्मल पावर प्लांट्स (विशेषकर कोयला आधारित),
- रिफाइनरी, इस्पात संयंत्र,
- ज्वालामुखी विस्फोट (प्राकृतिक स्रोत),
- औद्योगिक प्रक्रियाएँ (जैसे खनिज शोधन और कागज निर्माण)
SO₂ के स्वास्थ्य और वायु गुणवत्ता पर प्रभाव
- श्वसन स्वास्थ्य पर प्रभाव (Respiratory Health Impacts)
- SO₂ श्वसन तंत्र को उत्तेजित करता है, जिससे खांसी, सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्थमा रोगियों के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक है।
- PM2.5 कणों का निर्माण
- वायुमंडल में SO₂ सल्फेट एयरोसोल में परिवर्तित हो जाता है, जो PM2.5 का प्रमुख घटक होता है।
- PM2.5 बेहद महीन कण होते हैं जो फेफड़ों में गहराई तक पहुंचते हैं और गंभीर श्वसन एवं हृदय रोग का कारण बन सकते हैं।
- दृश्यता में कमी और पारिस्थितिक क्षति
- SO₂ धुंध (Haze) और एसिड रेन का कारण बनता है।
- इससे फसलें, मिट्टी और जल स्रोत प्रभावित होते हैं — मिट्टी की अम्लता बढ़ जाती है जिससे कृषि उत्पादन घटता है।
भारत और SO₂
- भारत दुनिया का सबसे बड़ा SO₂ उत्सर्जक है।
- इसका प्रमुख कारण है कोयला–आधारित ऊर्जा उत्पादन की उच्च निर्भरता।
- पर्यावरणीय एजेंसियाँ जैसे CPCB और MoEFCC इस पर नियंत्रण हेतु दिशा-निर्देश जारी कर चुकी हैं (जैसे FGD सिस्टम की अनिवार्यता)।