Apni Pathshala

खाद्य सुरक्षा के लिए कृषि में महिलाओं को सशक्त बनाना (Empowering Women in Agriculture for Food Security) | UPSC Preparation

Empowering Women in Agriculture for Food Security

Empowering Women in Agriculture for Food Security

संदर्भ:

“वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा — एक ऐसा महत्वपूर्ण कदम जो महिलाओं की भूमिका को कृषि क्षेत्र में सम्मान और पहचान देने के लिए उठाया गया है। इस वर्ष का मुख्य उद्देश्य है – मजबूत और सतत (sustainable) कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना और महिला किसानों को समान अधिकार व अवसर प्रदान करना। यह पहल न केवल कृषि के विकास को दिशा देगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी।”

घोषणा का उद्देश्य:

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष (International Year of the Woman Farmer) घोषित किया है, ताकि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी जा सके।

मुख्य उद्देश्य:

(Empowering Women in Agriculture for Food Security)

कृषि में महिलाओं की अहम भागीदारी को पहचान देना:

  • विकासशील देशों में महिलाओं का योगदान 60–80% खाद्य उत्पादन में है।
  • दक्षिण एशिया में कृषि श्रमिक बल का लगभग 39% महिलाएं हैं।

संरचनात्मक बाधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना:

  • महिलाओं को भूमि स्वामित्व, बाजार तक पहुंच, और क्रेडिट उपलब्धता में बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
  • भारत में केवल 14% कृषि भूमि की मालिक महिलाएं हैं, जिससे वे ऋण व सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पातीं।

लैंगिक समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना:  समावेशी नीतियों, तकनीकी पहुंच और स्वयं सहायता समूहों में भागीदारी के माध्यम से लैंगिक रूप से रूपांतरित कृषि विकास को प्रोत्साहित करना।

महिला कृषकों के लिए संस्थागत समर्थन और जलवायु अनुकूलन प्रयास

प्रमुख सरकारी पहलें:

  • भारत सरकार ने महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (MKSP) के माध्यम से महिलाओं को कृषि में कौशल विकास और संसाधनों तक पहुँच प्रदान करने की दिशा में कदम उठाया है।
  • कृषि यंत्रीकरण पर उप मिशन के अंतर्गत महिलाओं को कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाती है।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के कुल बजट का 30% हिस्सा महिला किसानों के लिए आरक्षित किया गया है।

इन पहलों का उद्देश्य:

  • कृषि क्षेत्र में लैंगिक असमानता को कम करना।
  • महिलाओं को ऋण, तकनीक, इनपुट और स्थायी कृषि पद्धतियों तक सुलभता देना।

चुनौतियाँ: इन कार्यक्रमों की सफलता इनकी पहुँच, क्रियान्वयन की गुणवत्ता और अनुकूल परिवेश पर निर्भर करती है।

जलवायु परिवर्तन और लैंगिक संवेदनशीलता:

  • जलवायु परिवर्तन ने महिलाओं की समस्याओं को और बढ़ा दिया है, विशेषकर असम जैसे बाढ़-प्रवण राज्यों में।

ENACT परियोजना (WFP, असम सरकार और नार्वे सरकार द्वारा समर्थित) के अंतर्गत:

  • जलवायु सहनशील फसलें और विविध आजीविका के विकल्पों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • 300 से अधिक महिला किसानों को मोबाइल के माध्यम से साप्ताहिक मौसम और कृषि सलाह दी जा रही है।
  • Climate Adaptation Information Centresके ज़रिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और सामुदायिक बैठकों से ज्ञान साझा किया जा रहा है।

आगे का रास्ता:

साझेदारी और व्यापक समाधान

  • ENACT परियोजना बहु-हितधारक सहयोग की शक्ति को दर्शाती है।
  • इसमें राज्य विभागों, मौसम संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और ग्रामीण आजीविका मिशनों की भागीदारी है।
  • यह महिलाओं की कृषि संबंधी असुरक्षाओं को दूर करने के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाती है।

स्मार्ट बीज उत्पादन प्रणाली, बाजार से जुड़ाव और पोषक तत्वों से भरपूर स्थानीय किस्मों की खेती को बढ़ावा देती है।

Download Today Current Affairs PDF

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top