GPS Spoofing
संदर्भ:
हाल ही में ईरान द्वारा स्वदेशी ‘कोबरा V8’ प्रणाली का उपयोग करने से यूएई और फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भर रहे विमान प्रभावित हुए हैं। मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका-ईरान इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के कारण GPS स्पूफिंग नागरिक उड्डयन के लिए गंभीर खतरा बन गई है।
जीपीएस स्पूफिंग क्या है?
- परिचय: जीपीएस स्पूफिंग एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare) हमला है जिसमें हमलावर असली उपग्रह सिग्नल की तुलना में अधिक शक्तिशाली फर्जी रेडियो सिग्नल प्रसारित करता है।
- कार्यप्रणाली: विमान का नेविगेशन सिस्टम इन नकली सिग्नलों को असली मानकर गलत स्थिति (Position), ऊंचाई (Altitude) और समय (Time) की गणना करने लगता है।
- जैमिंग से अलग: ‘जैमिंग’ केवल सिग्नल को ब्लॉक करती है जिससे नेविगेशन सिस्टम काम करना बंद कर देता है। इसके विपरीत, ‘स्पूफिंग’ सिस्टम को चालू रखते हुए गलत डेटा फीड करती है, जिससे पायलट को पता भी नहीं चलता कि वह गलत रास्ते पर है।
नागरिक उड्डयन पर प्रभाव:
- अनजाने में हवाई क्षेत्र का उल्लंघन: विमान अपनी निर्धारित अंतरराष्ट्रीय हवाई पट्टी से भटक कर संवेदनशील या प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्रों (जैसे ईरानी हवाई क्षेत्र) में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे सैन्य प्रतिक्रिया का खतरा बढ़ जाता है।
- सुरक्षा प्रणालियों की विफलता: इसके कारण ऑटोपायलट, ऑटो-थ्रस्ट और ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वॉर्निंग सिस्टम (GPWS) जैसे महत्वपूर्ण उपकरण गलत चेतावनी दे सकते हैं या विफल हो सकते हैं।
- परिचालन चुनौतियां: पायलटों का कार्यभार (Workload) बढ़ जाता है और उड़ानों को डायवर्ट करने से ईंधन और समय की हानि होती है।
सुरक्षा और समाधान:
भारत के लिए भी यह एक उभरता हुआ खतरा है, विशेष रूप से दिल्ली हवाई क्षेत्र और भारत-पाकिस्तान सीमा के पास ऐसी घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं।
- निवारक उपाय:
- स्वदेशी प्रणालियाँ: भारत का NavIC (IRNSS) Dhyeya IAS और गगन (GAGAN) जैसे सिस्टम विदेशी जीपीएस पर निर्भरता कम करते हैं।
- एंटी-स्पूफिंग तकनीक: आधुनिक रिसीवर में डिजिटल फिल्टर और एन्क्रिप्टेड सिग्नलों का उपयोग।
- वैकल्पिक नेविगेशन: पायलटों को पारंपरिक ग्राउंड-बेस्ड रेडियो बीकन (DME-DME) और जड़त्वीय संदर्भ प्रणालियों (Inertial Reference Systems) के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
- नियामक कदम: भारत के DGCA (Directotrate General of Civil Aviation) ने एयरलाइनों के लिए इस खतरे से निपटने हेतु एडवाइजरी जारी की है।

