Free Trade Agreement between India and the European Union

संदर्भ:
हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 18 वर्षों के लंबे इंतज़ार के बाद 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की आधिकारिक घोषणा की गई। इस समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा गया।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता के मुख्य बिंदु:
- बाजार पहुंच: यूरोपीय संघ ने भारत के 99.5% निर्यातों के लिए टैरिफ को शून्य करने पर सहमति दी है। भारत ने यूरोपीय संघ के 97.5% व्यापारिक मूल्य पर टैरिफ रियायतें दी हैं।
- कपड़ा और चमड़ा: भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे कपड़ा, परिधान और जूतों पर लगने वाले 10-12% शुल्क अब शून्य हो जाएंगे, जिससे निर्यात में 4-5 बिलियन डॉलर की वृद्धि की उम्मीद है।
- कृषि: चाय, कॉफी और मसालों को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
- ऑटोमोबाइल और शराब: भारत ने महंगी यूरोपीय कारों (25 लाख से ऊपर) और वाइन पर आयात शुल्क को 150-110% से घटाकर 10-30% के बीच करने पर सहमति दी है, जो एक ‘कोटा सिस्टम’ के तहत होगा।
- सेवा क्षेत्र (Services): भारत ने आईटी, शिक्षा, और वित्तीय सेवाओं सहित 102 उप-क्षेत्रों को खोला है, जबकि EU ने भारत के लिए 144 उप-क्षेत्रों में पहुंच सुनिश्चित की है।
- मोबिलिटी: कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए EU में काम करने के लिए एक व्यापक ‘मोबिलिटी फ्रेमवर्क’ तैयार किया गया है।
- CBAM (Carbon Border Adjustment Mechanism): भारत ने कार्बन टैक्स जैसे मुद्दों पर तकनीकी सहयोग और ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN) सुरक्षा प्राप्त की है।
- सुरक्षा और रक्षा: FTA के साथ-साथ, दोनों पक्षों ने एक नई ‘सुरक्षा और रक्षा साझेदारी’ पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जो साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित है।
- विशाल बाजार: यह समझौता 2 बिलियन लोगों के बाजार को जोड़ता है, जो वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है।
- द्विपक्षीय व्यापार: वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-EU वस्तु व्यापार लगभग 136.5 बिलियन डॉलर रहा, जिसमें भारत 15 बिलियन डॉलर के व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) में है।
- प्रभावी होने की तिथि: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, समझौते का कानूनी सत्यापन (legal scrubbing) तेज़ गति से किया जाएगा और इसे कैलेंडर वर्ष 2026 के भीतर लागू किए जाने की संभावना है।
आगे की राह:
हालांकि वार्ता आधिकारिक रूप से संपन्न हो चुकी है, लेकिन अभी इसे यूरोपीय संसद और 27 सदस्य देशों द्वारा अनुसमर्थन की आवश्यकता है। कानूनी समीक्षा के बाद इसे पूर्णतः लागू किया जाएगा।
