कैटफ़िश की एक नई प्रजाति की खोज, Exostoma Nasibarbatum रखा गया नाम
संदर्भ:
हाल ही में शोधकर्ताओं ने मणिपुर में मीठे पानी की मछली की एक अत्यंत दुर्लभ प्रजाति की खोज की, जिसे एक्सोस्टोमा नासिबारबेटम (Exostoma Nasibarbatum) नाम दिया गया।

Image Credit: https://www.facebook.com/FishInTheNews
एक्सोस्टोमा नासिबारबेटम के बारे में:
- खोज स्थल: दुर्लभ मछली Exostoma Nasibarbatum को मणिपुर के चंदेल जिले (Chandel District Manipur) के सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में खोजी गई।
- यह विशिष्ट प्रजाति म्यांमार सीमा के पास चिंदविन नदी प्रणाली (Chindwin River System) के अंतर्गत पाई गई है।
- यह चिंदविन नदी की सहायक दुजांग नदी (Dujang River) में मिलने वाली बुपाल धारा (Bupal Stream) के मत्स्य सर्वेक्षण के दौरान पाई गई।
- प्राकृतिक आवास (Habitat): एक्सोस्टोमा नासिबारबेटम तेज गति से बहने वाली, अशांत पहाड़ी धाराओं (Torrential Hill Streams) में निवास करती है, जहाँ पानी का तल बड़े पत्थरों और चट्टानी सतहों (Boulder-strewn Substrates) से युक्त होता है।
- अग्रणी शोधकर्ता: इस खोज का नेतृत्व धनमंजुरी विश्वविद्यालय (Dhanamanjuri University) के प्राणीशास्त्र विभाग (Department of Zoology) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बुंगडोन शांगनिंगम (Dr Bungdon Shangningam) ने किया।
- सहयोगी शोधकर्ता: इस टीम में विश्वविद्यालय की पीएचडी स्कॉलर पाया तोरीशा अनाल (Paya Torisha Anal) भी शामिल थीं।
- वैज्ञानिक प्रकाशन: इस नई प्रजाति का विस्तृत विवरण और वर्गीकरण टैक्सोनॉमी के विख्यात वैश्विक जर्नल जर्नल ऑफ नेचुरल हिस्ट्री (Journal of Natural History) में नवंबर 2026 को प्रकाशित किया गया।
- वैज्ञानिक वर्गीकरण (Scientific Classification): टैक्सोनॉमिक पदानुक्रम के अनुसार इस कैटफ़िश प्रजाति की खोज (Catfish Species Discovery) का वर्गीकरण निम्न प्रकार है:
- गण (Order): सिलुरिफॉर्म्स (Siluriformes)
- कुल (Family): सिसोरीडे (Sisoridae)
- उपकुल (Subfamily): ग्लाइप्टोस्टर्निनै (Glyptosterninae)
- वंश (Genus): एक्सोस्टोमा (Exostoma)
- वैज्ञानिक नाम: Exostoma nasibarbatum
- शारीरिक एवं रूपात्मक अनुकूलन:
- चपटा शरीर (Flattened Body): पानी के प्रचंड घर्षण को कम करने के लिए इसका सिर और शरीर अत्यधिक लंबवत चपटा (Strongly Flattened) होता है।
- चिपकने वाले पंख (Adhesive Fins): इसके युग्मित पंख (Paired Fins) बड़े होते हैं, जिन पर बारीक चिपकने वाली धारियाँ (Adhesive Striae) बनी होती हैं। यह संरचना इसे पानी के तेज बहाव में भी चट्टानों से मजबूती से चिपके रहने में मदद करती है।
- मैक्सिलरी बार्बल्स (Maxillary Barbels): इसकी मैक्सिलरी मूंछें (बार्बल्स) चपटी होती हैं जो चट्टानी सतहों पर इसकी पकड़ को सुदृढ़ करती हैं। कैटफ़िश का मैक्सिला भाग छोटा होने के कारण ये कार्प मछलियों की तरह अपना मुंह बाहर की ओर नहीं निकाल पाती हैं।
- त्वचा की बनावट: सामान्य कैटफ़िश की तरह इनके शरीर पर कोई शल्क (Scales) नहीं होते हैं।
नोट: एक्सोस्टोमा (Exostoma) मीठे पानी में पाई जाने वाली कैटफ़िश (Catfish) मछलियों का एक जैविक वंश (Genus) है। यह मछलियां मुख्य रूप से एशिया के पहाड़ी झरनों और तेज बहाव वाली नदियों में पाई जाती हैं। भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, और मणिपुर) में इस वंश की कई प्रजातियों की खोज की गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: भारत में कैटफ़िश की नई प्रजाति एक्सोस्टोमा नासिबारबेटम की खोज कहां हुई है?
उत्तर: मीठे पानी की इस नई प्रजाति (Freshwater Fish Species) की खोज मणिपुर (Manipur New Species) के चंदेल जिले में म्यांमार सीमा के पास स्थित बुपाल धारा (Bupal Stream) में की गई है।
प्रश्न 2: नई मछली प्रजाति का नाम Exostoma nasibarbatum क्यों रखा गया?
उत्तर: यह नाम लैटिन शब्दों Nasus (नाक) और Barba (दाढ़ी) से मिलकर बना है, जो इसकी आँख की कक्षा (Orbit) के पिछले हिस्से तक फैली हुई विशिष्ट लंबी नासिक मूंछों (Nasal Barbels) को दर्शाता है।
प्रश्न 3: इस नई प्रजाति की खोज किन शोधकर्ताओं ने की है?
उत्तर: इसकी खोज धनमंजुरी विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बुंगडोन शांगनिंगम और शोध छात्रा पाया तोरीशा अनाल की टीम द्वारा की गई है।
प्रश्न 4: Exostoma nasibarbatum की प्रमुख शारीरिक विशेषताएं क्या हैं?
उत्तर: इसके मुख्य लक्षणों में चपटा सिर व शरीर, चट्टानों पर चिपकने के लिए विशेष धारियों वाले पंख (Adhesive Fins) और चेहरे पर संवेदी अंगों (Chemoreceptors) के रूप में कार्य करने वाले बार्बल्स शामिल हैं।