Google open-source translation model TranslateGemma
संदर्भ:
हाल ही में गूगल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए TranslateGemma नामक ओपन-सोर्स अनुवाद मॉडल लॉन्च किया है।
TranslateGemma के बारे में:
TranslateGemma गूगल द्वारा पेश किया गया एक आधुनिक ओपन-सोर्स AI मॉडल परिवार है, जिसे विशेष रूप से उच्च गुणवत्ता वाले भाषा अनुवाद (Machine Translation) के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे गूगल के ‘Gemma’ आर्किटेक्चर (Gemma 2 और Gemma 3) पर बनाया गया है।
TranslateGemma की विशेषताएं:
- तीन मॉडल आकार: यह तीन श्रेणियों— 4B (4 बिलियन), 12B, और 27B पैरामीटर्स में उपलब्ध है।
- 4B मॉडल: इसे स्मार्टफ़ोन और लो-मेमोरी ‘एज’ डिवाइस पर सीधे चलाया जा सकता है।
- 12B मॉडल: यह लैपटॉप के लिए उपयुक्त है और प्रदर्शन के मामले में पुराने 27B बेसलाइन मॉडल से भी बेहतर परिणाम देता है।
- 27B मॉडल: यह उच्च सटीकता के साथ क्लाउड सर्वर पर उपयोग के लिए बनाया गया है।
- 55 भाषाओं का समर्थन: यह मॉडल हिंदी, बंगाली, गुजराती, मराठी, मलयालम, असमिया और कन्नड़ सहित 11 भारतीय भाषाओं और कुल 55 वैश्विक भाषाओं में अनुवाद करने में सक्षम है।
- मल्टीमॉडल क्षमता: यह टेक्स्ट के साथ साथ छवियों (Images) के भीतर मौजूद टेक्स्ट का भी अनुवाद कर सकता है, जो पर्यटन और दस्तावेज़ स्कैनिंग में अत्यंत उपयोगी है।
- तकनीकी प्रशिक्षण: इसे ‘रीइन्फोर्समेंट लर्निंग’ (RL) तकनीक से प्रशिक्षित किया गया है, जिससे यह अनुवाद को केवल शाब्दिक न रखकर, संदर्भ के अनुसार अधिक स्वाभाविक और सटीक बनाता है।
महत्व:
- शासन और समावेशन: भारत जैसे बहुभाषी देश में, TranslateGemma जैसे ओपन-सोर्स मॉडल के माध्यम से, डेवलपर्स ऐसी सरकारी ऐप्स बना सकेंगे, जो ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिना इंटरनेट के स्थानीय बोलियों में अनुवाद प्रदान करें।
- डिजिटल संप्रभुता: ‘ओपन-सोर्स’ होने के कारण भारतीय स्टार्टअप और शोधकर्ता (जैसे Sarvam AI) इस मॉडल का उपयोग अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार ‘Fine-tuning’ करने के लिए कर सकते हैं।
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: यह मॉडल AI के ‘डेमोक्रेटाइजेशन’ (लोकतंत्रीकरण) का उदाहरण है। यह दर्शाता है कि कैसे कम कंप्यूटिंग शक्ति (जैसे लैपटॉप या फोन) पर भी उच्च गुणवत्ता वाले AI मॉडल चलाए जा सकते हैं।

