EHe
संदर्भ:
वैज्ञानिकों ने एक दुर्लभ प्रकार के तारे A980 में एक अद्भुत अंतरिक्षीय रहस्य खोजा है, जो एक्सट्रीम हीलियम (EHe) सितारों की श्रेणी में आता है। यह तारा असाधारण रूप से अधिक मात्रा में जर्मेनियम नामक धातु रखता है — जो इससे पहले कभी भी इस प्रकार के तारों में नहीं देखी गई थी।
एक्सट्रीम हीलियम स्टार (EHe) के बारे में
- यह एककम-द्रव्यमान सुपरजायंट तारा (low-mass supergiant) होता है, जिसमें हाइड्रोजन की मात्रा लगभग न के बराबर होती है।
- ये दुर्लभ और रहस्यमय तारे सामान्य तारों (जैसे सूर्य) की तुलना मेंमुख्य रूप से हीलियम से बने होते हैं, जबकि सामान्य तारे अधिकांशतः हाइड्रोजन से बने होते हैं।
- वैज्ञानिकों का मानना है कि EHe स्टार का निर्माण तब होता है जब एककार्बन–ऑक्सीजन व्हाइट ड्वार्फ का एक हल्के हीलियम व्हाइट ड्वार्फ से विलय हो जाता है।
- अब तक हमारी आकाशगंगा में ऐसे21 तारे खोजे जा चुके हैं।
- इन तारों कातापमान 8000 से 35000 केल्विन के बीच होता है।
- पहलाएक्सट्रीम हीलियम स्टार, HD 124448, को 1942 में टेक्सास के McDonald Observatory में डैनियल एम. पॉपर (Daniel M. Popper) द्वारा खोजा गया था, जो यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो से जुड़े थे।
जर्मेनियम के बारे में:
- यह एक रासायनिक तत्व है, जो आवर्त सारणी के समूह 14 (Group 14 / IVa) में सिलिकॉन और टिन के बीच स्थित है।
- इसका रासायनिक प्रतीक (Symbol) Ge है और परमाणु क्रमांक (Atomic Number) 32 है।
- यह एक चमकीला धूसर रंग का मेटलॉयड होता है, जिसकी विशेषताएँ धातु और अधातु दोनों के बीच की होती हैं।
- इसमें हीरे जैसी क्रिस्टलीय संरचना होती है, और यह रासायनिक तथा भौतिक गुणों में सिलिकॉन से मिलता-जुलता होता है।
- यह वायु और जल में स्थिर होता है तथा क्षार (alkalis) और अम्लों का प्रभाव नहीं झेलता, सिवाय नाइट्रिक एसिड के।